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धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में हो रहे अखंड भारत के दर्शन
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:37 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा रहे गीता जयंती महोत्सव में एक और नया इतिहास बनने जा रहा है। इस इतिहास को गीता स्थली कुरुक्षेत्र में देश के 574 जिलों से आने वाले 600 से ज्यादा प्रतिनिधि स्वर्ण अक्षरों से लिखेंगे। इस कर्मभूमि में पहली बार एक छत के नीचे अखंड भारत के दर्शन होंगे और देश की तमाम भाषाओं का संगम होगा। अनेक जिलों के प्रतिनिधि सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे और अन्य प्रतिनिधि मंगलवार को पहुंच जाएंगे। इस इतिहास के साक्षी स्वयं देश के प्रथम व्यक्ति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बनेंगे।
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बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गीता जयंती महोत्सव 2015 के दौरान घोषणा की गई थी कि इस गीता स्थली में अखंड भारत के दर्शन होने चाहिए। इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम महोत्सव के दौरान किया गया है। इसकी अहम भूमिका एकल अभियान भारत लोक शिक्षा परिषद और भारत लोक शिक्षा परिषद के साथ-साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और जिला प्रशासन की रही है। इस महोत्सव में 574 जिलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की आमंत्रित करने की कमान 70 लोगों की कमेटी ने संभाली थी और इस राष्ट्रीय कमेटी का प्रतिनिधित्व भारत लोक शिक्षा परिषद के श्याम गुप्त और माधवेन्द्रा सिंह कर रहे हैं।
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किस राज्य से कितने प्रतिनिधि पहुंचे
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजन समिति के सदस्य एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि आंध्रप्रदेश से 6, अरुणाचल प्रदेश से 6, असम से 48, बिहार से 39, छत्तीसगढ़ से 22, गुजरात से 27, हरियाणा से 17, हिमाचल प्रदेश से 44, जम्मू एंड कश्मीर से 47, झारखंड से 29, कर्नाटक से 17, मध्य प्रदेश से 50, महाराष्ट्र से 33, मणीपुर से 5, उड़ीसा से 35, पंजाब से 23, राजस्थान से 20, सिक्किम से 2, तमिलनाडु से 14, त्रिपुरा से 7, उत्तराखंड से 11, उत्तर प्रदेश से 108, पश्चिम बंगाल से 24, दिल्ली से 6 व अन्य प्रदेशों व केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधि अपने-अपने प्रदेशों की वेशभूषा और अपने देश की माटी लेकर पहुंच रहे है। इस माटी से भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति बनेंगी।
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ये है राज्यों के संयोजक
इन राज्यों के संयोजकों में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा व मणीपुर से कर्ण गौड,़ बंगाल और सिक्किम से मंगल पांडे, उड़ीसा से रणजीत केएम स्वीन, छत्तीसगढ़ से जगदीश सिडार, झारखंड से दलीप महतो, बिहार से संतोष शोले, पूर्वी यूपी से राघवेन्द्रा सैनी, सेंट्रल यूपी से ओम प्रकाश, पश्चिमी यूूपी से प्रहलाद प्रसाद, हिमाचल से संसार चंद, जम्मू कश्मीर और पंजाब से नीरज ठाकुर, राजस्थान और हरियाणा से दिनेश पवार, पश्चिमी मध्यप्रदेश से दलीप वाडिवा, पूर्वी मध्यप्रदेश से चंद्रभान सोनी, महाराष्ट्र और गुजरात से तुलसी राम, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से के राघवेन्द्र, कर्नाटका से अदृश्या, तमिलनाडू और केरल से कालीदाशन, हरियाणा से पुष्पा का नाम शामिल है। उन्होंने बताया कि आंध्रप्रदेश से आरसी पुलाह, आरपी पुलाह, यू गोविंदाराजूलू, के राघवेन्द्र, वी लक्ष्मीनरसिम्हा केरमन, हेबातम इराना, अरुणाचल प्रदेश से मकपक पेयांग, हिलांग तेजाक, तबांग जमोह, अदिल तोको, तोको नाटुंग, तद्दर घागुम, असम से माटीराम चंद्र ब्रहमा, रुपम देका, बृज कुरमी, विद्युत राय, देबब्रता चौधरी, संसूरंग देमरी, दीपक चक्रव्रती, संभूनाथ बर्मन, संतीराम बस्थौला, परबीर केआर बरुहा, अजोय बैलुंग, अभिजीत नाथ, रणजीत केआर कलीता, बिश्वजीत दास, बाबुल नुनिया, दिओ कुमार बुरमी, मंटू शर्मा, अनिरुद्धा तालुकदार, बिरेन्द्रा हेन्स, अजोय केआर नारजेरी, मणिक कलिता, नीलाकंटा पेगू, राजू यादव, बेदाब्रता शर्मा, मृनल शर्मा, राजीब दत्ता, रुप रेखा बरुहा, देवराज सपकोटा, मोन तोकबी, बॉबी साईका, सुकलाल प्रजा, ब्रिंची बोरा, निताई दास, निपती चकलद, कर्णा गौड, राधाकांत शाह, पुष्प कुमार लुमाउ, रुपाली हजारिका, केएच. गोपाल मितैयी सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचे हैं।
डीपीसी अरुण आश्री देख रहे हैं प्रतिनिधियों की व्यवस्था
प्रशासन की तरफ से राजकीय सीनियर मॉडल स्कूल के प्रांगण में सभी प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके नोडल अधिकारी डीपीसी अरुण आश्री बनाए गए है। इसके अलावा अलग-अलग कमेटियों की कमान रमेश कुमार, रणबीर सिंह, अमरजीत शर्मा, मामराज, संतोष चौहान, राजेंद्र सिंह, विनोद कौशिक, राम मेहर अत्री, रमेश शर्मा, बलवंत वत्स, बलजीत मलिक, सुशील त्यागी को सौंपी गई है।