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एसोसिएट प्रोफेसर व अफगानी स्कॉलर के बीच मामले ने पकड़ा तूल
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इकोनॉमिक्स विभाग से पीएचडी कर रहे अफगानी स्कॉलर व एसोसिएट प्रोफेसर के बीच मामला थमने की बजाए तूल पकड़ता जा रहा है। जहां पहले एसोसिएट प्रोफेसर ने अफगानी छात्र के खिलाफ केयू प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि छात्र ने उसकी कार की चाबी निकालने और उसका गला पकड़ने का प्रयास किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं वीरवार को अफगानी स्कॉलर ने भी प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि एसोसिएट प्रोफेसर पिछले कई दिनों से उससे मानसिक तौर पर परेशान कर रहा है। प्रोफेसर उससे रंजिश रख रहा है। वहीं दोनों ओर से पहुंची शिकायत को केयू प्रशासन ने जांच के लिए प्रोक्टेरियल बोर्ड को सौंपा है।
पत्रकारवार्ता में बहराम रमेेश ने कॉमर्स विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक तौर पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उसे परेशान कर रहा है, जिसके चलते उसकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2009 से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई रहा है। इस दौरान उसने केयू से स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की। वहीं 2014-15 में जनसंचार से एक वर्ष का डिप्लोमा भी किया। उन्होंने बताया कि कॉमर्स विभाग के प्रोफेसर से उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी। मुलाकात के दौरान प्रोफेसर से उससे उसका नाम व परिवार के बारे में जानना चाहा था, जिस पर उसने एसोसिएट प्रोफेसर को बताया कि वह अफगानिस्तान का रहने वाला है और मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है। उसके इस जवाब पर एसोसिएट प्रोफेसर ने नाराजगी जाहिर करते हुए उसके ऊपर कुछ टिप्पणी की थी कि तुम केयू में कैसे पहुंच गए। इसके बाद से उक्त एसोसिएट प्रोफेसर उससे रंजिश रखने लगे। इसको लेकर कई बार एसोसिएट प्रोफेसर के साथ नोक झोंक भी हुई। एसोसिएट प्रोफेसर ही जानबूझ कर उन्हें परेशान करते थे। स्कॉलर ने बताया कि एक बार एसोसिएट प्रोफेसर ने कार से उसे हिट करने का भी प्रयास किया, जिसकी उसने शिकायत मेल से कुलपति को की थी। कुलपति से मांग करते हुए अफगानी स्कॉलर ने न्याय दिलाने की अपील करते हुए कहा कि वह पीएचडी की डिग्री पूरी होने पर शांति से अपने देश लौटना चाहता है और उसकी डिग्री इसी वर्ष पूरी हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर एसोसिएट प्रोफेसर ने अफगानी स्कॉलर पर झगड़े का आरोप लगाते हुए केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को शिकायत दी थी। शिकायत में अफगानी स्कॉलर पर उसकी कार की चाबी निकालने और गला पकड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। साथ ही अफगानी स्कॉलर पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप एसोसिएट प्रोफेसर की तरफ से लगाया गया था। फिलहाल इकोनॉमिक्स से पीएचडी कर रहे अफगानिस्तान के छात्र के बीच झगड़े का मामला प्रोक्टेरियल बोर्ड में प्रॉक्टर प्रो. आरके देसवाल के पास पहुंच गया है। इस बारे में जब केयू प्रवक्ता डा अशोक शर्मा ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर व अफगानी स्कॉलर ने एक दूसरे के खिलाफ केयू प्रशासन को शिकायत दी है, जिसकी जांच प्रोक्टेरियल बोर्ड को सौंपी गई है। प्रॉक्टर डॉ. आर के देशवाल इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएचडी कर रहे अफगानी स्कॉलर को पीएचडी में दाखिले का केस एकेडमिक कौंसिल में पास किया गया था। एसी के सदस्यों की सहमति से ही अफगानी छात्र को पीएचडी में दाखिला दिया गया था।