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Kurukshetra News: अतिक्रमणकारियों पर की कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पहले सड़क सुरक्षा समिति और फिर जिला कष्ट निवारण समिति की बैठकों में दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण का मुद्दा गूंजा तो नगर प्रशासन एकाएक हरकत में आ गया और बाजार में टीमें उतार दीं। लगातार चलाए अभियान के दौरान पहले पिपली में और फिर शहर के मुख्य बाजार में कार्रवाई की गई।
इस दौरान 16 दुकानदारों के चालान किए गए और अतिक्रमणकारियों को सामान उठाने की चेतावनी दी गई। इसके चलते टीमों को दुकानदारों के कड़े ऐतराज का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कई दुकानदारों ने चालान की पर्चियां तक टीम के समक्ष फाड़ दीं। ऐसे में नगर प्रशासन के समक्ष इस अभियान को सफल बनाना चुनौती बन गया है।
बता दें कि करीब 15 दिन पहले 26 मार्च को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी, जिसमें पिपली गीता द्वार चौक के आसपास के एरिया को हादसों के संदर्भ में सबसे संवेदनशील माना गया था। यही नहीं इस दौरान इस चौक के आसपास अवैध तौर पर लगाई जाने वाली अस्थायी दुकानों व अन्य दुकानदारों द्वारा किए जाने वाले अतिक्रमण को मुख्य कारण माना गया था। इससे पहले की बैठकों में यह मुद्दा उठाया जा चुका। जिला कष्ट निवारण समिति की चार अप्रैल को हुई बैठक में भी यह मुद्दा खूब गूंजा था। विधायक अशोक अरोड़ा ने इस पर संज्ञान लेने के लिए मांग उठाई थी। ऐसे में पिछले दो दिन से नगर प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया था और मंगलवार को पिपली में गीता द्वार से लेकर अंबाला रोड पर नप सीमा के अधीन अस्थायी दुकानें हटवाई गईं थीं। यहां 12 दुकानदारों के चालान भी किए तो कड़ी चेतावनी भी दी गई थी। अगले ही दिन मुख्य बाजार में यह अभियान चलाया गया।
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कुरुक्षेत्र। पहले सड़क सुरक्षा समिति और फिर जिला कष्ट निवारण समिति की बैठकों में दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण का मुद्दा गूंजा तो नगर प्रशासन एकाएक हरकत में आ गया और बाजार में टीमें उतार दीं। लगातार चलाए अभियान के दौरान पहले पिपली में और फिर शहर के मुख्य बाजार में कार्रवाई की गई।
इस दौरान 16 दुकानदारों के चालान किए गए और अतिक्रमणकारियों को सामान उठाने की चेतावनी दी गई। इसके चलते टीमों को दुकानदारों के कड़े ऐतराज का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कई दुकानदारों ने चालान की पर्चियां तक टीम के समक्ष फाड़ दीं। ऐसे में नगर प्रशासन के समक्ष इस अभियान को सफल बनाना चुनौती बन गया है।
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बता दें कि करीब 15 दिन पहले 26 मार्च को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी, जिसमें पिपली गीता द्वार चौक के आसपास के एरिया को हादसों के संदर्भ में सबसे संवेदनशील माना गया था। यही नहीं इस दौरान इस चौक के आसपास अवैध तौर पर लगाई जाने वाली अस्थायी दुकानों व अन्य दुकानदारों द्वारा किए जाने वाले अतिक्रमण को मुख्य कारण माना गया था। इससे पहले की बैठकों में यह मुद्दा उठाया जा चुका। जिला कष्ट निवारण समिति की चार अप्रैल को हुई बैठक में भी यह मुद्दा खूब गूंजा था। विधायक अशोक अरोड़ा ने इस पर संज्ञान लेने के लिए मांग उठाई थी। ऐसे में पिछले दो दिन से नगर प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया था और मंगलवार को पिपली में गीता द्वार से लेकर अंबाला रोड पर नप सीमा के अधीन अस्थायी दुकानें हटवाई गईं थीं। यहां 12 दुकानदारों के चालान भी किए तो कड़ी चेतावनी भी दी गई थी। अगले ही दिन मुख्य बाजार में यह अभियान चलाया गया।
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