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विश्व दर्शन है गीता : डॉ श्रीप्रकाश
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:54 PM IST
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विश्व दर्शन है गीता : डॉ श्रीप्रकाश
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मातृभूमि सेवा मिशन के अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह पर आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के दसवें दिवस अंतरविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। केयू की डॉ. पुष्पा रानी, एसडी गर्ल्स कॉलेज, पानीपत की प्रो. डॉ संगीता गुप्ता ने संयुक्त रूप से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि अनादि काल से गीता ने सत्यानवेषियों और जिज्ञासुओं के सभी प्रश्नों का समाधान किया है। आज भी कर रही है। गीता आर्यवर्त भारत से उदित होकर पूरे विश्व को अलोकित करने वाली है। गीता विश्व दर्शन है।
उन्होंने कहा कि विश्व की प्रथम एवं प्राचीनतम सभ्यता, भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं अध्यात्म ने पूरे विश्व को प्रभावित और आकर्षित किया है। इसलिए भारत को विश्व गुरु माना जाता है। गीता में केवल भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व की समस्याओं का समाधान है। जिस मनुष्य ने गीता का थोड़ा सा भी अध्ययन किया है, वह संसार के बंधन से मुक्त होकर आनंद का अधिकारी हो जाता है। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रतियोगिता के तहत ग्रुप डांस में प्रथम अर्चना और साहिल, मनु शिक्षा सदन, नितीश कुमार ग्रुप डांस, नवेदिता पब्लिक स्कूल, श्लोक उच्चारण में गरिमा, श्रीराम पब्लिक स्कूल और नीरज, निवेदिता पब्लिक स्कूल, पोस्टर मेकिंग में प्रथम वंश गिल, निवेदिता पब्लिक स्कूल, द्वितीय सोनिया, निवेदिता पब्लिक स्कूल, रंगोली में प्रथम तरुण, अर्पित, श्रीराम पब्लिक स्कूल, द्वितीय मोहित और हर्ष, श्रीराम पब्लिक स्कूल आदि स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सोमनाथ कक्कड़, जयपाल शास्त्री, लखविंदर पाल सिंहग्रेवाल, रामेश्वर चहल एडवोकेट, डॉ. आरती, डॉ. राजेंद्र देशवाल, सुभाष चौहान, डॉ. ताराचंद शर्मा, धर्मपाल सैनी, नेहा शोलखे निर्णायक मंडल में शामिल थे। प्रतियोगिता के संयोजक मेवा राम कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मातृभूमि सेवा मिशन के अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह पर आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के दसवें दिवस अंतरविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। केयू की डॉ. पुष्पा रानी, एसडी गर्ल्स कॉलेज, पानीपत की प्रो. डॉ संगीता गुप्ता ने संयुक्त रूप से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि अनादि काल से गीता ने सत्यानवेषियों और जिज्ञासुओं के सभी प्रश्नों का समाधान किया है। आज भी कर रही है। गीता आर्यवर्त भारत से उदित होकर पूरे विश्व को अलोकित करने वाली है। गीता विश्व दर्शन है।
उन्होंने कहा कि विश्व की प्रथम एवं प्राचीनतम सभ्यता, भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं अध्यात्म ने पूरे विश्व को प्रभावित और आकर्षित किया है। इसलिए भारत को विश्व गुरु माना जाता है। गीता में केवल भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व की समस्याओं का समाधान है। जिस मनुष्य ने गीता का थोड़ा सा भी अध्ययन किया है, वह संसार के बंधन से मुक्त होकर आनंद का अधिकारी हो जाता है। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रतियोगिता के तहत ग्रुप डांस में प्रथम अर्चना और साहिल, मनु शिक्षा सदन, नितीश कुमार ग्रुप डांस, नवेदिता पब्लिक स्कूल, श्लोक उच्चारण में गरिमा, श्रीराम पब्लिक स्कूल और नीरज, निवेदिता पब्लिक स्कूल, पोस्टर मेकिंग में प्रथम वंश गिल, निवेदिता पब्लिक स्कूल, द्वितीय सोनिया, निवेदिता पब्लिक स्कूल, रंगोली में प्रथम तरुण, अर्पित, श्रीराम पब्लिक स्कूल, द्वितीय मोहित और हर्ष, श्रीराम पब्लिक स्कूल आदि स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सोमनाथ कक्कड़, जयपाल शास्त्री, लखविंदर पाल सिंहग्रेवाल, रामेश्वर चहल एडवोकेट, डॉ. आरती, डॉ. राजेंद्र देशवाल, सुभाष चौहान, डॉ. ताराचंद शर्मा, धर्मपाल सैनी, नेहा शोलखे निर्णायक मंडल में शामिल थे। प्रतियोगिता के संयोजक मेवा राम कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए।
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