{"_id":"5c1beb7abdec2256e27b7ce2","slug":"61545333626-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैगिंग के मामले में केयू के दो छात्रों पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैगिंग के मामले में केयू के दो छात्रों पर कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रैगिंग के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केयू अध्यक्ष सुमित राणा सहित दो छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से निष्कासित करने के आदेश दिए हैं। यहां खास बात यह है कि इनमें सुमित राणा को जिस छात्र की शिकायत पर निष्कासित किया गया है, उसके खिलाफ भी यही कार्रवाई एक अन्य छात्र की शिकायत पर की गई है। पता यह भी चला है कि तीनों छात्र आपस में जानकार है और एक दूसरे के संपर्क में थे। इनमें से एक आरोपी और शिकायतकर्ता यूनिवर्सिटी के हास्टल में एक ही रूम में रह रहे थे। इस पूरे मामले की पुष्टि केयू के प्राक्टर डॉ. आरके देसवाल ने की है। जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी कॉलेज के छात्र अभिषेक ने केयू विधि विभाग के छात्र नितिन कुमार के खिलाफ रैगिंग की ऑनलाइन शिकायत केयू के एंटी रैगिंग सेल में की थी। वहीं इस शिकायत के अगले दिन निति न कुमार ने एबीवीपी केयू के अध्यक्ष सुमित राणा के खिलाफ रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई। केयू प्रशासन ने इन दोनों शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सुमित राणा और नितिन को निष्कासित कर दिया। केयू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार केयू हास्टल में सुमित राणा के कहने पर ही नितिन को रूम मिला था। इसके बावजूद बाद में ऐसे क्या कारण बने, जिसकी वजह से एक दूसरे पर कार्रवाई की नौबत आई। वहीं पता यह भी चला है कि इस मामले में अब यह लोग रैगिंग को आपसी विवाद बता कर केयू प्रशासन से समझौते की बात कर रहे हैं, लेकिन केयू स्तर पर अभी दोनों छात्रों को कोई राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। रैगिंग के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केयू अध्यक्ष सुमित राणा सहित दो छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से निष्कासित करने के आदेश दिए हैं। यहां खास बात यह है कि इनमें सुमित राणा को जिस छात्र की शिकायत पर निष्कासित किया गया है, उसके खिलाफ भी यही कार्रवाई एक अन्य छात्र की शिकायत पर की गई है। पता यह भी चला है कि तीनों छात्र आपस में जानकार है और एक दूसरे के संपर्क में थे। इनमें से एक आरोपी और शिकायतकर्ता यूनिवर्सिटी के हास्टल में एक ही रूम में रह रहे थे। इस पूरे मामले की पुष्टि केयू के प्राक्टर डॉ. आरके देसवाल ने की है। जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी कॉलेज के छात्र अभिषेक ने केयू विधि विभाग के छात्र नितिन कुमार के खिलाफ रैगिंग की ऑनलाइन शिकायत केयू के एंटी रैगिंग सेल में की थी। वहीं इस शिकायत के अगले दिन निति न कुमार ने एबीवीपी केयू के अध्यक्ष सुमित राणा के खिलाफ रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई। केयू प्रशासन ने इन दोनों शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सुमित राणा और नितिन को निष्कासित कर दिया। केयू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार केयू हास्टल में सुमित राणा के कहने पर ही नितिन को रूम मिला था। इसके बावजूद बाद में ऐसे क्या कारण बने, जिसकी वजह से एक दूसरे पर कार्रवाई की नौबत आई। वहीं पता यह भी चला है कि इस मामले में अब यह लोग रैगिंग को आपसी विवाद बता कर केयू प्रशासन से समझौते की बात कर रहे हैं, लेकिन केयू स्तर पर अभी दोनों छात्रों को कोई राहत नहीं मिली।