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लावारिस हुईं अनाज मंडियां, न सफाई, न पानी और बारदाना
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:32 AM IST
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लावारिस हुईं अनाज मंडियां, न सफाई, न पानी और बारदाना
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने की घोषणा की है। इसके बावजूद मंडियां इसके लिए तैयार नहीं हैं। कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी सहित जिले की अधिकतर अनाज मंडियां लावारिस हालत में छोड़ दी गई हैं। इनमें गेहूं की आवक और खरीद से संबंधित कोई तैयारी अब तक नहीं की गई। मंडियों में सफाई नहीं है तो पीने के पानी से लेकर शौचालयों तक के हालात बदतर हैं। अधिकतर मंडियों में शनिवार देर शाम तक बारदाना भी नहीं पहुंचा था। अधिकारियों की इस बेरुखी से आढ़ती भी परेशान हैं। इतनी अव्यवस्थाओं के बाद भी इसके बावजूद डीएफएससी वीरेंद्र सिंह तैयारी पूरी होने का दम भर रहे हैं।
गेहूं खरीद होने से एक दिन पूर्व शनिवार को भी कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में आढ़ती अधिकारियों की राहत देखते रहे। बता दें कि पांच दिन पूर्व एसीएस ने वीडियो कांफ्रेंसिग कर जिले के उपायुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए थे कि खरीद शुरू होने से पहले ही मंडियों में सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके बावजूद अन्य तैयारियों को दूर खरीद के एक दिन पहले तक किसी अधिकारी ने मंडी तक पहुंचना भी मुनासिब नहीं समझा। मंडी में पीने के पानी से लेकर शौचालय, बिजली और सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। मंडी के मुख्य गेट के बाहर ही खोदी गई सड़क सबसे बड़ी परेशानी दिख रही है। वहीं बारदाना न पहुंचने से भी आढ़ती उलझन में हैं। किसानों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में पांच अप्रैल से ही गेहूं की आवक की संभावना जताई जा रही है। शनिवार तक कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा था।
मंडी के बाहर खुले में ही करते हैं शौच : सेठी
अनाजमंडी में पिछले आठ वर्षों से मजदूरी कर रहे सेठी का कहना है कि सीजन में पूरी मंडी में करीब दो हजार मजदूर आते हैं। इनके लिए न तो पर्याप्त पानी होता है और न ही शौचालय की व्यवस्था होती है। मजबूरी के चलते उन्हें शौच के लिए मंडी के बाहर जाना पड़ता है।
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ऐसे हालात पहली बार देखे : वीरभान
कुरुक्षेत्र अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान वीरभान सिंह का कहना है कि मंडी के ऐसे बदतर हालात पहली बार देखे हैं। खरीद की तारीख से एक दिन पहले तक तक किसी भी अधिकारी ने मंडी की सुध नहीं ली है। मंडी में सफाई व्यवस्था से लेकर पीने के पानी और शौचालयों तक की उचित व्यवस्था नहीं है। बारदाना तक नहीं पहुंचा है। आज तक किसी अधिकारी ने न मंडी का दौरा किया है और न ही आढ़तियों के साथ बैठक की है।
तैयारी की जा चुकी पूरी : वीरेंद्र
डीएफएससी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कुरुक्षेत्र सहित जिले भर में अनाज मंडियों में रविवार से गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडी अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए हैं। यदि लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
नमी अधिक होने से मंडी में नहीं बिका गेहूं
इस्माईलाबाद। स्थानीय अनाजमंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन नमी अधिक होने के कारण ढेरी की बिकवाली में किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई। शनिवार को मंडी में करीब 300 क्विंटल गेहूं आया। किसान पंजाब सिंह निवासी चूहडपुर गेहूं की पहली ढेरी लेकर रामस्वरूप गुलाब सिंह की दुकान पर पहुंचे, लेकिन गेहूं की सरकारी खरीद न होने और गेहूं में अधिक नमी होने के कारण उनके गेहूं की बिकवाली नहीं हुई। किसान ने कहा कि उसने आगामी फसल की जल्दी बिजाई के लिए गेहूं की कटाई जल्द करा दी थी। गेहूं सूखने के लिए मंडी में डाल दिया है। गेहूं के सूखने के बाद वह गेहूं को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचेगा। इंस्पेक्टर बृजमोहन शर्मा ने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद