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गुरुकुल कुरुक्षेत्र पूरे भारत में शुरू करेगा जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल

Tue, 06 Feb 2018 12:53 AM IST
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:53 AM IST
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गुरुकुल कुरुक्षेत्र पूरे भारत में शुरू करेगा जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल
गुरुकुल कुरुक्षेत्र पूरे भारत में शुरू करेगा जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कृषि वैज्ञानिकों का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को गुरुकुल कुरुक्षेत्र में जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म, उन्नत और अत्याधुनिक गोशाला के अवलोकन के लिए पहुंचा। गुरुकुल के संरक्षक डॉ. आचार्य देवव्रत ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को थारपारकर नस्ल का उच्च कोटि का सांड भेंट किया। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की गायों की नस्ल में सुधार करना है।
प्रतिनिधिमंडल में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा, ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कुमार, बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अपर मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, बागवानी विभाग के अपर मुख्य सचिव जगदीश चंद्र, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रविंद्र नाथ बाटा, चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति अशोक सरियाल, डॉ. जसवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय नौनी, सोलन के कुलपति एचसी शर्मा, पशुपालन विभाग के निदेशक देसराज शर्मा, हिमाचल प्रदेश के अनेक प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल का अवलोकन किया, देशी गाय की नस्ल के सुधार एवं गो संवर्धन के लिए गोशाला को देखा।
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डॉ. आचार्य देवव्रत ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र जीरो बजट प्राकृतिक कृषि और जैव उर्वरकों के नवीन प्रयोगों से कृषि क्षेत्र को जहरमुक्त बना रहा है। गुरुकुल जीरो बजट प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने हैं। प्राकृतिक कृषि से किसान न केवल ऋण के बोझ से मुक्त रहेंगे, बल्कि शारीरिक और आर्थिक रूप से भी समृद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक कृषि अपनाने से फसल उत्पादन की लागत में कमी आती है। नाइट्रोजन और घुलनशील फास्फोरस की उपलब्धता बढ़ती है। इसलिए किसानों को कीटनाशक की आवश्यकता नहीं पड़ती। राज्यपाल ने प्रतिनिधि मंडल को गुरुकुल के खेतों में ले जाकर उन्नत फसलें दिखाई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम और डॉ. वजीर सिंह ने जीवामृत, घनजीवामृत की निर्माण विधि के साथ ही फसल सुरक्षा प्राकृतिक कीटनाशकों के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल की गोशाला में मौजूद गीर, साहिवाल, थारपारकर, राठी, सिंधी, हरियाणा नस्ल की गाय और सांड, वातानुकूलित श्री गोपाल कृष्ण गोशाला, संवर्धन और विकास केंद्र, गोमाता तरणताल आदि का अवलोकन किया। गुरुकुल के छात्रों ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल के सदस्याें के समक्ष जिमनास्टिक, लकड़ी और रस्सा मल्लखंभ, योगासन और घुड़सवारी के करतब प्रस्तुत किए। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, राज्यपाल के ओएसडी डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार, गुरुकुल के निदेशक एवं प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सह-प्राचार्य शमशेर सिंह आदि उपस्थित थेे।
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