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हरियाणा: पांचवीं और छठी कक्षा में पढ़ाई जाएंगी गीता से जुड़ी पुस्तकें, सीएम मनोहर लाल ने किया एलान

Sat, 11 Dec 2021 11:38 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 11 Dec 2021 11:38 PM IST
सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रामलीला की तर्ज पर गीता महोत्सव में अगले वर्ष से कृष्ण उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव में पांच से छह दिन तक भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसमें लाइट व साउंड शो का प्रदर्शन किया जाएगा। 

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Books related to Gita will be taught in fifth and sixth class in Haryana
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को स्मृति चिह्न देते केयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

अब हरियाणा के विद्यालयों में भी छात्र गीता का अध्ययन करेंगे। अगले शैक्षणिक स्तर से प्रदेशभर के विद्यालयों में छात्रों से श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोकों का उच्चारण कराया जाएगा। इसके बाद पुस्तकों को लिखवाकर 5वीं व छठी कक्षा में पढ़ाया जाएगा। ये घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में की। इस दौरान उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को गीता अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया।

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वहीं उन्होंने कुरुक्षेत्र के 48 कोस से जुड़े तीर्थों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थों को धार्मिक व पर्यटन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। अब इन तीर्थों को जोड़ने के लिए पर्यटन विभाग की मदद से बसें चलाई जाएंगी। देश और विदेश से लोग यहां इतिहास को जानने के लिए आएंगे, इससे कुरुक्षेत्र का महत्व बढ़ेगा। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता स्थली ज्योतिसर में 2 एकड़ भूमि पर 205 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत थीम पर म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन में मल्टीमीडिया प्रणाली से श्रीमद्भगवद गीता, सरस्वती नदी और वैदिक सभ्यता को दर्शाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के विकास में प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी सहयोग कर रही है। 

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पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के विकास के लिए कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया गया है। कुरुक्षेत्र के तीर्थों का विकास करने के लिए सरकार की तरफ से करीब 98 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि विश्व में बहुत से ग्रंथ ऐसे हैं, जिनमें अलग-अलग विचार दिए गए हैं लेकिन गीता के मुकाबले कोई ग्रंथ नहीं जो जीवन को एक दिशा देता है। युवाओं को गीता का सार अपने जीवन में उतारना चाहिए। गीता का संदेश अर्जुन के लिए नहीं बल्कि हम सब के लिए दिया गया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप बढ़ाने के लिए अगले वर्ष से गीता जयंती समिति बनाकर आयोजन करना चाहिए। इस समिति में समाज से जुड़ी संस्थाओं व अन्य संगठनों को जोड़ना चाहिए। इससे अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े अनुयायी भी इस कार्यक्रम में भागीदार बनेंगे और महोत्सव का स्वरूप बड़ा होगा।

30 और तीर्थों को जोड़ा, कुल संख्या हुई 164
कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि में अभी तक 134 तीर्थ स्थान थे, कुछ तीर्थ स्थान छूट गए थे, इस बार इसमें 30 और तीर्थों को जोड़ा गया है, जिसके बाद कुल तीर्थों की संख्या 164 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महाभारत से जुड़े स्थानों पर विकास करवाने का निर्णय लिया। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से बजट दिया जा रहा है। 134 स्थानों में से 75 पर विकास से जुड़े काम चल रहे हैं। बचे हुए स्थानों की डिमांड मंगवाई गई है, वहां भी समितियों का गठन कर दिया गया है।

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