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इकोनॉमिक्स विभाग से पीएचडी कर रहे अफगानी स्कॉलर व एसोसिएट प्रोफेसर के बीच मामला थमने की बजाए तूल पकड़ता जा रहा है। जहां पहले एसोसिएट प्रोफेसर ने अफगानी छात्र के खिलाफ केयू प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि छात्र ने उसकी कार की चाबी निकालने और उसका गला पकड़ने का प्रयास किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं वीरवार को अफगानी स्कॉलर ने भी प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि एसोसिएट प्रोफेसर पिछले कई दिनों से उससे मानसिक तौर पर परेशान कर रहा है। प्रोफेसर उससे रंजिश रख रहा है। वहीं दोनों ओर से पहुंची शिकायत को केयू प्रशासन ने जांच के लिए प्रोक्टेरियल बोर्ड को सौंपा है।
पत्रकारवार्ता में बहराम रमेेश ने कॉमर्स विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक तौर पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उसे परेशान कर रहा है, जिसके चलते उसकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2009 से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई रहा है। इस दौरान उसने केयू से स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की। वहीं 2014-15 में जनसंचार से एक वर्ष का डिप्लोमा भी किया। उन्होंने बताया कि कॉमर्स विभाग के प्रोफेसर से उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी। मुलाकात के दौरान प्रोफेसर से उससे उसका नाम व परिवार के बारे में जानना चाहा था, जिस पर उसने एसोसिएट प्रोफेसर को बताया कि वह अफगानिस्तान का रहने वाला है और मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है। उसके इस जवाब पर एसोसिएट प्रोफेसर ने नाराजगी जाहिर करते हुए उसके ऊपर कुछ टिप्पणी की थी कि तुम केयू में कैसे पहुंच गए। इसके बाद से उक्त एसोसिएट प्रोफेसर उससे रंजिश रखने लगे। इसको लेकर कई बार एसोसिएट प्रोफेसर के साथ नोक झोंक भी हुई। एसोसिएट प्रोफेसर ही जानबूझ कर उन्हें परेशान करते थे। स्कॉलर ने बताया कि एक बार एसोसिएट प्रोफेसर ने कार से उसे हिट करने का भी प्रयास किया, जिसकी उसने शिकायत मेल से कुलपति को की थी। कुलपति से मांग करते हुए अफगानी स्कॉलर ने न्याय दिलाने की अपील करते हुए कहा कि वह पीएचडी की डिग्री पूरी होने पर शांति से अपने देश लौटना चाहता है और उसकी डिग्री इसी वर्ष पूरी हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर एसोसिएट प्रोफेसर ने अफगानी स्कॉलर पर झगड़े का आरोप लगाते हुए केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को शिकायत दी थी। शिकायत में अफगानी स्कॉलर पर उसकी कार की चाबी निकालने और गला पकड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। साथ ही अफगानी स्कॉलर पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप एसोसिएट प्रोफेसर की तरफ से लगाया गया था। फिलहाल इकोनॉमिक्स से पीएचडी कर रहे अफगानिस्तान के छात्र के बीच झगड़े का मामला प्रोक्टेरियल बोर्ड में प्रॉक्टर प्रो. आरके देसवाल के पास पहुंच गया है। इस बारे में जब केयू प्रवक्ता डा अशोक शर्मा ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर व अफगानी स्कॉलर ने एक दूसरे के खिलाफ केयू प्रशासन को शिकायत दी है, जिसकी जांच प्रोक्टेरियल बोर्ड को सौंपी गई है। प्रॉक्टर डॉ. आर के देशवाल इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएचडी कर रहे अफगानी स्कॉलर को पीएचडी में दाखिले का केस एकेडमिक कौंसिल में पास किया गया था। एसी के सदस्यों की सहमति से ही अफगानी छात्र को पीएचडी में दाखिला दिया गया था।
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