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Kurukshetra News: प्रत्याशी लगाने लगे जीत के लिए जोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गईं है। गुरुवार को चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार और तेज कर दिया है। प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तो पड़ रही कड़ाके की ठंड व कोहरे के बीच जमकर पसीना भी बहाने लगे हैं। गांव-गांव जाकर प्रचार अभियान में ताकत झोंकी जाने लगी है। जिले के पांच वार्डों से तीन महिलाओं समेत 21 प्रत्याशी मैदान में हैं।
जिला कुरुक्षेत्र के पांच वार्ड पिहोवा, मुर्तजापुर, शाहाबाद, लाडवा और थानेसर से नौ महिलाओं समेत 40 लोगों ने चुनाव के लिए नामांकन भरा था, मगर दो जनवरी को छह महिलाओं समेत 19 प्रत्याशी नामांकन पत्र वापस लेकर चुनाव से हट गए थे। खास बात यह है कि चुनाव मैदान में केवल वार्ड-15 थानेसर से सिख समाज संस्था की ओर से सेक्टर-सात के रहने वाले भूपिंद्र सिंह ने नामांकन किया था। उनके अतिरिक्त सभी 20 प्रत्याशी आजाद चुनाव लड़ रहे हैं।
हालांकि पंथक दल झींडा गुट ने 40 वार्डों में से 31 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे, मगर जिले से उनके दल की ओर से किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया था, बल्कि उनके कई समर्थकों ने आजाद नामांकन किया। इस पर दल के प्रमुख जगदीश सिंह झींडा ने विश्वासघात का आरोप लगाया था।
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इसके अलावा धर्म प्रचार कमेटी और शिरोमणि अकाली दल आजाद के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल और अकाली दल बादल भी अपने प्रत्याशी नहीं उतार सका, क्योंकि कमेटी के चुनाव आयुक्त एचएस भल्ला ने कमेटी में अकाली और शिरोमणि शब्द शामिल होने की वजह से दल को चुनाव के लिए मान्यता नहीं दी थी। इसलिए अधिकतर प्रत्याशियों ने आजाद ही नामांकन भर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। अब चुनाव चिह्न आवंटन के बाद न केवल मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने जनसंपर्क तेज कर दिया है वहीं अपने-अपने कार्यालय खोलकर भी चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। हर प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहा है लेकिन जीत का ताज किसके सिर पर सजेगा यह फैसला संगत अपने मताधिकार से करेगी।
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गईं है। गुरुवार को चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार और तेज कर दिया है। प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तो पड़ रही कड़ाके की ठंड व कोहरे के बीच जमकर पसीना भी बहाने लगे हैं। गांव-गांव जाकर प्रचार अभियान में ताकत झोंकी जाने लगी है। जिले के पांच वार्डों से तीन महिलाओं समेत 21 प्रत्याशी मैदान में हैं।
जिला कुरुक्षेत्र के पांच वार्ड पिहोवा, मुर्तजापुर, शाहाबाद, लाडवा और थानेसर से नौ महिलाओं समेत 40 लोगों ने चुनाव के लिए नामांकन भरा था, मगर दो जनवरी को छह महिलाओं समेत 19 प्रत्याशी नामांकन पत्र वापस लेकर चुनाव से हट गए थे। खास बात यह है कि चुनाव मैदान में केवल वार्ड-15 थानेसर से सिख समाज संस्था की ओर से सेक्टर-सात के रहने वाले भूपिंद्र सिंह ने नामांकन किया था। उनके अतिरिक्त सभी 20 प्रत्याशी आजाद चुनाव लड़ रहे हैं।
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हालांकि पंथक दल झींडा गुट ने 40 वार्डों में से 31 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे, मगर जिले से उनके दल की ओर से किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया था, बल्कि उनके कई समर्थकों ने आजाद नामांकन किया। इस पर दल के प्रमुख जगदीश सिंह झींडा ने विश्वासघात का आरोप लगाया था।
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इसके अलावा धर्म प्रचार कमेटी और शिरोमणि अकाली दल आजाद के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल और अकाली दल बादल भी अपने प्रत्याशी नहीं उतार सका, क्योंकि कमेटी के चुनाव आयुक्त एचएस भल्ला ने कमेटी में अकाली और शिरोमणि शब्द शामिल होने की वजह से दल को चुनाव के लिए मान्यता नहीं दी थी। इसलिए अधिकतर प्रत्याशियों ने आजाद ही नामांकन भर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। अब चुनाव चिह्न आवंटन के बाद न केवल मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने जनसंपर्क तेज कर दिया है वहीं अपने-अपने कार्यालय खोलकर भी चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। हर प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहा है लेकिन जीत का ताज किसके सिर पर सजेगा यह फैसला संगत अपने मताधिकार से करेगी।