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भगवान वरदराज मंदिर का वार्षिक उत्सव 13 को
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:35 AM IST
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भगवान वरदराज मंदिर का वार्षिक उत्सव 13 को
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र के प्राचीन एवं सनातन श्री वरदराज मंदिर का वार्षिक उत्सव 13 अक्तूबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह जानकारी श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान यशेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि भगवान वरदराज को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर स्थापित इस सनातन मंदिर का संचालन श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा किया जा रहा है। मंदिर के वार्षिक उत्सव पर यज्ञ आयोजित किया जाएगा और उसके पश्चात विशाल भंडारा आयोजित होगा, जिसमें भारी सं या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। सभा के प्रधान ने बताया कि बृहस्पतिवार को भगवान वरदराज की पूजा अर्चना करने पर मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसलिए बृहस्पतिवार के दिन भारी सं या में श्रद्धालु भगवान वरदराज की पूजा अर्चना करने आते हैं। यह कुरुक्षेत्र का प्राचीन मंदिर है, जिसमें भगवान वरदराज की मूर्ति स्थापित है। यशेंद्र शर्मा ने बताया कि सभा द्वारा प्रत्येक वर्ष मंदिर का वार्षिक उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें हरियाणा के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु भाग लेने आते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र के प्राचीन एवं सनातन श्री वरदराज मंदिर का वार्षिक उत्सव 13 अक्तूबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह जानकारी श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान यशेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि भगवान वरदराज को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर स्थापित इस सनातन मंदिर का संचालन श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा किया जा रहा है। मंदिर के वार्षिक उत्सव पर यज्ञ आयोजित किया जाएगा और उसके पश्चात विशाल भंडारा आयोजित होगा, जिसमें भारी सं या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। सभा के प्रधान ने बताया कि बृहस्पतिवार को भगवान वरदराज की पूजा अर्चना करने पर मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसलिए बृहस्पतिवार के दिन भारी सं या में श्रद्धालु भगवान वरदराज की पूजा अर्चना करने आते हैं। यह कुरुक्षेत्र का प्राचीन मंदिर है, जिसमें भगवान वरदराज की मूर्ति स्थापित है। यशेंद्र शर्मा ने बताया कि सभा द्वारा प्रत्येक वर्ष मंदिर का वार्षिक उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें हरियाणा के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु भाग लेने आते हैं।