{"_id":"5e7284178ebc3e6fc8491c0c","slug":"devotees-reach-pehowa-to-do-pinddan-kurukshetra-news-knl25609370","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंध के बावजूद एकादशी पर पिंडदान करवाने सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंध के बावजूद एकादशी पर पिंडदान करवाने सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे श्रद्धालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के भय के चलते प्रशासन द्वारा चैत्र चौदस मेला रद्द किए जाने के बावजूद बुधवार (एकादशी) को सैंकड़ों श्रद्घालु पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर पित्तरों के निमित्त पिंडदान कराने पहुंचे। श्रद्धालुओं के सरस्वती तीर्थ पर एकत्रित होने की भनक लगते ही प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। श्रद्घालुओं को शहर से बाहर भेजने के लिए बाकायदा सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस सहित अन्य अधिकारियों ने शहर की धर्मशाला व होटलों की जांच की।
प्रशासन की ओर से मंगलवार को बैठक कर श्रद्धालुओं को पिहोवा में प्रवेश न करने को लेकर चेक पोस्ट बनाकर उनको वहीं से वापिस भेजने के दावे किए गए थे, लेकिन प्रशासन के ये दावे नाकाफी रहे और सैकड़ों श्रद्धालु पिंडदान कराने के लिए पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। इसके अलावा कई श्रद्धालु देर शाम तीर्थ पर पहुंचे और उनको रात को ठहरने के लिए तीर्थ के पास ही ठिकाना भी मिल गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं के तीर्थ पर पहुंचने व ठहरने की भनक जैसे प्रशासन को लगी उन्होंने आनन-फानन में श्रद्धालुओं की खोजबीन करनी शुरू कर दी। शहर की कई धर्मशालाओं व होटलों का निरीक्षण किया गया तथा वहां ठहरे श्रद्धालुओं को वापस उनके गंतव्य स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि इस दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। उधर, इस मामले को एसडीएम सोनू राम ने बताया कि शाम के समय श्रद्धालु पहुंचना शुरू हुए थे जिसके लिए पुलिस सहित प्रशासन के कई अधिकारी शहर में गश्त कर रहे है। शाम के समय पिहोवा पहुंचे सभी श्रद्धालुओं को वापिस भेजा जा रहा है। जिन श्रद्घालुओं के पास कोई साधन नहीं है उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। किसी भी सूरत में पिहोवा में भीड़ को एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन होटल, धर्मशालाओं ने श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए स्थान दिया था प्रशासन की ओर से उनको नोटिस जारी किया जाएगा। मालूम हो 22 मार्च से विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला शुरू होना था, लेकिन कोरोना वायरस के खतरे के चलते प्रशासन ने इस साल मेले को रद्द का दिया गया है। हर साल मेले से पहले एकादशी पर ही हिमाचल प्रदेश से अनेक श्रद्धालु तीर्थ पर पहुंचते है।
बाक्स
पितृ कार्य के आए थे अब अगले साल करेंगे: रोशन लाल, फोटो 36
शिमला से आए श्रद्घालु रोशन लाल ने बताया कि वे अपने पित्तरों के निमित्त पिंडदान कराने के लिए शाम सात बजे करीब सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे थे और सुबह पिंडदान कराना था, लेकिन आठ बजे करीब उनको धर्मशाला से बाहर भेज दिया गया है। फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है और उनको अगले साल ही पितृ तर्पण कराने आना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से मंगलवार को बैठक कर श्रद्धालुओं को पिहोवा में प्रवेश न करने को लेकर चेक पोस्ट बनाकर उनको वहीं से वापिस भेजने के दावे किए गए थे, लेकिन प्रशासन के ये दावे नाकाफी रहे और सैकड़ों श्रद्धालु पिंडदान कराने के लिए पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। इसके अलावा कई श्रद्धालु देर शाम तीर्थ पर पहुंचे और उनको रात को ठहरने के लिए तीर्थ के पास ही ठिकाना भी मिल गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं के तीर्थ पर पहुंचने व ठहरने की भनक जैसे प्रशासन को लगी उन्होंने आनन-फानन में श्रद्धालुओं की खोजबीन करनी शुरू कर दी। शहर की कई धर्मशालाओं व होटलों का निरीक्षण किया गया तथा वहां ठहरे श्रद्धालुओं को वापस उनके गंतव्य स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि इस दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। उधर, इस मामले को एसडीएम सोनू राम ने बताया कि शाम के समय श्रद्धालु पहुंचना शुरू हुए थे जिसके लिए पुलिस सहित प्रशासन के कई अधिकारी शहर में गश्त कर रहे है। शाम के समय पिहोवा पहुंचे सभी श्रद्धालुओं को वापिस भेजा जा रहा है। जिन श्रद्घालुओं के पास कोई साधन नहीं है उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। किसी भी सूरत में पिहोवा में भीड़ को एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन होटल, धर्मशालाओं ने श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए स्थान दिया था प्रशासन की ओर से उनको नोटिस जारी किया जाएगा। मालूम हो 22 मार्च से विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला शुरू होना था, लेकिन कोरोना वायरस के खतरे के चलते प्रशासन ने इस साल मेले को रद्द का दिया गया है। हर साल मेले से पहले एकादशी पर ही हिमाचल प्रदेश से अनेक श्रद्धालु तीर्थ पर पहुंचते है।
विज्ञापन
बाक्स
पितृ कार्य के आए थे अब अगले साल करेंगे: रोशन लाल, फोटो 36
शिमला से आए श्रद्घालु रोशन लाल ने बताया कि वे अपने पित्तरों के निमित्त पिंडदान कराने के लिए शाम सात बजे करीब सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे थे और सुबह पिंडदान कराना था, लेकिन आठ बजे करीब उनको धर्मशाला से बाहर भेज दिया गया है। फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है और उनको अगले साल ही पितृ तर्पण कराने आना पड़ेगा।
विज्ञापन