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खेतों में नहर का पानी कम होने से किसानों ने ली राहत की सांस,
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव खेड़ी शिशगरां के पास बीते रविवार को ज्योतिसर-गुमथला नहर में टूटने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। जिससे किसानों को अपनी फसल के खराब होने का भय सता रहा था। इसके बाद जैसे-जैसे खेतों से पानी कम होता गया, किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने बताया कि रविवार को नहर टूटने नहर का पानी खेतों में घुस गया था, लेकिन पानी को खेतों से उतरने में ज्यादा समय नहीं लगा और उनकी फसल बर्बाद होने से बच गई। बता दे बीते रविवार को गांव खेड़ी शीशगरां के पास से गुजर रही नहर की पटरी का किनारा ढह जाने से 15-20 फीट लंबी दरार पड़ गई थी और नहर के पानी से खेतों में जलभराव हो गया था। लेकिन समय रहते किसानों ने कट्टों में मिट्टी डालकर इस दरार को बंद कर दिया था। नहर के टूटने का कारण चूहों व अन्य जानवरों द्वारा बनाए गए बिलों को बताया जा रहा है। जिससे अंदर ही अंदर नहर की पटरी खोखली होने से उसमें पानी का रिसाव होता रहा और मिट्टी खिसक गई। इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ हरिकेश ने बताया कि नहर की टूटी पटरी पर मिट्टी डाल दी गई है और नहर के पानी को बंद करने के बाद उसे पक्का कर दिया जाएगा।
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पिहोवा।
गांव खेड़ी शिशगरां के पास बीते रविवार को ज्योतिसर-गुमथला नहर में टूटने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। जिससे किसानों को अपनी फसल के खराब होने का भय सता रहा था। इसके बाद जैसे-जैसे खेतों से पानी कम होता गया, किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने बताया कि रविवार को नहर टूटने नहर का पानी खेतों में घुस गया था, लेकिन पानी को खेतों से उतरने में ज्यादा समय नहीं लगा और उनकी फसल बर्बाद होने से बच गई। बता दे बीते रविवार को गांव खेड़ी शीशगरां के पास से गुजर रही नहर की पटरी का किनारा ढह जाने से 15-20 फीट लंबी दरार पड़ गई थी और नहर के पानी से खेतों में जलभराव हो गया था। लेकिन समय रहते किसानों ने कट्टों में मिट्टी डालकर इस दरार को बंद कर दिया था। नहर के टूटने का कारण चूहों व अन्य जानवरों द्वारा बनाए गए बिलों को बताया जा रहा है। जिससे अंदर ही अंदर नहर की पटरी खोखली होने से उसमें पानी का रिसाव होता रहा और मिट्टी खिसक गई। इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ हरिकेश ने बताया कि नहर की टूटी पटरी पर मिट्टी डाल दी गई है और नहर के पानी को बंद करने के बाद उसे पक्का कर दिया जाएगा।