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Kurukshetra News: ट्रेडिंग एप से दुकानदार से 12.50 लाख ठगे
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कुरुक्षेत्र। एक बेकरी संचालक को ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने साढ़े 12 लाख रुपये की चपत लगा दी। ठगों ने एक फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से दुकानदार को पहले भारी मुनाफे का लालच दिया, बाद में रुपये निकालने के समय एप बंद कर दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर चार निवासी अर्पित गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2025 में उनकी व्हाट्सएप पर दिव्या नाम की एक महिला से बातचीत शुरू हुई। दिव्या ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में अच्छे मुनाफे का लालच दिया। लालच में आकर अर्पित ने शुरू में आरोपी के कहने पर मोबाइल में ट्रेड़िंग एप डाउनलोड कर उसमें 50 हजार रुपये निवेश कर दिए। निवेश पर दुकानदार को मुनाफा दिखाया गया और वह राशि निकाल ली गई जिससे उसका भरोसा बढ़ गया।
इसके बाद 24 जून 2025 को अर्पित ने अपने बैंक खाते से छह लाख 84 हजार रुपये और 7 जुलाई को पांच लाख 58 हजार 223 रुपये ट्रांसफर कर एप में निवेश किए। दिसंबर 2025 तक कुल साढ़े 12 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर होने के बाद एप में 20.65 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया गया। फरवरी 2026 में जब अर्पित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकल नहीं सके। दिव्या ने कमीशन के नाम पर सवा चार लाख रुपये अतिरिक्त मांगे। मना करने पर ठगों ने एप को करप्ट कर दिया और संपर्क तोड़ लिया।
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थाना साइबर प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि बैंक ट्रांजेक्शन, व्हाट्सएप चैट और एप के डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल कर रहे हैं।
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सेक्टर चार निवासी अर्पित गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2025 में उनकी व्हाट्सएप पर दिव्या नाम की एक महिला से बातचीत शुरू हुई। दिव्या ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में अच्छे मुनाफे का लालच दिया। लालच में आकर अर्पित ने शुरू में आरोपी के कहने पर मोबाइल में ट्रेड़िंग एप डाउनलोड कर उसमें 50 हजार रुपये निवेश कर दिए। निवेश पर दुकानदार को मुनाफा दिखाया गया और वह राशि निकाल ली गई जिससे उसका भरोसा बढ़ गया।
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इसके बाद 24 जून 2025 को अर्पित ने अपने बैंक खाते से छह लाख 84 हजार रुपये और 7 जुलाई को पांच लाख 58 हजार 223 रुपये ट्रांसफर कर एप में निवेश किए। दिसंबर 2025 तक कुल साढ़े 12 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर होने के बाद एप में 20.65 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया गया। फरवरी 2026 में जब अर्पित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकल नहीं सके। दिव्या ने कमीशन के नाम पर सवा चार लाख रुपये अतिरिक्त मांगे। मना करने पर ठगों ने एप को करप्ट कर दिया और संपर्क तोड़ लिया।
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थाना साइबर प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि बैंक ट्रांजेक्शन, व्हाट्सएप चैट और एप के डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल कर रहे हैं।