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राष्ट्रपति भवन की सफाई व्यवस्था देखती है बीवीजी, उसके कंधों पर गुजरात के धर्मस्थलों का जिम्मा
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:59 AM IST
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राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। गुजरात पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड से हरियाणा सरकार सबक ले तो सांस्कृतिक राजधानी कुरुक्षेत्र की नहीं, बल्कि राज्य के ऐतिहासिक, पौराणिक और अन्य दर्शनीय स्थलों की तस्वीर बदल सकती है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 में गुजरात प्रांत के इस बोर्ड की भी भूमिका है। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के मध्य स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में बनाए गए गुजरात पवेलियन को यात्राधाम विकास बोर्ड की 120 लोगों की टीम के देखरेख में तैयार किया गया है। गुजरात कैडर के आईएएस एवं बोर्ड के सचिव केएम अधवरी ने बताया कि बोर्ड मुख्य रूप से गुजरात प्रांत के मुख्य रूप से धर्मस्थलों की देखरेख, व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा पर फोकस करता है। यह पहली बार है जब हरियाणा में गुजरात पवित्रधाम विकास बोर्ड की एक्टिविटी हो रही है। गुजरात सरकार का यह बोर्ड एक अलग मंत्रालय की देखरेख में कार्य कर रहा है, जिसका सालाना बजट-करीब डेढ़ सौ करोड़ है। बताया गया है कि किसी भी धर्मस्थल के निर्माण और व्यवस्था के लिए अपील करने वाली ट्रस्ट एवं संस्था को यह बोर्ड कुल खर्च में से 70 प्रतिशत तक होने वाले खर्च राशि प्रदान कर रहा है। वहीं सिर्फ 30 प्रतिशत तक का ही खर्च प्रबंधक संस्था को उठाना पड़ता है। बोर्ड के सचिव ने बताया कि बोर्ड का एक मिशन है हाई क्लीनलिनेस। इस मिशन के तहत गुजरात के सोमनाथ मंदिर और गीरनार सहित कुल ऐसे प्रमुख धर्मस्थल है, जहां बोर्ड के हाई क्लीनलिनेस मिशन के तहत कार्य हो रहा है। इसका जिम्मा भारत विजय ग्रुप (बीवीजी) को सौंपा है। बता दें कि बीवीजी वह एजेंसी है, जिसके कंधों पर राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और दिल्ली एयरपोर्ट सहित देश के प्रमुख एयरपोर्ट और अन्य विशेष जगहों पर क्लीनलिनेस की व्यवस्था का जिम्मा है। बोर्ड सचिव के मुताबिक इसके बाद अन्य स्थलों को भी इसी मिशन के तहत हाई क्लीनलिनेस जोन में लाने की योजना है।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया करती है ग्रेडिंग
जिस विशेष मिशन के तहत गुजरात के जिन आठ प्रमुख स्थलों को हाई क्लीनलिनेस के दायरे में लाया गया है, उन स्थलों की समय समय पर क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा ग्रेडिंग होती है। यह ग्रेडिंग गुजरात पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड करवाता है, ताकि ग्रेडिंग में पिछड़ने पर संबंधित एजेंसी को किए जा रहे भुगतान में कार्रवाई के तौर पर राशि काटी सके।
इसलिए रद हो गया रुपाणी का दौरा
बोर्ड सचिव के मुताबिक कुरुक्षेत्र में बनाए गए गुजरात पवेलियन के उद्घाटन अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को भी पहुंचना था, लेकिन गुजरात में राष्ट्रपति के दौरे की वजह से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। बोर्ड सचिव के मुताबिक गुजरात पवेलियन के लिए हरियाणा के सीएम ने गुजरात सरकार को पत्र भेजा था। उनकी इस पहल पर ही गुजरात पवेलियन की व्यवस्था की गई है।
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एक नजर में होंगे गुजरात की विरासत के दर्शन
उन्होंने बताया कि गीता महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस पवेलियन में तैयार की गई गैलरी के माध्यम से एक नजर में गुजरात की विरासत को देख सकेंगे। इसके अलावा यहां गुजरात की काठियाड़ी थाली में पारंपरिक व्यंजन के अलावा कई ऐसे स्टाल हैं जहां, गुजरात का जायका, क्राफ्ट और लोक संस्कृति का आनंद ले सकेंगे।
कैलाश खेर का कार्यक्रम 18 को
विश्वविख्यात गायक कैलाश खेर के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रोग्राम के लिए गुजरात सरकार 40 लाख रुपये खर्च करेगी। 18 दिसंबर को कैलाश खेर कुरुक्षेत्र में प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा गुजरात ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए विशेष रूप से चार लाख कीमत का गीता अमृत कुंभ (गुब्बारा) तैयार कराया है, जोकि करीब 18 फुट ऊंचा कलश के आकार का यह गुब्बारा बेहद आकर्षक है।
