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रोजगार को छीनने के उपाय ढूंढ रही है सरकार : राजेश
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:58 PM IST
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रोजगार को छीनने के उपाय ढूंढ रही है सरकार : राजेश
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश के सभी मंत्रियों के आवास पर चल रहा क्रमिक अनशन 22वें दिन भी जारी रहा। इसमें जिले के कार्यकारिणी सदस्यों ने हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिंहा सिंह रंगा , जिला प्रधान राजेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष कुलबीर खरींडवा, जिला सलाहकार नरेश कुमार, सुमेर सिंह बैठे। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिंहा सिंह रंगा ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अतिथि अध्यापकों का रोजगार बचाने की बजाय उनके रोजगार को छिनने के उपाय ढूंढ रही है।
उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापक हरगिज सहन नहीं करेंगे और अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक कि प्रदेश सरकार उनकी सभी मांगे नहीं मान लेती। प्रदेश प्रवक्ता राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार जहां अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के अपने वादे से मुकर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के प्रति भी दोहरा मापदंड अपना रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कच्चे कर्मचारी को भी नियमित कर्मचारी के समान वेतन देने का आदेश दिया है। प्रदेश सरकार इन आदेशों पर दोहरा मापदंड अपना रही है। सरकार कच्चे कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखने के लिए कच्चे कर्मचारियों की भी श्रेणियां बना रही है। यह कच्चे कर्मचारियों का सरासर शोषण है। उन्होंने बताया कि सरकार के नुमाइंदों का यह कहना कि यदि कोई विभाग अपने कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देना चाहता है तो वह सरकार से इसकी सिफारिश कर सकता है। यह दर्शाता है कि सरकार कोर्ट का आदेश लागू ही नहीं करना चाहती, क्योंकि यदि सरकार की नीति और नियत साफ हो तो वह उच्चतम न्यायालय का लाभ सब को दे सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश के सभी मंत्रियों के आवास पर चल रहा क्रमिक अनशन 22वें दिन भी जारी रहा। इसमें जिले के कार्यकारिणी सदस्यों ने हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिंहा सिंह रंगा , जिला प्रधान राजेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष कुलबीर खरींडवा, जिला सलाहकार नरेश कुमार, सुमेर सिंह बैठे। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिंहा सिंह रंगा ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अतिथि अध्यापकों का रोजगार बचाने की बजाय उनके रोजगार को छिनने के उपाय ढूंढ रही है।
उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापक हरगिज सहन नहीं करेंगे और अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक कि प्रदेश सरकार उनकी सभी मांगे नहीं मान लेती। प्रदेश प्रवक्ता राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार जहां अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के अपने वादे से मुकर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के प्रति भी दोहरा मापदंड अपना रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कच्चे कर्मचारी को भी नियमित कर्मचारी के समान वेतन देने का आदेश दिया है। प्रदेश सरकार इन आदेशों पर दोहरा मापदंड अपना रही है। सरकार कच्चे कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखने के लिए कच्चे कर्मचारियों की भी श्रेणियां बना रही है। यह कच्चे कर्मचारियों का सरासर शोषण है। उन्होंने बताया कि सरकार के नुमाइंदों का यह कहना कि यदि कोई विभाग अपने कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देना चाहता है तो वह सरकार से इसकी सिफारिश कर सकता है। यह दर्शाता है कि सरकार कोर्ट का आदेश लागू ही नहीं करना चाहती, क्योंकि यदि सरकार की नीति और नियत साफ हो तो वह उच्चतम न्यायालय का लाभ सब को दे सकती है।
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