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पारा 43 डिग्री के पार, जनजीवन हुआ बेहाल

Fri, 25 May 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 25 May 2018 12:52 AM IST
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पारा 43 डिग्री के पार, जनजीवन हुआ बेहाल
कुरुक्षेत्र। जिले भर में पिछले कई दिनों से गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है जिसके चलते पारा 43 डिग्री के पार हो चुका है। भीषण गर्मी व लू से लोग बेहाल होने लगे हैं तो इसका जनजीवन पर भी पूरा असर दिखाई देने लगा है। बाजारों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर भी गर्मी व लू के चलते बड़ा असर दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजार व सार्वजनिक स्थान सुनसान दिखाई देने लगे है तो वहीं गर्मी के कहर के बीच मासूम बच्चों को स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लगातार बढ़ रही गर्मी से डायरिया से लेकर उल्टी, दस्त व बुखार आदि बीमारियों के मरीजों की संख्या भी सामान्य व निजी अस्पतालों में बढ़ रही है। गर्मी का ही असर है कि प्रदेश सरकार ने जहां जिला उपायुक्तों को पूरे हालात पर नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं तो वहीं स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट पर है। अस्पतालों में मौसम के तेवर व मरीजों की बढ़ती संख्या को देख व्यापक स्तर पर तैयारी की गई तो वहीं लोग गर्मी से बचने के लिए जहां घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे है तो वहीं ठंडे पेय पदार्थों से लेकर कूलर, एसी व तालाबों का सहारा भी लिया जा रहा है।
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स्कूलों के समय में बदलाव के लिए डीसी को आदेश

भीषण गर्मी के चलते शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी डीसी को मौसम के अनुसार अपने अधीन जिलों के स्कूलों के समय में बदलाव करने के आदेश दिए हैं ताकि बच्चों को गर्मी के कहर से बचाया जा सके। यहीं नहीं सभी स्कूलों में ओआरएस नि:शुल्क रूप से उपलब्ध करवाए जाने के आदेश भी दिए गए हैं। यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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फोटो नंबर- 1
गर्मी के चलते स्कूली बच्चे हो रहे बीमार, 7.30 से 11.30 किया जाए स्कूलों का समय : मलिक

एलिमेंटरी स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक ने मांग करते हुए कहा कि स्कूलों की पूरी छुट्टी के समय दूर दराज जाने वाले छात्रों का भीषण गर्मी में बुरा हाल हो जाता है । कई छात्र गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं और कई छात्र भीषण गर्मी के कारण उल्टी और दस्त की चपेट में आ रहे हैं । भीषण गर्मी को देखते हुए अध्यापक और अभिभावक बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि गांव में दिन में बिजली कम ही आती है जिसके कारण दोपहर होते-होते पीने का पानी भी समाप्त हो जाता है और न ही बिजली के अभाव में पंखे चलते हैं । एसोसिएशन ने मांग की है कि स्कूलों का समय सुबह 8 से 2.30 बजे की जगह 7.30 से 11.30 बजे किया जाए । बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारी राज्य कोषाध्यक्ष जसबीर सैनी , जिला प्रधान रमेश शर्मा, प्यारे लाल, स्वतंत्र शर्मा , रामप्रकाश गिल, राम निवास, अमर सिंह, डॉ पुरुषोत्तम मनजीत, ज्ञान सैनी आदि उपस्थित थे ।
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गर्मी के साथ बढ़ रहा है इंफेक्शन का खतरा

बढ़ती गर्मी के चलते अस्पतालों में लगातार डिहाईड्रेशन, डायरिया व पीलिया जैैसी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आलम यह है कि इन बीमारियों से ग्रस्त दर्जनों लोग अस्पतालों में दाखिल हो रहे हैं। लोकनायक अस्पताल में ओपीडी 1400 तक पहुंच चुकी है। इससे अस्पताल केे हालात बिगड़ने लगे हैं और 100 बेड वाले इस अस्पताल में तीन-तीन मरीजों को एक ही बेड मिल पा रहा है।


पेय पर्दार्थों का सेवन करें: डॉ. गौरव

एलएनजेपी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक गौरव का कहना है कि ऐसे मौसम में मरीजों को पेय पदार्थों नींबू पानी, नारियल पानी व शिकंजी का ज्यादा सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा पूरी हो जाती है। इसके अलावा बासी भोजन, चावल, सब्जी व काफी देर से कटी हुई सब्जी, फल व सलाद का सेवन न करें।


अस्पताल में नहीं हैं पर्याप्त बेड : डिंपी

अस्पताल में दाखिल गांव बारना निवासी डिंपी ने बताया कि शहर के एकमात्र सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए बेड की कोई व्यवस्था नहीं है। इनकी कमी के चलते एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लेटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी वजह से काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



तीमारदारों के लिए नहीं है बैठने कि व्यवस्था: बाला देवी

बाला देवी ने बताया कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के लिए अलग से कोई बैठने की व्यवस्था नहीं हैं। परिजनों को अस्पताल परिसर में नीचे ही बैठना पड़ता है जबकि अधिकतर चिकित्सकों के कक्ष के बाहर पंखे तक की सुविधा नहीं है। अस्पताल के महिला विशेष वार्ड में भी महिलाओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहां उनका घंटों बाद नंबर आता है तो वहीं नीचे फर्श पर बिना पंखे गर्मी को झेलना पड़ता है। अस्पताल के विभिन्न वार्ड में भी यहीं हाल है, जहां मरीजों के लिए उनके परिजनों को हाथ पंखे का ही सहारा लेना पड़ रहा है।

ये बरतें सावधानियां

धूप में बाहर निकले बचें, यदि जरूरी काम है तो सिर पर कपड़ा डाल कर निकलें।
पेय जल का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
बच्चों को नारियल पानी, नींबू पानी, शिकंजी पानी व ओआरएस का सेवन नियमित रूप से कराएं।
सलाद में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्र पूरी हो सके।
इन दिनों फास्ट फूड व जंक फूड का सेवन न करें।
बासी भोजन का सेवन न करें।
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