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कुरुक्षेत्र। गुजरात पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड से हरियाणा सरकार सबक ले तो सांस्कृतिक राजधानी कुरुक्षेत्र की नहीं, बल्कि राज्य के ऐतिहासिक, पौराणिक और अन्य दर्शनीय स्थलों की तस्वीर बदल सकती है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 में गुजरात प्रांत के इस बोर्ड की भी भूमिका है। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के मध्य स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में बनाए गए गुजरात पवेलियन को यात्राधाम विकास बोर्ड की 120 लोगों की टीम के देखरेख में तैयार किया गया है। गुजरात कैडर के आईएएस एवं बोर्ड के सचिव केएम अधवरी ने बताया कि बोर्ड मुख्य रूप से गुजरात प्रांत के मुख्य रूप से धर्मस्थलों की देखरेख, व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा पर फोकस करता है। यह पहली बार है जब हरियाणा में गुजरात पवित्रधाम विकास बोर्ड की एक्टिविटी हो रही है। गुजरात सरकार का यह बोर्ड एक अलग मंत्रालय की देखरेख में कार्य कर रहा है, जिसका सालाना बजट-करीब डेढ़ सौ करोड़ है। बताया गया है कि किसी भी धर्मस्थल के निर्माण और व्यवस्था के लिए अपील करने वाली ट्रस्ट एवं संस्था को यह बोर्ड कुल खर्च में से 70 प्रतिशत तक होने वाले खर्च राशि प्रदान कर रहा है। वहीं सिर्फ 30 प्रतिशत तक का ही खर्च प्रबंधक संस्था को उठाना पड़ता है। बोर्ड के सचिव ने बताया कि बोर्ड का एक मिशन है हाई क्लीनलिनेस। इस मिशन के तहत गुजरात के सोमनाथ मंदिर और गीरनार सहित कुल ऐसे प्रमुख धर्मस्थल है, जहां बोर्ड के हाई क्लीनलिनेस मिशन के तहत कार्य हो रहा है। इसका जिम्मा भारत विजय ग्रुप (बीवीजी) को सौंपा है। बता दें कि बीवीजी वह एजेंसी है, जिसके कंधों पर राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और दिल्ली एयरपोर्ट सहित देश के प्रमुख एयरपोर्ट और अन्य विशेष जगहों पर क्लीनलिनेस की व्यवस्था का जिम्मा है। बोर्ड सचिव के मुताबिक इसके बाद अन्य स्थलों को भी इसी मिशन के तहत हाई क्लीनलिनेस जोन में लाने की योजना है।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया करती है ग्रेडिंग
जिस विशेष मिशन के तहत गुजरात के जिन आठ प्रमुख स्थलों को हाई क्लीनलिनेस के दायरे में लाया गया है, उन स्थलों की समय समय पर क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा ग्रेडिंग होती है। यह ग्रेडिंग गुजरात पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड करवाता है, ताकि ग्रेडिंग में पिछड़ने पर संबंधित एजेंसी को किए जा रहे भुगतान में कार्रवाई के तौर पर राशि काटी सके।
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इसलिए रद हो गया रुपाणी का दौरा
बोर्ड सचिव के मुताबिक कुरुक्षेत्र में बनाए गए गुजरात पवेलियन के उद्घाटन अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को भी पहुंचना था, लेकिन गुजरात में राष्ट्रपति के दौरे की वजह से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। बोर्ड सचिव के मुताबिक गुजरात पवेलियन के लिए हरियाणा के सीएम ने गुजरात सरकार को पत्र भेजा था। उनकी इस पहल पर ही गुजरात पवेलियन की व्यवस्था की गई है।
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एक नजर में होंगे गुजरात की विरासत के दर्शन
उन्होंने बताया कि गीता महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस पवेलियन में तैयार की गई गैलरी के माध्यम से एक नजर में गुजरात की विरासत को देख सकेंगे। इसके अलावा यहां गुजरात की काठियाड़ी थाली में पारंपरिक व्यंजन के अलावा कई ऐसे स्टाल हैं जहां, गुजरात का जायका, क्राफ्ट और लोक संस्कृति का आनंद ले सकेंगे।
कैलाश खेर का कार्यक्रम 18 को
विश्वविख्यात गायक कैलाश खेर के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रोग्राम के लिए गुजरात सरकार 40 लाख रुपये खर्च करेगी। 18 दिसंबर को कैलाश खेर कुरुक्षेत्र में प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा गुजरात ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए विशेष रूप से चार लाख कीमत का गीता अमृत कुंभ (गुब्बारा) तैयार कराया है, जोकि करीब 18 फुट ऊंचा कलश के आकार का यह गुब्बारा बेहद आकर्षक है।