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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   City Council, which does not have the money to pay the electricity bill, will give three crore fines

जिस नगर परिषद के पास बिजली बिल भरने के पैसे नहीं, वह देगी तीन करोड़ जुर्माना

Thu, 11 May 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र Updated Thu, 11 May 2017 12:26 AM IST
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जिस नगर परिषद के पास बिजली बिल भरने के लिए पैसा नहीं है, अब उसे एक करोड़ रुपये का और फटका जुर्माने के रूप में लगने जा रहा है। यह जुर्माना समय पर दुकानों का कब्जा ना देने की वजह से लगा है। बता दें कि थानेसर परिषद को यह एक करोड़ रुपये की राशि जिन दुकानदारों को जुर्माने के रूप में देनी है, उन्हें दो करोड़ रुपये का भुगतान वह पहले भी कर चुकी है, लेकिन पूरा भुगतान ना करने के कारण नगर परिषद को चक्र वृद्धि ब्याज के हिसाब से अभी एक करोड़ से अधिक का भुगतान और करना है। अगर यही हालात रहे तो थानेसर नगर परिषद का नाम हरियाणा की बदहाल और कंगाल परिषद में नाम शुमार होगा।

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ऐसा इसलिए कि पिछले एक दशक में ऐसेे कई मौके आ चुके हैं,जब थानेसर नगर परिषद के बिजली कनेक्शन तक काटने की नौबत आई। पिछले दिनों ही बिजली निगम का 5  करोड़ 67 लाख का भुगतान ना होने की वजह से  बिजली कनेक्शन कटने के बाद थानेसर परिषद कई दिनों तक अंधेरे के डूबी रही। उल्लेखनीय है कि लेटलतीफी और अदालत में लचीलेपन की गई पैरवी के आरोपों के चलते थानेसर नगर परिषद दो करोड़ रुपये शापिंग कांप्लेक्स के अलाटी दुकानदारों को भुगतान कर चुका है और अभी चक्र वृद्धि ब्याज के हिसाब से एक करोड़ अधिक भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि नगर परिषद के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं।
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बता दें कि थानेसर नगर परिषद ने अक्तूबर 2006 में अपने नए कांप्लेक्स की दुकानों को किराए पर देने के लिए खुली बोली की थी। नियमानुसार अलाटियों को तीन माह के भीतर दुकानों का कब्जा देना,लेकिन किन्हीं कारणों से दुकानों का कब्जा देने में देरी हुई और इसके अलाटियों ने नगर परिषद से लाखों रुपये की धरोहर राशि पर नियमानुसार बैंक ब्याज देने की मांग की थी। बाद में यह मामला अदालत तक पहुंचा। अदालत ने 2010 में शापिंग कांप्लेक्स की शाप के अलाटियों के पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन नगर परिषद हाईकोर्ट में चला गया। जहां 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने नगर परिषद की अपील को खारिज कर दिया था।
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इसके बाद कोर्ट के आदेश पर नगर परिषद थानेसर 14 अलाटियों को दो कुल करोड़ रुपये का भुगतान किया था,लेकिन दुकानों के अलाटियों का आरोप है कि उन्हें जिस हिसाब से भुगतान किया जाना था, परिषद ने चालाकी दिखाते हुए उससे कम किया। इसकी वजह से 2015 में उक्त दुकानों के अलाटियों ने एक बार फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और नियमानुसार राष्ट्रीय कृत बैंक के ब्याज के हिसाब से भुगतान किया किया जाए। बताया गया है कि अब मार्च 2017 एक बार फिर अदालत ने अलाटियों के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसके बाद नगर परिषद को और एक करोड़ से ज्यादा भुगतान करना होगा।

14 अलाटियों को होना है करीब एक करोड़ का भुगतान
थानेसर नगर परिषद के कांप्लेक्स की दुकान के अलाटी दीपक अग्रवाल ने बताया कि 3 मार्च 2017 को कोर्ट ने 18 प्रतिशत के हिसाब से बयान का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। यह भुगतान चक्र वृद्धि ब्याज के हिसाब से होना है, क्योंकि कब्जा देने के बाद भुगतान करने में भी देरी थानेसर नगर परिषद ने दी है। लिहाजा उन्हें 18 प्रतिशत के हिसाब से प्रत्येक अलाटियों उसकी धरोहर राशि पर ब्याज देना है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद 14 अलाटियों को करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि एक करोड़ से अधिक बकाया है।

जितनी देरी होगी, उतना पड़ेगा परिषद पर ब्याज
दुकान के अलाटी यशेंद्र शर्मा ने बताया कि यह ब्याज थानेसर नगर परिषद की देरी की वजह से लग रहा है। यदि थानेसर नगर परिषद समय पर कब्जा देती तो शायद उन्हें यह भुगतान ही नहीं करना पड़ता, लेकिन नगर परिषद ने हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद भुगतान करने में देरी की है। इसकी वजह से उन्हें आगे भी चक्रवृद्धि ब्याज के लिहाज से प्रत्येक अलाटी को भुगतान करना पड़ेगा।     


ईओ बोले पैरवी ढंग से नहीं हुई
थानेसर परिषद के एग्जीक्यूटिव आफिसर बीएम भारती ने बताया कि नगर परिषद को जितना नुकसान होना था हो चुका, लेकिन अब नगर परिषद ऐसा कतई नहीं होने देगी। उन्होंने माना कि नगर परिषद दो करोड़ रुपये अदा कर चुकी है। अब करीब एक करोड़ रुपये और देना है, लेकिन नगर परिषद इस बार पहले जैसे हालात पैदा नहीं होने देगी, क्योंकि पहले केस की पैरवी ढंग से नहीं हुई थी। इसी के चलते नगर परिषद को यह भुगतान करना पड़ा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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