{"_id":"598f4a4b4f1c1b96558b48dd","slug":"71502562891-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृतक समझे जाने वाली लडकी निकली जिंदा, करीब 50 दिन बीत जाने के बाद लौटी मांडी के गुरुद्वारे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मृतक समझे जाने वाली लडकी निकली जिंदा, करीब 50 दिन बीत जाने के बाद लौटी मांडी के गुरुद्वारे में
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:04 AM IST
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जिसकी अस्थियां लेकर संस्कार कर चुके थे परिजन वो गुरुद्वारे पहुंच गई
-50 दिन से लापता महिला शनिवार ससुराल के निकट गांव मांडी पहुंची
-मायके वाले लगा रहे थे ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-इस्माईलाबाद
मायके वाले जिस अज्ञात शव की अस्थियों को बेटी की समझकर अंतिम संस्कार कर चुके थे, वो महिला शनिवार को करीब दो माह के बाद रहस्यमय ढंग से गांव मांडी के गुरुद्वारे में पहुंच गई। सुबह सवेरे उक्त महिला के ससुराल के गांव के निकट स्थित गुरुद्वारे में पहुंचते ही सेवादारों ने इसकी सूचना इस्माईलाबाद थाना एसएचओ जयनारायण शर्मा को दी। यह सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले उक्त महिला के ससुर और पति को सूचित किया।
50 दिन पहले इस्माईलाबाद थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह सूचना मिलने के बाद ससुराल वालों ने उक्त महिला को ले जाने से साफ मना कर दिया। इसके बाद महिला को थाने लाया गया। यहां से एसएचओ ने महिला के मायके वालों को उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव काला माजरा में सूचना दी। यह सूचना मिलते ही परिजन इस्माईलाबाद थाने पहुंचे। वहां महिला को उसके मायके वालों को सौंपा गया। वहीं थाना प्रभारी जयनारायण शर्मा ने बताया कि गांव तलहेडी के दीदार सिंह ने अपनी पत्नी के गुम होने का मामला दर्ज करवाया था। इसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी थी। लेकिन महिला के मायके वालों ने उनकी लड़की की हत्या करने का शक ससुराल पक्ष पर लगा रहे थे। रोहतक में मिले शव को अपनी लड़की का बता कर ससुराल पक्ष पर हत्या का मामला दर्ज करने की कह रह थे। लेकिन जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया। शनिवार को मांडी गुरुद्वारा के सेवादार का फोन आया और उन्होंने परविंद्र कौर के गुरुद्वारे में होने की सूचना दी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर लड़की को थाने में ले आए तथा दोनों पक्षों को इसकी सूचना देकर, लड़की का मेडिकल करवा कर न्यायालय में बयान करवा कर उसके माता पिता को सौंप दी है। मामले की जांच एसआई वेदप्रकाश कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 22 जून को गांव तलहेडी निवासी दीदार सिंह ने अपनी पत्नी परविंद्र कौर के गुम होने का मामला थाना इस्माईलाबाद में दर्ज कराया था, लेकिन महिला के मायके वालों का ससुराल पक्ष पर आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को छुपा दिया गया। मायके वालों ने ससुरालजनों पर हत्या का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस पर दबाव भी बनाया था, लेकिन पुलिस इसके बाद से लगातार ससुरालियों से पूछताछ करती रही।
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उधर, गांव तलहेडी के पूर्व सरपंच कावल सिंह, भगवंत सिंह ठसका, पति दीदार सिंह ने बताया कि उन्होंने परविंद्र कौर के गुम होने का मामला थाना इस्माईलाबाद में दर्ज करवा दिया था, लेकिन मायके वालों नेगंभीर आरोप लगाते हुए थाने में हत्या का मामला दर्ज करने का दबाव बनाया था। इसी के चलते मायके वालों ने रोहतक में किसी अन्य शव को अपनी लड़की का बता कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाने पर जोर डाला था, लेकिन अब 50 दिन के बाद परविंद्र कौर अपने आप घर लौट आई है।
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जिसकी अस्थियां लेकर संस्कार कर चुके थे परिजन वो गुरुद्वारे पहुंच गई
-50 दिन से लापता महिला शनिवार ससुराल के निकट गांव मांडी पहुंची
-मायके वाले लगा रहे थे ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-इस्माईलाबाद
मायके वाले जिस अज्ञात शव की अस्थियों को बेटी की समझकर अंतिम संस्कार कर चुके थे, वो महिला शनिवार को करीब दो माह के बाद रहस्यमय ढंग से गांव मांडी के गुरुद्वारे में पहुंच गई। सुबह सवेरे उक्त महिला के ससुराल के गांव के निकट स्थित गुरुद्वारे में पहुंचते ही सेवादारों ने इसकी सूचना इस्माईलाबाद थाना एसएचओ जयनारायण शर्मा को दी। यह सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले उक्त महिला के ससुर और पति को सूचित किया।
50 दिन पहले इस्माईलाबाद थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह सूचना मिलने के बाद ससुराल वालों ने उक्त महिला को ले जाने से साफ मना कर दिया। इसके बाद महिला को थाने लाया गया। यहां से एसएचओ ने महिला के मायके वालों को उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव काला माजरा में सूचना दी। यह सूचना मिलते ही परिजन इस्माईलाबाद थाने पहुंचे। वहां महिला को उसके मायके वालों को सौंपा गया। वहीं थाना प्रभारी जयनारायण शर्मा ने बताया कि गांव तलहेडी के दीदार सिंह ने अपनी पत्नी के गुम होने का मामला दर्ज करवाया था। इसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी थी। लेकिन महिला के मायके वालों ने उनकी लड़की की हत्या करने का शक ससुराल पक्ष पर लगा रहे थे। रोहतक में मिले शव को अपनी लड़की का बता कर ससुराल पक्ष पर हत्या का मामला दर्ज करने की कह रह थे। लेकिन जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया। शनिवार को मांडी गुरुद्वारा के सेवादार का फोन आया और उन्होंने परविंद्र कौर के गुरुद्वारे में होने की सूचना दी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर लड़की को थाने में ले आए तथा दोनों पक्षों को इसकी सूचना देकर, लड़की का मेडिकल करवा कर न्यायालय में बयान करवा कर उसके माता पिता को सौंप दी है। मामले की जांच एसआई वेदप्रकाश कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि 22 जून को गांव तलहेडी निवासी दीदार सिंह ने अपनी पत्नी परविंद्र कौर के गुम होने का मामला थाना इस्माईलाबाद में दर्ज कराया था, लेकिन महिला के मायके वालों का ससुराल पक्ष पर आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को छुपा दिया गया। मायके वालों ने ससुरालजनों पर हत्या का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस पर दबाव भी बनाया था, लेकिन पुलिस इसके बाद से लगातार ससुरालियों से पूछताछ करती रही।
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उधर, गांव तलहेडी के पूर्व सरपंच कावल सिंह, भगवंत सिंह ठसका, पति दीदार सिंह ने बताया कि उन्होंने परविंद्र कौर के गुम होने का मामला थाना इस्माईलाबाद में दर्ज करवा दिया था, लेकिन मायके वालों नेगंभीर आरोप लगाते हुए थाने में हत्या का मामला दर्ज करने का दबाव बनाया था। इसी के चलते मायके वालों ने रोहतक में किसी अन्य शव को अपनी लड़की का बता कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाने पर जोर डाला था, लेकिन अब 50 दिन के बाद परविंद्र कौर अपने आप घर लौट आई है।