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प्रतिबंध बेअसर, पॉलिथीन धड़ल्ले से हो रहा प्रयोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 01:36 AM IST
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Ban ineffective, polythene is being used indiscriminately, Kurukshetra
पुरानी सब्जी मंडी में ग्राहक को सब्जी डालने के पॉलिथीन देता विक्रेता। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से पॉलिथीन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन जिले में एनजीटी के आदेशों पर अमल नहीं हो रहा है। दुकानों, बड़े-बड़े शोरूम व मॉल में पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से जारी है। अधिकारी भी इस पर आंख मूंदे बैठे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि नगर परिषद की ओर लंबे समय से पॉलिथीन पर अंकुश लगाने के लिए एक बार भी कार्रवाई नहीं की गई।
उल्लेखनीय है कि पिछले बुधवार को ही हरियाणा एनजीटी निगरानी कमेटी के चेयरमैन एवं हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस प्रीतम सिंह ने कुरुक्षेत्र पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली थी और एनजीटी के आदेशों का पालन करने और कराने के आदेश जारी किए थे। इस बैठक के बाद भी अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
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कुरुक्षेत्र शहर में सेक्टर-17, गीता कॉलोनी, कीर्ति नगर, गांधी नगर, झांसा रोड, मोहन नगर, सेक्टर सात और दस का डिवाइडिंग रोड, नरकातारी रोड, सलारपुर रोड व सेक्टर-13 सहित अन्य स्थानों पर पॉलिथीन का अंबार लगा है। इसके अलावा कस्बों के गांवों में भी पॉलिथीन खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई बार तो कूड़ा-करकट सहित पॉलीथिन के ढेरों में अंबार में आग लगा दी जाती है। इससे निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है।
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पिछले साल तत्कालीन जिला नगर आयुक्त की ओर से नप कार्यालय में पॉलिथीन के थोक विक्रेताओं की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए गए थे। बाकायदा इसका इस्तेमाल न करने के संबंध में लोगों को शपथ भी दिलाई गई थी। इतना ही नहीं एक कमेटी का गठन कर पॉलिथीन लेकर शहर में प्रवेश करने वाली गाड़ियों को भी पकड़ने की योजना बनाई गई। बैठक के बाद इस पर कोई काम नहीं हुआ।
खास बात यह है कि नगर परिषद थानेसर के क्षेत्र में आने वाली 60 हजार इकाइयों से रोजाना करीब 70 टन कूड़ा जनरेट होता है। इसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा पॉलिथीन होता है। बाकी का कूड़ा तो डिस्पोज हो सकता है, लेकिन पॉलिथीन पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या है।
पॉलिथीन का इस्तेमाल पूरी तरह से हो बंद : राजू
शहरवासी राजू का कहना है कि प्रदूषण से बचाने के लिए पॉलिथीन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद होना चाहिए। इसके स्थान पर कपड़े के थैले और जैविक रूप से नष्ट होने वाले बैग उपयोग में लाए जा सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि यहां प्रदूषण मुक्त शहर बनाने के लिए कचरा प्रबंधन सिस्टम शुरू किया जाए।
फैक्टरियों कार्रवाई क्यों नहीं करती सरकार : नवीन
नवीन का कहना है कि पॉलिथीन प्रयोग पर प्रतिबंध, लेकिन ऐसा कहीं नजर तो आता नहीं। प्रशासन की ओर से दुकानदारों को चेतावनी दी जाती है। बड़ी बात यह है कि जिन फैक्टरियों में इसका निर्माण होता है, उन पर आखिर क्यों कार्रवाई हो पाती? पाबंदी के बावजूद पॉलिथीन रास्ते में ही जब्त क्यों नहीं हो पाता? यह अहम सवाल हैं।

पहले जागरूक करेंगे, फिर कार्रवाई : बलबीर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिल्ला ने कहा कि चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर और जेई की टीम का गठन किया गया है। पहले तो दुकानदारों को पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया जाएगा। उसके बावजूद भी यदि इस्तेमाल जारी रहता है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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