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Kurukshetra News: धान की पछेती फसल पर मंडराने लगा पेनिकल माइट का खतरा
Wed, 25 Sep 2024 05:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:42 AM IST
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कुरुक्षेत्र। मौसम में बदलाव का सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है, जहां पिछले दिनों बारिश होने से पारे में कमी रही तो वहीं अब तेज धूप खिलने से पारा बढ़ने लगा है, जिससे उमस भरी गर्मी का असर फिर से देखने को मिल रहा है। इसका असर जहां जनजीवन पर पड़ रहा है तो वहीं धान की पछेती फसल पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। तेज धूप के चलते धान की पछेती फसल पर पेनिकल माइट का खतरा मंडरा रहा है, जिससे धान की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना भी बनी हुई हैं।
किसान धर्मवीर का कहना है कि मौसम में बदलाव का असर अब धान की पछेती फसलों पर देखने को मिल रहा है, जिससे धान की फसल में पेनिकल माइट (मकड़ी) का असर बढ़ा है। हालांकि कुछ दिनों पहले भी इस बीमारी का असर धान की अगेती फसलों में देखने को मिला था, जोकि बारिश न होने के कारण था, लेकिन बारिश होने पर इस बीमारी से काफी हद तक राहत मिली थी। जबकि अब फिर से तेज धूप खिलने पर इसका असर है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि पेनिकल माइट सूक्ष्म मकड़ी होती है। यह मौसम में परिवर्तन के दौरान धान की फसल को नुकसान पहुंचाती है। इस बीमारी में मकड़ी धान की बालियों से रस चूसना शुरू कर देती हैं, जिससे बाली में दूध भराव नहीं हो पाता और इसके कारण दाने विकसित नहीं होते, जिससे धान की पैदावार पर असर पड़ता है। बीमारी के रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव करना जरूरी है।
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उमस भरी गर्मी ने लोगों को किया बेहाल
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मौसम में बदलाव मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह के समय तेज धूप खिलने ही उमस भरी गर्मी का असर शुरू हो गया, जबकि दोपहर को हल्के बादल भी छा गए। हालांकि दोपहर बाद फिर से तेज धूप खिल उठी, जिससे गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगा और लोगों को पंखों, कूलरों और एसी का सहारा लेना पड़ा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है।
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किसान धर्मवीर का कहना है कि मौसम में बदलाव का असर अब धान की पछेती फसलों पर देखने को मिल रहा है, जिससे धान की फसल में पेनिकल माइट (मकड़ी) का असर बढ़ा है। हालांकि कुछ दिनों पहले भी इस बीमारी का असर धान की अगेती फसलों में देखने को मिला था, जोकि बारिश न होने के कारण था, लेकिन बारिश होने पर इस बीमारी से काफी हद तक राहत मिली थी। जबकि अब फिर से तेज धूप खिलने पर इसका असर है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि पेनिकल माइट सूक्ष्म मकड़ी होती है। यह मौसम में परिवर्तन के दौरान धान की फसल को नुकसान पहुंचाती है। इस बीमारी में मकड़ी धान की बालियों से रस चूसना शुरू कर देती हैं, जिससे बाली में दूध भराव नहीं हो पाता और इसके कारण दाने विकसित नहीं होते, जिससे धान की पैदावार पर असर पड़ता है। बीमारी के रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव करना जरूरी है।
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उमस भरी गर्मी ने लोगों को किया बेहाल
मौसम में बदलाव मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह के समय तेज धूप खिलने ही उमस भरी गर्मी का असर शुरू हो गया, जबकि दोपहर को हल्के बादल भी छा गए। हालांकि दोपहर बाद फिर से तेज धूप खिल उठी, जिससे गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगा और लोगों को पंखों, कूलरों और एसी का सहारा लेना पड़ा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है।