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कुंटिया मामला
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:29 AM IST
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फोटो नंबर-14 व 15
विधायक सुधा कर्मचारियों के बीच पहुंचे तो लगे भाजपा विरोधी नारे, नाराज होकर चलने लगे तो कर्मचारियों ने हाथ पकड़ कर रोका
- कुंटिया की हड़ताल में दिखा हाईपावर ड्रामा, विधायक ने दिया मंगलवार को वीसी से मिलवाने का आश्वासन - हड़ताल कर्मियों को हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन के चेयरमैन ने दिया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुंटिया की हड़ताल में शुक्रवार को हाईपावर ड्रामा दिखा। विधायक सुभाष सुधा कर्मचारियों के बीच पहुंचे ही थे कि कर्मचारियों ने भाजपा विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से खफा हो विधायक सुभाष सुधा अपनी कुर्सी छोड़ चल पड़े। कुंटिया नेताओं ने काफी मशक्कत के बाद विधायक सुभाष सुधा को हाथ पकड़ कर मनाया।
केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी मांगों को लेकर 29 अगस्त से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को केयू परिसर में धरना स्थल पर ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी एंप्लॉई फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल कर्मचारियों को संबंधित करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ भड़ास निकाल रहे थे। इसी दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने भी ताल से ताल मिलाते हुए भाजपा के साथ-साथ मंत्री एवं बड़े नेताओं के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। धरने स्थल पर आश्वासन देने पहुंचे विधायक सुभाष सुधा ने कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन कर्मचारी नहीं माने और केयू प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज होकर विधायक कुर्सी छोड़ चल पड़े। कर्मचारी नेताओं ने तुरंत विधायक सुधा का हाथ पकड़ कर रोक लिया और आग्रह करके विधायक को पुन: कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद माहौल थोड़ा शांत होने पर विधायक ने माइक संभाला और कर्मचारियों को मंगलवार को कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। विधायक ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कुलपति के साथ बैठक में उनकी समस्याओं पर विचार विमर्श करके समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं शुक्रवार को हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन के पदाधिकारी कुंटिया को समर्थन देने पहुंचे। फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल ने कहा कि यदि केयू प्रशासन ने हड़ताल कर्मचारियों की मांगें जल्द नहीं माना, तो फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया जाएगा।
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कुंटिया संयोजक कृष्ण पांडेय ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने ओछे हथकंडों द्वारा कर्मचारियों को डरा-धमका कर कुंटिया की हड़ताल को दबाना चाहता है, जिसमें प्रशासन कभी भी कामयाब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी दमनकारी नीतियों द्वारा कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन करना चाहता है। कर्मचारियों पर केस दर्ज कराकर यूनिवर्सिटी में दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का फर्ज है कि जिस सरकार ने उन्हें यहां नियुक्त किया है उस सरकार से यूनिवर्सिटी के लिए ग्रांट का प्रबंध करें। केयू परिसर से बाहर धरना दे रहे कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि शुक्रवार को हरियाणा यूनिवर्सिटी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारियों सहित अन्य छात्र संगठनों ने कुंटिया को समर्थन दिया। केयू प्रशासन इस हड़ताल का हल नहीं निकालना चाहता। केयू प्रशासन यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को खराब करने पर तुला हुआ है। इस अवसर पर राजकुमार ढींगरा, गुरमेल संधू, प्रियंका, सुरेंद्र मलिक, रामेश्वर सैनी, यशपाल सैनी, नरेंद्र सारसा, जगदीश खनोदा, तेलपाल जडोला, संतोष कुमार, राजबाला, आशा परूथी, रमेश बाल्यान, चंदन सिंह, हरि सिंह व वकील चंद रंगा मौजूद रहे।
शुक्रवार को इन्होंने दिया समर्थन
शुक्रवार को ऑल हरियाणा एंप्लॉई फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल, उपप्रधान महेंद्र शर्मा, महासचिव पुनीत, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार के प्रधान राजबीर पूनिया, संयुक्त सचिव अतुल, चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी के प्रधान बजरंग, संयुक्त सचिव कुलदीप, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी से प्रधान हनुमंत, सचिव राममुकेश, संयुक्त सचिव तरुण कुमार, एबीवीपी से कुलदीप पूनिया, बसपा नेता शशि सैनी व कांग्रेस से पवन गर्ग ने कुंटिया को समर्थन दिया।
फोटो नंबर-13
मंगलवार को यूनिवर्सिटी बंद करेंगे छात्र संगठन
इधर यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन कुसा, बीपीएसओ व एसओपीयू ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन करते हुए मंगलवार को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तालाबंदी करने का ऐलान किया है। कुसा प्रधान विकास बलाही, एसओपीयू अध्यक्ष सुनील छौक्कर, बीपीएसओ अध्यक्ष अरुण गौतम एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमित बारना ने कहा कि यूनिवर्सिटी बंद कर छात्रों के हितों की आवाज को बुलंद किया जाएगा। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी में कामकाज ठप पड़ा है। केयू प्रशासन को कर्मचारियों के साथ वार्ता कर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
