{"_id":"6362d07b7620592e2b4cf39d","slug":"brother-in-law-named-for-cheating-kurukshetra-kurukshetra-news-knl126256639","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी के आरोप में देवर-भाभी नामजद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी के आरोप में देवर-भाभी नामजद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अमेरिका का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने देवर-भाभी को नामजद किया है। आरोपियों ने 30 लाख रुपये में वर्क वीजा दिलाने का आश्वासन दिया था।
थाना कृष्णा गेट पुलिस को दी शिकायत में सतीश निवासी सेक्टर पांच ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक प्रदीप गोलन ने अमेरिका में रह रहे अपने भाई राकेश गोलन के जरिये 30 लाख रुपये में अमेरिका का वर्क वीजा दिलाने का आश्वासन दिया था। उसने अपने भाई से उसकी बातचीत भी कराई थी। उनकी बातों में आकर उसने आठ अप्रैल को पांच-पांच लाख रुपये उनके अलग-अलग अकाउंट में डाले थे। 10 लाख रुपये प्रदीप गोलन अपनी पत्नी सविता के साथ झांसा रोड से कार में आकर ले गया था।
बकाया रकम वीजा लगने के बाद देना तय हुआ था। काफी समय बीतने के बाद उसका वीजा नहीं लगा तो उसने प्रदीप से बातचीत की, जिस पर उसने जल्द ही वीजा लगने का आश्वासन दिया था। काफी दिन गुजर जाने के बाद वह उसके घर ज्योतिसर भी गया, मगर प्रदीप उसे न घर और न ही अपनी दुकान पर मिलता था। बाद में उसे पता चला कि प्रदीप का देहांत हो गया है और वह उसके संस्कार में शामिल हुआ था। कई दिन बीत जाने के बाद उसने प्रदीप के भाई राकेश से बात की तो उसने परिस्थिति का हवाला देकर काम कराने का आश्वासन और अपना अमेरिका नंबर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद राकेश अमेरिका चला गया था और उसके जाने के बाद उसके नंबर पर कॉल की तो उसे बार-बार फोन करने पर धमकाया और काम कराने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी आरोपी ने उसका वीजा नहीं लगवाया और न ही उसकी रकम 20 लाख रुपये वापस किए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अमेरिका का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने देवर-भाभी को नामजद किया है। आरोपियों ने 30 लाख रुपये में वर्क वीजा दिलाने का आश्वासन दिया था।
थाना कृष्णा गेट पुलिस को दी शिकायत में सतीश निवासी सेक्टर पांच ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक प्रदीप गोलन ने अमेरिका में रह रहे अपने भाई राकेश गोलन के जरिये 30 लाख रुपये में अमेरिका का वर्क वीजा दिलाने का आश्वासन दिया था। उसने अपने भाई से उसकी बातचीत भी कराई थी। उनकी बातों में आकर उसने आठ अप्रैल को पांच-पांच लाख रुपये उनके अलग-अलग अकाउंट में डाले थे। 10 लाख रुपये प्रदीप गोलन अपनी पत्नी सविता के साथ झांसा रोड से कार में आकर ले गया था।
विज्ञापन
बकाया रकम वीजा लगने के बाद देना तय हुआ था। काफी समय बीतने के बाद उसका वीजा नहीं लगा तो उसने प्रदीप से बातचीत की, जिस पर उसने जल्द ही वीजा लगने का आश्वासन दिया था। काफी दिन गुजर जाने के बाद वह उसके घर ज्योतिसर भी गया, मगर प्रदीप उसे न घर और न ही अपनी दुकान पर मिलता था। बाद में उसे पता चला कि प्रदीप का देहांत हो गया है और वह उसके संस्कार में शामिल हुआ था। कई दिन बीत जाने के बाद उसने प्रदीप के भाई राकेश से बात की तो उसने परिस्थिति का हवाला देकर काम कराने का आश्वासन और अपना अमेरिका नंबर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद राकेश अमेरिका चला गया था और उसके जाने के बाद उसके नंबर पर कॉल की तो उसे बार-बार फोन करने पर धमकाया और काम कराने का आश्वासन दिया। उसके बाद भी आरोपी ने उसका वीजा नहीं लगवाया और न ही उसकी रकम 20 लाख रुपये वापस किए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।