{"_id":"5b27fe1d4f1c1b8c278b681a","slug":"41529347613-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून से पहले हालात बदतर,कहीं सड़के धंसी तो कहीं वाहन फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून से पहले हालात बदतर,कहीं सड़के धंसी तो कहीं वाहन फंसे
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र।
मानसून से पहले हुई मामूली बारिश के बाद लोग चुटकी लेते हुए बोले कि जनाब अब देखो असली रोड शो। शहरवासियों ने करोड़ों रुपये से हो रहे सड़कों के निर्माण पर सवाल उठाये। इनका कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों के दौरान कुरुक्षेत्र में किसी उत्सव या कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय कहना और करोड़ों रुपये से विकास कराने जैसी बातें आए दिन उनके कानों और आंखों तक सत्ता पक्ष द्वारा मीडिया-सोशल मीडिया के जरिये पहुंचती है। इस लिहाज से अब तक कुरुक्षेत्र की तमाम सड़के गड्ढा मुक्त होकर संवर जानी चाहिए थी, लेकिन करोड़ों के इन विकास कार्यों की सच्चाई क्या है? यह मौजूदा हालात बयां कर रहे हैं।
बता दें कि कुरुक्षेत्र महत्वपूर्ण स्थाणु तीर्थ, हरियाणा का एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर, कालेश्वर तीर्थ, हर्षवर्धन पार्क, हर्ष का टीला, करीब पौने 400 साल पुराना शेख चेहली मकबरे तक जिस सड़क से आवाजाही होती है, वहां रविवार की बारिश के बाद ट्रक और कई ऑटो रिक्शा सहित अन्य वाहन धंस चुके हैं। पिछले दिनों कुुरुक्षेत्र में सीएम रोड शो से पहले जिन जगहों पर पैच वर्क किया गया था, उनमें कुरुक्षेत्र के मेन बाजार सहित कई जगह पर सड़क धंस गई। एक साल पहले जिस पालिका बाजार और कुरुक्षेत्र के पुराने बस अड्डे पर टाइलें लगाकर सड़क का सौंदर्यीकरण किया गया था, वहां पानी खड़ा होने के साथ टाइल ब्लॉक नीचे धंसने लगे हैं। इससे भी आश्चर्यजनक स्थिति कुरुक्षेत्र रेलवे रोड की है। यहां डेढ़ किलोमीटर से भी कम के हिस्से पर साढ़े नौ करोड़ रुपये खर्च हुए है। रेलवे रोड मार्केट के दुकानदारों का आरोप है कि साढ़े नौ करोड़ खर्च करके बनाई गई सड़क पर अभी से गड्ढे होने लगे हैं, जबकि गीता स्कूल निकट इस रोड के नीचे से पानी लीकेज होकर सड़कों पर बह रहा है। इधर सेक्टर-13 वासियों का आरोप है कि अग्रसेन चौक से कैलाश नगर को जाने वाली सेक्टर की सड़क के पुराने मैटीरियल को उखाड़ कर इस सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन चंद महीनों में यह सड़क दुर्दशा की शिकार हो चुकी है। रविवार को हुई बारिश के बाद से इस सड़क पर गांव की तरह जलभराव और कीचड़ के हालात बने हुए हैं।
दो पार्षदों की चुप्पी के कारण लोग हो रहे हैं परेशान
पूर्व पार्षद देवीदयाल जांगड़ा का आरोप है कि वार्ड एक और वार्ड दो के पार्षदों चुप्पी के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज की जो पाइप लाइन सीधी डाली जानी थी, उस पाइप लाइन को विपरीत दिशा में घुमाकर डाला जा रहा है। भद्रकाली चौक के पास इस पाइप लाइन के लिये जो गड्डा किया गया था, उसमें रोड़ी और बजरी डालकर उसे ढंग से पक्का नहीं किया गया, जिसके कारण बारिश में यह जगह नीचे धंस गई और कई बार यहां वाहन धंस चुके हैं।
विज्ञापन
झांसा रोड के दुकानदारों का कामकाज हो रहा है प्रभावित
झांसा रोड के दुकानदार आनंद कुमार का कहना है कि कुरुक्षेत्र के कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पौराणिक प्राचीन स्थलों पर इसी सड़क से आवाजाही होती है। बावजूद इसके पिछले कई महीनों से यह सड़क बदहाली का शिकार है। लोगों का झांसा रोड से आवाजाही करना मुहाल हो गया है, दिन में कई बार जाम के हालात पैदा होते हैं, इन्हीं वजहों से झांसा रोड के दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
क्रेन की मदद से निकाले गये बस, ट्रक और आटो
