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सन्निहित,ज्योतिसर,बाणगंगा के हाल बेहाल
अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 14 Apr 2014 12:27 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की अनदेखी और सफाई नहीं होने से गीता जन्मस्थली ज्योतिसर,सन्निहित सरोवर और बाणगंगा नरकातारी के सरोवरों के हाल बदहाल है। इन सरोवरों के पानी में काफी समय से सफाई नहीं होने से काई जम गई है। इससे श्रद्धालु जल का आचमन और स्नान करने से परहेज कर रहे हैं। हालांकि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि के इन सरोवर पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कामना इनमें स्नान की होती है, लेकिन यहां के हालात देखने के बाद उनके सामने मुंह फेरने के दूसरा विकल्प नहीं होता।
जानकारी के अनुसार केडीबी ने करीब एक करोड़ की लागत से सन्निहित सरोवर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाया हुआ है,फिर भी इसके एक हिस्से का पानी काई जमा होने से खराब हो गया है। यही हाल बाणगंगा नरकातारी के पवित्र सरोवर की है। सफाई न होने से सरोवर तल तक जल काला हो चुका है। उधर, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर के हालात में भी कोई ज्यादा अच्छे नहीं है। कुरुक्षेत्र आने वाले अधिकांश श्रद्धालु ज्योतिसर अवश्य पहुंचते हैं,लेकिन सरोवर की रेलिंग से इधर स्नान करना नामुकिन है,क्योंकि यहां सिर्फ पैर ही पानी में डूब सकते हैं और यहां फिसलन इतनी है इसमें खड़ा होना श्रद्धालुओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। श्रीब्राह्मण एवं तीर्थ पुरोहित सभा ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से सरोवरों की सफाई कराए जाने की मांग की है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु स्नान और अन्य कार्य कर सकें।
बाक्स
नगर पार्षद एवं श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा निंदी का कहना है कि सन्निहित,ज्योतिसर और बाणगंगा नरकातारी धर्मनगरी के तीनों मुख्य तीर्थ स्थल हैं। इन महत्वपूर्ण तीर्थों पर सफाई का अभाव है। उन्होंने केडीबी अधिकारियों से मांग की कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उक्त सरोवरों की सफाई करवाएं।
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गांव ज्योतिसर के सरपंच बाबूराम का कहना है कि नगराधीश एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की नई चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर तो दूर अन्य अधिकारियों ने लंबे समय से इन तीर्थ का मुआयना तक नहीं किया। उन्होंने बताया कि समर्सिबल पिछले छह दिन से खराब है।
बाक्स
नरकातारी के सरपंच धर्म सिंह का कहना है कि छह माह पहले केडीबी को सरोवर के जल और एक साल से बंद पड़े शौचालय की शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई अधिकारी भी यहां मुआयना करने नहीं पहुंचा।
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लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो
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गांव ज्योतिसर वासी विनोद कुमार का कहना सरोवर में सफाई नहीं है,ज्योतिसर सरोवर में सिर्फ दो माह ही पानी होता है, जबकि 10 माह दूषित जल या रेलिंग से सूखे जैसे हालात होते हैं। उन्होंने प्रशासन व केडीबी के उच्चाधिकारियों से तीर्थो का जिम्मा संभालने में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
बाक्स
सफाई का अभाव
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ज्योतिसर निवासी विष्णु जिंदल का कहना है कि सफाई का अभाव है। वहीं ज्योतिसर के गेट शाम को जल्दी बंद कर दिए जाते हैं। अक्सर देर शाम को यहां पहुंचने वाले यात्रियों को समस्याओं से जूझना पड़ता है।
वर्जन
नरकारी बाणगंगा,ज्योतिसर और सन्निहित सरोवर में पानी खराब हो गया है। इन सरोवरों की जल्द सफाई की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि नरकातारी के बोर को भी जल्द ठीक कराया जाएगा। ज्योतिसर का पानी निकाल कर हर दो माह बाद सफाई होती है। उनके मुताबिक दिसंबर में गीता जयंती पर ज्योतिसर की सफाई की गई थी अब जल्द ही दुबारा सफाई कराई जाएगी। दुखभंजन मंदिर के शिवलिंग पर चढ़ने वाले दूध और पानी की निकासी सरोवर में की गई है। इससे पानी सड़ रहा है। जल्द ही सफाई कराई जाएगी।
