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मांगों को लेकर किसानों ने किया बिजली बोर्ड एक्सईएन कार्यालय का घेराव
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भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मांगों को लेकर बुधवार को एक्सईएन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामू माजरा के नेतृत्व में किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि जब खेतों में जब किसानों का ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है तो बिजली विभाग की ओर से उसे त्वरित आधार पर नहीं बदला जाता बल्कि इसके लिए उन्हें विभाग के कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी और आर्थिक नुकसान भी होता है। राकेश बैंस ने कहा कि नियमों के मुताबिक खेतों का ट्रांसफार्मर खराब होने की सूरत में उसे 48 घंटे के भीतर बदला जाना चाहिए। जसबीर सिंह मामू माजरा ने कहा कि जब बिजली विभाग ने मीटर बाहर लगाए हुए हैं तो बेवक्त बिजली विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर छापामारी क्यों करती है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग ने कुछ लोगों को लोड बढ़ाने की सूचना जारी की थी लेकिन सूचना की अवधि पूरी भी नहीं हुई थी कि विभाग ने छापा मारना और जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि एक्सईएन बिजली बोर्ड किसानों से आकर बात करे नहीं तो किसान अगली रणनीति अपनाएंगे।
किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर एक्सईएन नसीब सिंह किसानों के बीच में पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि खेतों में किसान का ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसकी सूचना मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर को बदलने की व्यवस्था कर दी जाएगी। विभाग के पास 16 और 20 केपेसिटी के ट्रांसफार्मर की कमी थी लेकिन उसकी एवज में हायर केपेसिटी 25 का ट्रांसफार्मर किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। बिजली चोरी पकड़ना विभाग का काम है। अगर कहीं बिजली चोरी की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। उनके इस आश्वासन के बाद ही किसानों ने धरने को समाप्त कर दिया।
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चेतावनी के चलते सुबह 6 बजे बदला ट्रांसफार्मर
उल्लेखनीय है कि दो दिन पर मदनपुर के किसान राजा राम के खेतों का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। कई चक्कर लगाने पड़े लेकिन उसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर उस किसान ने भाकियू से संपर्क किया और भाकियू ने बुधवार को एक्सईएन कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। इसके बाद बिजली विभाग ने बुधवार को सुबह 6 बजे मदनपुर के किसान का ट्रांसफार्मर बदल दिया।
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प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि जब खेतों में जब किसानों का ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है तो बिजली विभाग की ओर से उसे त्वरित आधार पर नहीं बदला जाता बल्कि इसके लिए उन्हें विभाग के कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी और आर्थिक नुकसान भी होता है। राकेश बैंस ने कहा कि नियमों के मुताबिक खेतों का ट्रांसफार्मर खराब होने की सूरत में उसे 48 घंटे के भीतर बदला जाना चाहिए। जसबीर सिंह मामू माजरा ने कहा कि जब बिजली विभाग ने मीटर बाहर लगाए हुए हैं तो बेवक्त बिजली विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर छापामारी क्यों करती है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग ने कुछ लोगों को लोड बढ़ाने की सूचना जारी की थी लेकिन सूचना की अवधि पूरी भी नहीं हुई थी कि विभाग ने छापा मारना और जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि एक्सईएन बिजली बोर्ड किसानों से आकर बात करे नहीं तो किसान अगली रणनीति अपनाएंगे।
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किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर एक्सईएन नसीब सिंह किसानों के बीच में पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि खेतों में किसान का ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसकी सूचना मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर को बदलने की व्यवस्था कर दी जाएगी। विभाग के पास 16 और 20 केपेसिटी के ट्रांसफार्मर की कमी थी लेकिन उसकी एवज में हायर केपेसिटी 25 का ट्रांसफार्मर किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। बिजली चोरी पकड़ना विभाग का काम है। अगर कहीं बिजली चोरी की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। उनके इस आश्वासन के बाद ही किसानों ने धरने को समाप्त कर दिया।
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चेतावनी के चलते सुबह 6 बजे बदला ट्रांसफार्मर
उल्लेखनीय है कि दो दिन पर मदनपुर के किसान राजा राम के खेतों का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। कई चक्कर लगाने पड़े लेकिन उसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर उस किसान ने भाकियू से संपर्क किया और भाकियू ने बुधवार को एक्सईएन कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। इसके बाद बिजली विभाग ने बुधवार को सुबह 6 बजे मदनपुर के किसान का ट्रांसफार्मर बदल दिया।