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विधायक सुधा कर्मचारियों के बीच पहुंचे तो लगे भाजपा विरोधी नारे, नाराज होकर चलने लगे तो कर्मचारियों ने हाथ पकड़ कर रोका
- कुंटिया की हड़ताल में दिखा हाईपावर ड्रामा, विधायक ने दिया मंगलवार को वीसी से मिलवाने का आश्वासन - हड़ताल कर्मियों को हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन के चेयरमैन ने दिया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुंटिया की हड़ताल में शुक्रवार को हाईपावर ड्रामा दिखा। विधायक सुभाष सुधा कर्मचारियों के बीच पहुंचे ही थे कि कर्मचारियों ने भाजपा विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से खफा हो विधायक सुभाष सुधा अपनी कुर्सी छोड़ चल पड़े। कुंटिया नेताओं ने काफी मशक्कत के बाद विधायक सुभाष सुधा को हाथ पकड़ कर मनाया।
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केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी मांगों को लेकर 29 अगस्त से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को केयू परिसर में धरना स्थल पर ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी एंप्लॉई फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल कर्मचारियों को संबंधित करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ भड़ास निकाल रहे थे। इसी दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने भी ताल से ताल मिलाते हुए भाजपा के साथ-साथ मंत्री एवं बड़े नेताओं के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। धरने स्थल पर आश्वासन देने पहुंचे विधायक सुभाष सुधा ने कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन कर्मचारी नहीं माने और केयू प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज होकर विधायक कुर्सी छोड़ चल पड़े। कर्मचारी नेताओं ने तुरंत विधायक सुधा का हाथ पकड़ कर रोक लिया और आग्रह करके विधायक को पुन: कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद माहौल थोड़ा शांत होने पर विधायक ने माइक संभाला और कर्मचारियों को मंगलवार को कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। विधायक ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कुलपति के साथ बैठक में उनकी समस्याओं पर विचार विमर्श करके समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं शुक्रवार को हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन के पदाधिकारी कुंटिया को समर्थन देने पहुंचे। फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल ने कहा कि यदि केयू प्रशासन ने हड़ताल कर्मचारियों की मांगें जल्द नहीं माना, तो फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया जाएगा।
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कुंटिया संयोजक कृष्ण पांडेय ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने ओछे हथकंडों द्वारा कर्मचारियों को डरा-धमका कर कुंटिया की हड़ताल को दबाना चाहता है, जिसमें प्रशासन कभी भी कामयाब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी दमनकारी नीतियों द्वारा कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन करना चाहता है। कर्मचारियों पर केस दर्ज कराकर यूनिवर्सिटी में दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का फर्ज है कि जिस सरकार ने उन्हें यहां नियुक्त किया है उस सरकार से यूनिवर्सिटी के लिए ग्रांट का प्रबंध करें। केयू परिसर से बाहर धरना दे रहे कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि शुक्रवार को हरियाणा यूनिवर्सिटी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारियों सहित अन्य छात्र संगठनों ने कुंटिया को समर्थन दिया। केयू प्रशासन इस हड़ताल का हल नहीं निकालना चाहता। केयू प्रशासन यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को खराब करने पर तुला हुआ है। इस अवसर पर राजकुमार ढींगरा, गुरमेल संधू, प्रियंका, सुरेंद्र मलिक, रामेश्वर सैनी, यशपाल सैनी, नरेंद्र सारसा, जगदीश खनोदा, तेलपाल जडोला, संतोष कुमार, राजबाला, आशा परूथी, रमेश बाल्यान, चंदन सिंह, हरि सिंह व वकील चंद रंगा मौजूद रहे।
शुक्रवार को इन्होंने दिया समर्थन
शुक्रवार को ऑल हरियाणा एंप्लॉई फेडरेशन के चेयरमैन चरणदास अठवाल, उपप्रधान महेंद्र शर्मा, महासचिव पुनीत, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार के प्रधान राजबीर पूनिया, संयुक्त सचिव अतुल, चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी के प्रधान बजरंग, संयुक्त सचिव कुलदीप, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी से प्रधान हनुमंत, सचिव राममुकेश, संयुक्त सचिव तरुण कुमार, एबीवीपी से कुलदीप पूनिया, बसपा नेता शशि सैनी व कांग्रेस से पवन गर्ग ने कुंटिया को समर्थन दिया।
फोटो नंबर-13
मंगलवार को यूनिवर्सिटी बंद करेंगे छात्र संगठन
इधर यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन कुसा, बीपीएसओ व एसओपीयू ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन करते हुए मंगलवार को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तालाबंदी करने का ऐलान किया है। कुसा प्रधान विकास बलाही, एसओपीयू अध्यक्ष सुनील छौक्कर, बीपीएसओ अध्यक्ष अरुण गौतम एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमित बारना ने कहा कि यूनिवर्सिटी बंद कर छात्रों के हितों की आवाज को बुलंद किया जाएगा। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी में कामकाज ठप पड़ा है। केयू प्रशासन को कर्मचारियों के साथ वार्ता कर जल्द उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।