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Kurukshetra News: मुखर होंगे देश के किसान संगठन, दिल्ली में बनेगी आंदोलन की रणनीति

Tue, 20 Jan 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 20 Jan 2026 01:48 AM IST
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Farmer organizations of the country will be vocal, strategy of movement will be made in Delhi
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी। संव
कुरुक्षेत्र। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध की तर्ज पर एक बार फिर देश भर के किसान संगठन मुखर होने की तैयारी में है।
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इसके लिए फरवरी माह में दिल्ली में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुद्दों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। किसान संगठनों को एकजुट करने का बीड़ा भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट ने कईं अन्य संगठनों के साथ उठाया है। इसका खुलासा सोमवार को यूनियन अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से चर्चा में किया।
उन्होंने कहा कि एक बार फिर समय आ गया है कि पहले की तरह सभी किसान संगठन एकजुट हों और केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों का करारा जवाब दें, तभी किसान व कृषि बच सकेगी। इसके लिए सभी संगठनों से संपर्क साधने का प्रयास शुरू कर दिया गया है और जल्द ही दिल्ली में की जाने वाली बैठक की तिथि भी घोषित कर दी जाएगी।
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चढूनी ने कहा कि आज डब्ल्यूटीओ की नीतियों का खामियाजा हमारे देश के किसान भुगत रहे हैं। हमारी केंद्रीय सरकार भी इन नीतियों में सिमट गई है। आज अमेरिकी फसलें भारत में आसानी से आ रही है। डब्ल्यूटीओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश का किसान किसी भी देश में फसल बेच सकता है। ऐसे में हमारी केंद्रीय सरकार ने आयात कर घटा दिए हैं जबकि निर्यात कर बढ़ा दिए हैं। हमारी फसलें दूसरे देशों में भेजी जाना आसान नहीं है जबकि दूसरे देशों की फसलें आसानी से आ रही है। सरकार को ऐसी नीति अपनानी चाहिए कि जरूरत से ज्यादा आयात न हो और सरकार डब्ल्यूटीओ की नीतियों से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने साढ़े 16 लाख करोड़ का कर्ज पूंजीपतियों का माफ कर दिया है जबकि किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रही जबकि किसान आज भी कर्ज में डूबकर आत्महत्याएं कर रहे हैं। देश के नौ लोगों के पास 50 फीसदी से ज्यादा जनसंख्या के बराबर संपत्ति है। अनाज उत्पादन करने वाला किसान खुद भूखा मरने को मजबूर है।
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ऐसे में पूरे देश के किसान को जगाना होगा और उसके लिए संयुक्त रूप से प्रयास जरूरी है। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने कहा कि 23 मार्च को पिपली में की जाने वाली रैली में प्रदेश से हुआ पांच हजार करोड़ से अधिक के घोटाले, एमएसपी के अलावा किसानों के अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। इस दौरान भाकियू चढूनी गुट के राष्ट्रीय महासचिव मनोज नागर, पूर्वी उत्तरप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह डागर, पंजाब प्रधान अमरेंद्र सिंह हैप्पी, पंजाब युवा प्रधान इंद्रपाल सिंह बैंस, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, मीडिया प्रभारी राकेश बैंस महिला प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा व राकेश रफिक सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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