सरकार के आदेशानुसार एक अप्रैल से समर्थन मूल्य पर की जाएगी। गेहूं खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने की घोषणा की है। इसके बावजूद मंडियां इसके लिए तैयार नहीं हैं। कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी सहित जिले की अधिकतर अनाज मंडियां लावारिस हालत में छोड़ दी गई हैं। इनमें गेहूं की आवक और खरीद से संबंधित कोई तैयारी अब तक नहीं की गई। मंडियों में सफाई नहीं है तो पीने के पानी से लेकर शौचालयों तक के हालात बदतर हैं। अधिकतर मंडियों में शनिवार देर शाम तक बारदाना भी नहीं पहुंचा था। अधिकारियों की इस बेरुखी से आढ़ती भी परेशान हैं। इतनी अव्यवस्थाओं के बाद भी इसके बावजूद डीएफएससी वीरेंद्र सिंह तैयारी पूरी होने का दम भर रहे हैं।
गेहूं खरीद होने से एक दिन पूर्व शनिवार को भी कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में आढ़ती अधिकारियों की राहत देखते रहे। बता दें कि पांच दिन पूर्व एसीएस ने वीडियो कांफ्रेंसिग कर जिले के उपायुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए थे कि खरीद शुरू होने से पहले ही मंडियों में सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके बावजूद अन्य तैयारियों को दूर खरीद के एक दिन पहले तक किसी अधिकारी ने मंडी तक पहुंचना भी मुनासिब नहीं समझा। मंडी में पीने के पानी से लेकर शौचालय, बिजली और सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। मंडी के मुख्य गेट के बाहर ही खोदी गई सड़क सबसे बड़ी परेशानी दिख रही है। वहीं बारदाना न पहुंचने से भी आढ़ती उलझन में हैं। किसानों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में पांच अप्रैल से ही गेहूं की आवक की संभावना जताई जा रही है। शनिवार तक कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा था।
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मंडी के बाहर खुले में ही करते हैं शौच : सेठी
अनाजमंडी में पिछले आठ वर्षों से मजदूरी कर रहे सेठी का कहना है कि सीजन में पूरी मंडी में करीब दो हजार मजदूर आते हैं। इनके लिए न तो पर्याप्त पानी होता है और न ही शौचालय की व्यवस्था होती है। मजबूरी के चलते उन्हें शौच के लिए मंडी के बाहर जाना पड़ता है।
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ऐसे हालात पहली बार देखे : वीरभान
कुरुक्षेत्र अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान वीरभान सिंह का कहना है कि मंडी के ऐसे बदतर हालात पहली बार देखे हैं। खरीद की तारीख से एक दिन पहले तक तक किसी भी अधिकारी ने मंडी की सुध नहीं ली है। मंडी में सफाई व्यवस्था से लेकर पीने के पानी और शौचालयों तक की उचित व्यवस्था नहीं है। बारदाना तक नहीं पहुंचा है। आज तक किसी अधिकारी ने न मंडी का दौरा किया है और न ही आढ़तियों के साथ बैठक की है।
तैयारी की जा चुकी पूरी : वीरेंद्र
डीएफएससी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कुरुक्षेत्र सहित जिले भर में अनाज मंडियों में रविवार से गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडी अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए हैं। यदि लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
नमी अधिक होने से मंडी में नहीं बिका गेहूं
इस्माईलाबाद। स्थानीय अनाजमंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन नमी अधिक होने के कारण ढेरी की बिकवाली में किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई। शनिवार को मंडी में करीब 300 क्विंटल गेहूं आया। किसान पंजाब सिंह निवासी चूहडपुर गेहूं की पहली ढेरी लेकर रामस्वरूप गुलाब सिंह की दुकान पर पहुंचे, लेकिन गेहूं की सरकारी खरीद न होने और गेहूं में अधिक नमी होने के कारण उनके गेहूं की बिकवाली नहीं हुई। किसान ने कहा कि उसने आगामी फसल की जल्दी बिजाई के लिए गेहूं की कटाई जल्द करा दी थी। गेहूं सूखने के लिए मंडी में डाल दिया है। गेहूं के सूखने के बाद वह गेहूं को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचेगा। इंस्पेक्टर बृजमोहन शर्मा ने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद सरकार के आदेशानुसार एक अप्रैल से समर्थन मूल्य पर की जाएगी। गेहूं खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।