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Kurukshetra News: चार दिन बाद तेज हवाओं से मिली राहत, ठंडक का एहसास भी हुआ कम
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कुरुक्षेत्र। चार दिन बाद किसानों ने उस समय राहत की सांस ली जब मौसम साफ हुआ। लगातार चल रही तेज हवाएं थमीं तो दिनभर धूप भी खिली रही। इससे ठंडक का एहसास भी कम हुआ। रविवार तक ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना है जबकि सोमवार से फिर कुछ बदलाव हो सकता है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं आज शनिवार को भी यही तापमान रहने व रविवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को ठंड से निजात मिल पाएगी लेकिन सोमवार से हल्के बादल छाए रहने की कई दिन तक संभावना जताई जा रही है।
मौसम में फेरबदल होते ही सबसे ज्यादा चिंतित किसान हो रहे हैं। गेहूं की फसल पूरी तरह से अनाज ले चुकी है और अब पकने की ओर है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक फसल पक जाएगी। ऐसे में बारिश व तेज हवाएं चलीं तो फसल गिर सकती है और इससे नुकसान होगा। गत सप्ताह भी तीन दिन रहे खराब मौसम के चलते हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से शाहाबाद व बाबैन के कई गांवों में किसानों की फसल में बड़ा नुकसान माना जा रहा है। ऐसे में अब फिर मौसम में बदलाव की आहट सुनते ही किसान चिंता में डूबने लगते हैं।
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किसान सतबीर सिंह, रामपाल, जय सिंह आदि का कहना है कि अब फसल कटाई तक बारिश की जरूरत नहीं है। हालांकि हल्की बूंदाबांदी से फसल में नुकसान नहीं है लेकिन तेज बारिश व हवाएं चलने से अनाज ले चुकी फसल की जल्द गिरने की संभावना रहती है।
उधर कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि किसानों के फसल पकने के दौरान खास ध्यान रखना चाहिए। पानी जमा न होने दें और न ही ज्यादा पानी भराई करें।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं आज शनिवार को भी यही तापमान रहने व रविवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को ठंड से निजात मिल पाएगी लेकिन सोमवार से हल्के बादल छाए रहने की कई दिन तक संभावना जताई जा रही है।
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मौसम में फेरबदल होते ही सबसे ज्यादा चिंतित किसान हो रहे हैं। गेहूं की फसल पूरी तरह से अनाज ले चुकी है और अब पकने की ओर है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक फसल पक जाएगी। ऐसे में बारिश व तेज हवाएं चलीं तो फसल गिर सकती है और इससे नुकसान होगा। गत सप्ताह भी तीन दिन रहे खराब मौसम के चलते हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से शाहाबाद व बाबैन के कई गांवों में किसानों की फसल में बड़ा नुकसान माना जा रहा है। ऐसे में अब फिर मौसम में बदलाव की आहट सुनते ही किसान चिंता में डूबने लगते हैं।
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किसान सतबीर सिंह, रामपाल, जय सिंह आदि का कहना है कि अब फसल कटाई तक बारिश की जरूरत नहीं है। हालांकि हल्की बूंदाबांदी से फसल में नुकसान नहीं है लेकिन तेज बारिश व हवाएं चलने से अनाज ले चुकी फसल की जल्द गिरने की संभावना रहती है।
उधर कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि किसानों के फसल पकने के दौरान खास ध्यान रखना चाहिए। पानी जमा न होने दें और न ही ज्यादा पानी भराई करें।