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आश्रम से नकदी और भूमि के कागजात चोरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। वाल्मीकि आश्रम के कमरे का ताला तोड़कर चोर दो लाख रुपये नकदी व आश्रम की जमीन के कागजात चुरा ले गए। कमरे में काफी सामान चुराया गया है। आश्रम की महंत ने सात लोगों पर चोरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
केयूके थाना पुलिस में दर्ज शिकायत में वाल्मीकि आश्रम में रह रही महंत मंजीत दासी ने कहा कि उनकी गुरु संत राम दासी उन्हें आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए कमरा दिया था। गुरु संत राम दासी का स्वर्गवास हो चुका है। वह इस कमरे में करीब 15 वर्ष से रह रही हैं। आश्रम में गुटबाजी की वजह से कई केस अदालत में विचाराधीन है। वह अपने कमरे को ताला लगाकर अपने काम से सुबह 10 बजे चली गई थीं। शाम छह बजे वह अपने कमरे पर लौटी तो कमरे का लकड़ी का दरवाजा टूटा हुआ था।
दरवाजे के ऊपर कमरे में लकड़ी के फट्टे पड़े थे। उनके कमरे से एक बेड, लोहे की दो चारपाई, दो बेंच, तीन बिस्तरे ठंडे व गर्म, एक गैस सिलिंडर व चूल्हा, 12 जोड़ी ठंडे व गर्म भगवा रंग के कपडे़, बर्तन, एल्युमीनियम के चार बड़े पतीले, 15 चम्मच स्टील, एक लोहे का बक्सा, एक सूटकेस, तीन बड़े बैग, चार जोड़ी जूते, एक डेढ़ तोले की सोने की अंगूठी, दो लाख रुपये गायब थे। इसके अलावा आश्रम की जमीन के असली कागजात भी चोरी हो गए। आरोप लगाया कि यह सामान जोगिंद्र सिंह, जगीर सिंह, दीपक, रणधीर सिंह, धर्मा, रतन दास व किशन दास ने सलाह मशवरा करके चुराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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कुरुक्षेत्र। वाल्मीकि आश्रम के कमरे का ताला तोड़कर चोर दो लाख रुपये नकदी व आश्रम की जमीन के कागजात चुरा ले गए। कमरे में काफी सामान चुराया गया है। आश्रम की महंत ने सात लोगों पर चोरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
केयूके थाना पुलिस में दर्ज शिकायत में वाल्मीकि आश्रम में रह रही महंत मंजीत दासी ने कहा कि उनकी गुरु संत राम दासी उन्हें आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए कमरा दिया था। गुरु संत राम दासी का स्वर्गवास हो चुका है। वह इस कमरे में करीब 15 वर्ष से रह रही हैं। आश्रम में गुटबाजी की वजह से कई केस अदालत में विचाराधीन है। वह अपने कमरे को ताला लगाकर अपने काम से सुबह 10 बजे चली गई थीं। शाम छह बजे वह अपने कमरे पर लौटी तो कमरे का लकड़ी का दरवाजा टूटा हुआ था।
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दरवाजे के ऊपर कमरे में लकड़ी के फट्टे पड़े थे। उनके कमरे से एक बेड, लोहे की दो चारपाई, दो बेंच, तीन बिस्तरे ठंडे व गर्म, एक गैस सिलिंडर व चूल्हा, 12 जोड़ी ठंडे व गर्म भगवा रंग के कपडे़, बर्तन, एल्युमीनियम के चार बड़े पतीले, 15 चम्मच स्टील, एक लोहे का बक्सा, एक सूटकेस, तीन बड़े बैग, चार जोड़ी जूते, एक डेढ़ तोले की सोने की अंगूठी, दो लाख रुपये गायब थे। इसके अलावा आश्रम की जमीन के असली कागजात भी चोरी हो गए। आरोप लगाया कि यह सामान जोगिंद्र सिंह, जगीर सिंह, दीपक, रणधीर सिंह, धर्मा, रतन दास व किशन दास ने सलाह मशवरा करके चुराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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