कुरुक्षेत्र। साइबर अपराधों से बचाने के लिए जिला पुलिस अलग-अलग तरीकों से आमजन को जागरूक कर रही है। इसके तहत पुलिस विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने बताया कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने तरीके भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिेये लोगों को कभी पेंशन स्कीम का लालच देते हैं, तो कभी सोशल मीडिया शादी निमंत्रण कार्ड भेजकर, कभी फर्जी लोन एप के माध्यम से, कभी बिना ऑर्डर का पार्सल भेजकर और कभी किसी व्यक्ति की ई-मेल, फेसबुक आईडी पर शादी के निमंत्रण पत्र के रूप में लिंक भेजकर शातिर उनको साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई किसी भी फोटो पर क्लिक न करे, बैंकिंग एप को सुरक्षित लॉक करके रखें और अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से साझा करने से बचें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर जालसाजी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है जागरूक होना। उसके बाद भी अगर ठगी हो जाए तो नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।