{"_id":"5c6c5699bdec2275c51245f1","slug":"81550603929-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल पर, गड़बड़ाई शहर की सफाई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल पर, गड़बड़ाई शहर की सफाई व्यवस्था
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छता के राष्ट्रव्यापी संदेश के सप्ताह भर बाद ही गंदगी के ढेर में तब्दील हुई धर्म नगरी
- नगर परिषद के सफाई कर्मियों की हड़ताल से गड़बड़ाई शहर की सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्ताह भर पूर्व ही अपने शहर से पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया था। उनके संदेश का कम से कम धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। मंगलवार को नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन ही पूरा शहर गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया।
हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। शहर के मुख्य मार्गों पर ही नहीं बल्कि आवासीय सेक्टरों में भी कचरे के ढेर लगे हैं। जल्द ही कूड़ा न उठाया गया तो गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई जा रही है। मालूम हो कि रोजाना शहर से करीब 70 टन से ज्यादा कचरा निकलता है। सोमवार से शुरू हुई नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार शाम तक शहर में करीब 150 टन कचरा जमा है। जबकि बुधवार तक हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में शहर में अगले 24 घंटों में कचरे की उठान की संभावना नहीं है। इसके अलावा नगर परिषद के 90 स्थाई व 300 अस्थाई सफाई कर्मचारी एक दो दिन में 300 टन कचरा जल्द ही साफ कर देंगे । इसकी आशंका भी बहुत ही कम है। सीधे शब्दों में हड़ताल की वजह से शहर वासियों को अगले कई दिनों तक गंदगी के आलम में ही रहना होगा।
पीएम के आने पर हुई थी सफाई , अब फिर वही हालात
शहरवासी कृष्ण कुमार, सतनाम सिंह व मित्रपाल ने पारस रोड पर पड़े कचरे के ढेर दिखाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे तो शहर का महिनों भर से पड़ा कचरा निकाल दिया गया था, लेकिन अब फिर उसी दिन से हालात पहले जैसे बन चुके है। प्रधानमंत्री के समारोह के बाद यहां से एक बार भी कचरा नहीं उठाया गया है, जिसके चलते दुर्गंध दूर-दूर तक फैल रही है और यहां से मुहं ढांप पर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पहले भी कचरे के ढेर विधायक सुभाष सुधा को दिखाए थे, लेकिन एक बार ही असर हो पाया। कचरे के ढेर से परेशान आसपास के लोगों ने अनेकों बार नगर परिषद को भी गुहार लगाई है, जिसके बावजूद भी कोई सुध नहीं ली गई।
विज्ञापन
कचरे के ढेर से नालियां अटी
जहां शहर के अनेकों मुख्य व अन्य मार्गो किनारे ही कचरे के ढेर लगे है वहीं पानी निकासी की नालियां भी कचरे से अटी हुई है। पिछले कई दिनों से बारिश के बने आसार के बाजवूद इन्हें साफ करने की जहमत नहीं उठाई गई, जिससे तेज बारिश हुई तो शहर में जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
- नगर परिषद के सफाई कर्मियों की हड़ताल से गड़बड़ाई शहर की सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्ताह भर पूर्व ही अपने शहर से पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया था। उनके संदेश का कम से कम धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। मंगलवार को नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन ही पूरा शहर गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया।
हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। शहर के मुख्य मार्गों पर ही नहीं बल्कि आवासीय सेक्टरों में भी कचरे के ढेर लगे हैं। जल्द ही कूड़ा न उठाया गया तो गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई जा रही है। मालूम हो कि रोजाना शहर से करीब 70 टन से ज्यादा कचरा निकलता है। सोमवार से शुरू हुई नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार शाम तक शहर में करीब 150 टन कचरा जमा है। जबकि बुधवार तक हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में शहर में अगले 24 घंटों में कचरे की उठान की संभावना नहीं है। इसके अलावा नगर परिषद के 90 स्थाई व 300 अस्थाई सफाई कर्मचारी एक दो दिन में 300 टन कचरा जल्द ही साफ कर देंगे । इसकी आशंका भी बहुत ही कम है। सीधे शब्दों में हड़ताल की वजह से शहर वासियों को अगले कई दिनों तक गंदगी के आलम में ही रहना होगा।
विज्ञापन
पीएम के आने पर हुई थी सफाई , अब फिर वही हालात
शहरवासी कृष्ण कुमार, सतनाम सिंह व मित्रपाल ने पारस रोड पर पड़े कचरे के ढेर दिखाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे तो शहर का महिनों भर से पड़ा कचरा निकाल दिया गया था, लेकिन अब फिर उसी दिन से हालात पहले जैसे बन चुके है। प्रधानमंत्री के समारोह के बाद यहां से एक बार भी कचरा नहीं उठाया गया है, जिसके चलते दुर्गंध दूर-दूर तक फैल रही है और यहां से मुहं ढांप पर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पहले भी कचरे के ढेर विधायक सुभाष सुधा को दिखाए थे, लेकिन एक बार ही असर हो पाया। कचरे के ढेर से परेशान आसपास के लोगों ने अनेकों बार नगर परिषद को भी गुहार लगाई है, जिसके बावजूद भी कोई सुध नहीं ली गई।
विज्ञापन
कचरे के ढेर से नालियां अटी
जहां शहर के अनेकों मुख्य व अन्य मार्गो किनारे ही कचरे के ढेर लगे है वहीं पानी निकासी की नालियां भी कचरे से अटी हुई है। पिछले कई दिनों से बारिश के बने आसार के बाजवूद इन्हें साफ करने की जहमत नहीं उठाई गई, जिससे तेज बारिश हुई तो शहर में जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।