राजीव शर्मा ,कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संपदा अधिकारी
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जानकारी के अनुसार केडीबी ने करीब एक करोड़ की लागत से सन्निहित सरोवर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाया हुआ है,फिर भी इसके एक हिस्से का पानी काई जमा होने से खराब हो गया है। यही हाल बाणगंगा नरकातारी के पवित्र सरोवर की है। सफाई न होने से सरोवर तल तक जल काला हो चुका है। उधर, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर के हालात में भी कोई ज्यादा अच्छे नहीं है। कुरुक्षेत्र आने वाले अधिकांश श्रद्धालु ज्योतिसर अवश्य पहुंचते हैं,लेकिन सरोवर की रेलिंग से इधर स्नान करना नामुकिन है,क्योंकि यहां सिर्फ पैर ही पानी में डूब सकते हैं और यहां फिसलन इतनी है इसमें खड़ा होना श्रद्धालुओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। श्रीब्राह्मण एवं तीर्थ पुरोहित सभा ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से सरोवरों की सफाई कराए जाने की मांग की है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु स्नान और अन्य कार्य कर सकें।
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नगर पार्षद एवं श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा निंदी का कहना है कि सन्निहित,ज्योतिसर और बाणगंगा नरकातारी धर्मनगरी के तीनों मुख्य तीर्थ स्थल हैं। इन महत्वपूर्ण तीर्थों पर सफाई का अभाव है। उन्होंने केडीबी अधिकारियों से मांग की कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उक्त सरोवरों की सफाई करवाएं।
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गांव ज्योतिसर के सरपंच बाबूराम का कहना है कि नगराधीश एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की नई चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर तो दूर अन्य अधिकारियों ने लंबे समय से इन तीर्थ का मुआयना तक नहीं किया। उन्होंने बताया कि समर्सिबल पिछले छह दिन से खराब है।
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नरकातारी के सरपंच धर्म सिंह का कहना है कि छह माह पहले केडीबी को सरोवर के जल और एक साल से बंद पड़े शौचालय की शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई अधिकारी भी यहां मुआयना करने नहीं पहुंचा।
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लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो
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गांव ज्योतिसर वासी विनोद कुमार का कहना सरोवर में सफाई नहीं है,ज्योतिसर सरोवर में सिर्फ दो माह ही पानी होता है, जबकि 10 माह दूषित जल या रेलिंग से सूखे जैसे हालात होते हैं। उन्होंने प्रशासन व केडीबी के उच्चाधिकारियों से तीर्थो का जिम्मा संभालने में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
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सफाई का अभाव
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ज्योतिसर निवासी विष्णु जिंदल का कहना है कि सफाई का अभाव है। वहीं ज्योतिसर के गेट शाम को जल्दी बंद कर दिए जाते हैं। अक्सर देर शाम को यहां पहुंचने वाले यात्रियों को समस्याओं से जूझना पड़ता है।
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नरकारी बाणगंगा,ज्योतिसर और सन्निहित सरोवर में पानी खराब हो गया है। इन सरोवरों की जल्द सफाई की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि नरकातारी के बोर को भी जल्द ठीक कराया जाएगा। ज्योतिसर का पानी निकाल कर हर दो माह बाद सफाई होती है। उनके मुताबिक दिसंबर में गीता जयंती पर ज्योतिसर की सफाई की गई थी अब जल्द ही दुबारा सफाई कराई जाएगी। दुखभंजन मंदिर के शिवलिंग पर चढ़ने वाले दूध और पानी की निकासी सरोवर में की गई है। इससे पानी सड़ रहा है। जल्द ही सफाई कराई जाएगी।
राजीव शर्मा ,कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संपदा अधिकारी