{"_id":"61439bbe8ebc3eb6e5223e9f","slug":"governor-worshiped-in-vaman-dwadashi-fair-kurukshetra-news-knl83452332","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यपाल ने वामन द्वादशी मेले में मंत्रोच्चारण के बीच किया सन्निहित तीर्थ पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यपाल ने वामन द्वादशी मेले में मंत्रोच्चारण के बीच किया सन्निहित तीर्थ पूजन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वामन द्वादशी मेले पर मंत्रोच्चारण के बीच सन्निहित सरोवर के पावन तट पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने तीर्थ पूजा की और भगवान वामन के हिंडोले की पूजा अर्चना करके परंपरा अनुसार हवन यज्ञ में पूर्ण आहुति डाली। इस दौरान शहर की लगभग सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का सम्मान किया। इतना ही नहीं 25 सालों के बाद वामन द्वादशी मेले को फिर से शुरू करने और सन्निहित सरोवर पर भगवान वामन के हिंडोले की पूजा अर्चना करने पर श्री ब्राह्मण तीर्थोद्धार सभा के संरक्षक जय नारायण शर्मा, प्रधान पवन शास्त्री, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने राज्यपाल के साथ-साथ अन्य मेहमानों का स्वागत किया।
इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को पुराणों को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। इससे समाज में नैतिक मूल्यों का उत्थान होगा। इन नैतिक मूल्यों से ही युवा पीढ़ी का विकास होगा। इतना ही नहीं जिस समाज में नैतिक मूल्य नहीं होते, वह समाज ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकता है। इसलिए नैतिक मूल्यों के संचार के लिए वामन द्वादशी जैसे उत्सवों को मनाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि वामन द्वादशी उत्सव में उपस्थित होकर स्वयं को पुण्य का भागीदार मान रहा हूं।
उन्होंने कहा कि विगत दो दशकों से भी अधिक समय से किन्हीं कारणों से कुरुक्षेत्र की पौराणिक पहचान को समर्पित इस पर्व का आयोजन बंद हो गया था। अभी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस मेले को पुनर्जीवित किया गया है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने इसी पावन धरा पर मानवता को गीता का उपदेश दिया था। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता स्थली कुरुक्षेत्र में कुछ चीजें विलुप्त हो रही थीं, इन विलुप्त उत्सवों व मेलों को फिर से पुनर्जीवित करने का काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि 1997 के बाद सन्निहित सरोवर पर शहर की सभी संस्थाओं के सहयोग से वामन द्वादशी मेले का शुभारंभ हुआ है। इससे प्राचीन संस्कृति और संस्कारों को सहेजने की तरफ एक कदम आगे बढ़ाया गया है। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा और यह मेला भी पूरे विश्व में जाना जाएगा।
इस कार्यक्रम के मंच का संचालन आरएसएस के सहविभाग कार्यवाह डॉ. प्रीतम सिंह ने किया। इस मौके पर खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री संदीप सिंह, टीडी बोर्ड के सदस्य जनार्धन रेड्डी, जया वाणी रेड्डी, भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. पवन सैनी, भाजपा के जिला प्रभारी मेहर चंद गहलोत, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, महंत बंसी पुरी, भद्रकाली पीठ के अध्यक्ष सतपाल शर्मा, हरिओम प्रवाजक, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, कुलपति प्रोफेसर सोमदत्त सचदेवा व बलदेव धीमान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को पुराणों को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। इससे समाज में नैतिक मूल्यों का उत्थान होगा। इन नैतिक मूल्यों से ही युवा पीढ़ी का विकास होगा। इतना ही नहीं जिस समाज में नैतिक मूल्य नहीं होते, वह समाज ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकता है। इसलिए नैतिक मूल्यों के संचार के लिए वामन द्वादशी जैसे उत्सवों को मनाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि वामन द्वादशी उत्सव में उपस्थित होकर स्वयं को पुण्य का भागीदार मान रहा हूं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विगत दो दशकों से भी अधिक समय से किन्हीं कारणों से कुरुक्षेत्र की पौराणिक पहचान को समर्पित इस पर्व का आयोजन बंद हो गया था। अभी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस मेले को पुनर्जीवित किया गया है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने इसी पावन धरा पर मानवता को गीता का उपदेश दिया था। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता स्थली कुरुक्षेत्र में कुछ चीजें विलुप्त हो रही थीं, इन विलुप्त उत्सवों व मेलों को फिर से पुनर्जीवित करने का काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि 1997 के बाद सन्निहित सरोवर पर शहर की सभी संस्थाओं के सहयोग से वामन द्वादशी मेले का शुभारंभ हुआ है। इससे प्राचीन संस्कृति और संस्कारों को सहेजने की तरफ एक कदम आगे बढ़ाया गया है। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा और यह मेला भी पूरे विश्व में जाना जाएगा।
इस कार्यक्रम के मंच का संचालन आरएसएस के सहविभाग कार्यवाह डॉ. प्रीतम सिंह ने किया। इस मौके पर खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री संदीप सिंह, टीडी बोर्ड के सदस्य जनार्धन रेड्डी, जया वाणी रेड्डी, भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. पवन सैनी, भाजपा के जिला प्रभारी मेहर चंद गहलोत, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, महंत बंसी पुरी, भद्रकाली पीठ के अध्यक्ष सतपाल शर्मा, हरिओम प्रवाजक, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, कुलपति प्रोफेसर सोमदत्त सचदेवा व बलदेव धीमान उपस्थित रहे।