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सरकारी स्कूलों में करीब 30 हजार बच्चे प्लेट लिए करते रहे मीड डे मील का इंतजार, बिस्किट खाकर ही करना पड़ा सब्र

Thu, 16 Nov 2017 12:46 AM IST
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:46 AM IST
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सरकारी स्कूलों में करीब  30 हजार बच्चे प्लेट लिए करते रहे मीड डे मील का इंतजार, बिस्किट खाकर ही करना पड़ा सब्र
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
जिले के सैकड़ों सरकारी स्कूलों के करीब 30 हजार बच्चे दोपहर के समय खाली प्लेट लिए खाना मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें खाना नहीं मिला। बाद में उन्हें बिस्किट खाकर सब्र करना पड़ा। अधिकतर बच्चों को तो बिस्किट भी नहीं मिल पाए। इसके बाद आनन-फानन में स्कूलों की रिसेस करनी पड़ी। जिससे बच्चे अपने-अपने घर खाना खा कर आ सके। बच्चों को खाने के लिए घर पहुंचे देख अभिभावक दंग रह गए। इससे स्कूलों में माहौल भी गड़बड़ा गया।
बता दें कि बुधवार दोपहर के समय हर रोज की तरह बच्चे खाना मिलने की इंतजार कर रहे थे। अधिकतर स्कूलों में बच्चों के खाने के लिए तैयारी भी की गई। बच्चे, मीड डे मिल का प्रभार संभाल रहे अध्यापक और स्कूल मुखिया इंतजार करते रहे, लेकिन समय हो जाने पर भी मीड डे मील नहीं पहुंचा। हालांकि, अनेक स्कूलों में संबंधित एजेंसी ने फोन कर मीड डे मील न आने की सूचना दे दी थी, लेकिन बहुत से स्कूलों तक यह संदेश भी नहीं पहुंच पाया। इस वजह से अध्यापक अधिकारियों से लेकर मीड डे मील पहुंचाने वाली एजेंसी के अधिकारियों तक फोन करते रहे। साथ ही दूसरे स्कूल में भी खाना पहुंचने की जानकारी लेते रहे। बाद में उन्हें संदेश मिला की आज बच्चों को बिस्किट देकर काम चलाया जाए। मीड डे मील बनाने में तकनीकी खामी के चलते खाना नहीं बन पाया है।
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करनी पड़ी बच्चों की छुट्टी
गांव झिरबड़ी स्थित मिडिल स्कूल में मिड डे मील न पहुंचने के चलते छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल अध्यापकों ने बताया कि वे मिड डे मील आने का इंतजार करते रहे। जब नहीं आया तो उन्होंने एंजेसी से संपर्क किया। जब मिड डे मिल न आने की जानकारी मिली तो बच्चों की रिसेस करनी पड़ी, ताकि वे घर खाना खाकर आ सके।
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एक ही सेंटर से पहुंचता है तीनों ब्लॉक में मिड डे मील
सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिया जाने वाला मिड डे मील का जिम्मा इस्कॉन एजेंसी के पास है। गांव मिर्जापुर में एजेंसी ने मुख्य सेंटर बनाया हुआ है। यहीं से थानेसर, पिहोवा और लाडवा ब्लॉक स्थित कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए मिड डे मील सप्लाई किया जाता है। इसके लिए 21 वैन लगाई गई है।

थानेसर ब्लॉक के ही कुछ स्कूलों में पहुंचा मिड डे मील
मिड डे मील स्कूलों तक पहुंचाने का जिम्मा संभाल रही एजेंसी से मिली जानकारी अनुसार मिर्जापुर तीन वैन ही खाना लेकर रवाना हो पाईं। ये शहर के कुछ स्कूलों के साथ-साथ झिंवरेहड़ी सहित आसपास के स्कूलों में भी अपने रूट के अनुसार मिड डे मील वितरित कर सकीं। अन्य वैन राशन लेने के लिए सेंटर पर ही खड़ी रहीं।

बॉयलर में तकनीकी खराबी से नहीं बन पाया मिड डे मील
एजेंसी के सुपरवाइजर मोहित से संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन मिड डे मील सप्लाई करने में लगे एक कर्मी ने बताया कि मंलवार देर रात को ही बॉयलर और कुकर में तकनीकी खराबी आ गई थी। यह बुधवार दोपहर तक ठीक नहीं हो सकी। दिन भर इसे दुरुस्त करवाने में जुटे रहे। देर शाम ही यह ठीक हो पाई। वीरवार को सभी स्कूलों में समय पर मिड डे मील पहुंचाया जाएगा।


एजेंसी से दिलाया जाएगा बिस्किट का बिल : कौशिक
थानेसर खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि दोपहर के समय मिड डे मील सप्लाई करने वाली एजेंसी की ओर से उनके पास संदेश आया था कि आज बॉयलर और कुुकर में तकनीकी खराबी के चलते मिड डे मील नहीं बन पाया है। इसके बाद सभी स्कूलों में बच्चों को बिस्किट का एक-एक पैकेट देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया कि इन बिस्किट के बिल स्कूल की ओर से भेजे जाने पर संबंधित एजेंसी से दिलाया जाएगा।
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