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हल्की बूंदाबांदी से मौसम बदला, किसान खुश
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:18 AM IST
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शनिवार दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही, जिसके साथ ही मौसम ने करवट ले ली। मौसम में आए परिवर्तन से एक बार फिर ठंड बढ़ गई। वहीं शहर में शाम के समय रोड पर कम ही लोग नजर आए। हालांकि शुक्रवार देर रात से ही ठंडी शीत लहर चल रही थी।
सुबह सवेरे बादल छाए रहे। इसके बाद शाम तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इससे गेहूं की फसल को लाभ होगा। ज्योतिसर के किसान राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार ठंड का असर कम होने से फसल को पहले ही नुकसान हो रहा है, लेकिन अब मौसम में नमी आई है।
हलकी बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। वहीं, एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव चावला का कहना है कि मौसम में एकाएक आ रहे बदलाव के कारण रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिन में मौसम गर्म हो रहा है, लेकिन सुबह, शाम व रात को ठंड ज्यादा हो जाती है।
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ऐसे में सर्दी, जुकाम, नजला और वायरल बुखार ज्यादा होने के चांस रहते हैं। लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधान रहना चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पी. भटनागर का कहना है कि इस समय बारिश का होना गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। लेकिन तेज हवा चली तो गेहूं की फसल को नुकसान भी हो सकता है। तेज हवा से गेहूं की फसल गिर जाएगी और नुकसान ज्यादा हो जाएगा।
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सुबह सवेरे बादल छाए रहे। इसके बाद शाम तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इससे गेहूं की फसल को लाभ होगा। ज्योतिसर के किसान राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार ठंड का असर कम होने से फसल को पहले ही नुकसान हो रहा है, लेकिन अब मौसम में नमी आई है।
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हलकी बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। वहीं, एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव चावला का कहना है कि मौसम में एकाएक आ रहे बदलाव के कारण रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिन में मौसम गर्म हो रहा है, लेकिन सुबह, शाम व रात को ठंड ज्यादा हो जाती है।
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ऐसे में सर्दी, जुकाम, नजला और वायरल बुखार ज्यादा होने के चांस रहते हैं। लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधान रहना चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पी. भटनागर का कहना है कि इस समय बारिश का होना गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। लेकिन तेज हवा चली तो गेहूं की फसल को नुकसान भी हो सकता है। तेज हवा से गेहूं की फसल गिर जाएगी और नुकसान ज्यादा हो जाएगा।