मोबाइल शाप के दुकानदार संजू ने बताया कि रविवार को हुई तेज बारिश के बाद झांसा रोड की सीवरेज लाइन वाली साइट पर बड़ा हादसा होते-होते टला। यहां जमीन धंसने के कारण दो आटो और एक ट्रक बुरी तरह से धंस गये। इस दुकानदार ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी जगह पर रोडवेज की एक बस भी धंस गई थी, सौभाग्यवश बस खाली थी, वरना यहां बड़ा हादसा भी हो सकता था। उन्होंने बताया कि इन वाहनों को क्रेन की मदद से निकाला गया।
ऐसे बनी है साढ़े नौ करोड़ खर्च से डेढ़ किमी की सड़क
रेलवे रोड एमएमबी गीता स्कूल मार्केट के दुकानदार श्याम गोपाल, देवेंद्र सहाय और रघुबीर सिंह ने साढ़े नौ करोड़ खर्च करके बनाई गई रेलवे रोड में वाटर सप्लाई के लीकेज पर सवाल उठाये। इन दुकानदारों के मुताबिक पिछले करीब सवा साल में कई बार इस सड़क के निर्माण में लेट लतीफी और निर्माण सामग्री पर सवाल उठ चुके हैं। दुकानदारों के कई बार विरोध के बावजूद सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, लेकिन जिस मुद्दे पर विरोध हो रहा था उसके परिणाम वाटर सप्लाई की लीकेज और सड़क पर खड्डों से अब सामने आने लगे हैं।
विज्ञापन
मानसून से पहले हुई मामूली बारिश के बाद लोग चुटकी लेते हुए बोले कि जनाब अब देखो असली रोड शो। शहरवासियों ने करोड़ों रुपये से हो रहे सड़कों के निर्माण पर सवाल उठाये। इनका कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों के दौरान कुरुक्षेत्र में किसी उत्सव या कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय कहना और करोड़ों रुपये से विकास कराने जैसी बातें आए दिन उनके कानों और आंखों तक सत्ता पक्ष द्वारा मीडिया-सोशल मीडिया के जरिये पहुंचती है। इस लिहाज से अब तक कुरुक्षेत्र की तमाम सड़के गड्ढा मुक्त होकर संवर जानी चाहिए थी, लेकिन करोड़ों के इन विकास कार्यों की सच्चाई क्या है? यह मौजूदा हालात बयां कर रहे हैं।
बता दें कि कुरुक्षेत्र महत्वपूर्ण स्थाणु तीर्थ, हरियाणा का एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर, कालेश्वर तीर्थ, हर्षवर्धन पार्क, हर्ष का टीला, करीब पौने 400 साल पुराना शेख चेहली मकबरे तक जिस सड़क से आवाजाही होती है, वहां रविवार की बारिश के बाद ट्रक और कई ऑटो रिक्शा सहित अन्य वाहन धंस चुके हैं। पिछले दिनों कुुरुक्षेत्र में सीएम रोड शो से पहले जिन जगहों पर पैच वर्क किया गया था, उनमें कुरुक्षेत्र के मेन बाजार सहित कई जगह पर सड़क धंस गई। एक साल पहले जिस पालिका बाजार और कुरुक्षेत्र के पुराने बस अड्डे पर टाइलें लगाकर सड़क का सौंदर्यीकरण किया गया था, वहां पानी खड़ा होने के साथ टाइल ब्लॉक नीचे धंसने लगे हैं। इससे भी आश्चर्यजनक स्थिति कुरुक्षेत्र रेलवे रोड की है। यहां डेढ़ किलोमीटर से भी कम के हिस्से पर साढ़े नौ करोड़ रुपये खर्च हुए है। रेलवे रोड मार्केट के दुकानदारों का आरोप है कि साढ़े नौ करोड़ खर्च करके बनाई गई सड़क पर अभी से गड्ढे होने लगे हैं, जबकि गीता स्कूल निकट इस रोड के नीचे से पानी लीकेज होकर सड़कों पर बह रहा है। इधर सेक्टर-13 वासियों का आरोप है कि अग्रसेन चौक से कैलाश नगर को जाने वाली सेक्टर की सड़क के पुराने मैटीरियल को उखाड़ कर इस सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन चंद महीनों में यह सड़क दुर्दशा की शिकार हो चुकी है। रविवार को हुई बारिश के बाद से इस सड़क पर गांव की तरह जलभराव और कीचड़ के हालात बने हुए हैं।
विज्ञापन
दो पार्षदों की चुप्पी के कारण लोग हो रहे हैं परेशान
पूर्व पार्षद देवीदयाल जांगड़ा का आरोप है कि वार्ड एक और वार्ड दो के पार्षदों चुप्पी के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज की जो पाइप लाइन सीधी डाली जानी थी, उस पाइप लाइन को विपरीत दिशा में घुमाकर डाला जा रहा है। भद्रकाली चौक के पास इस पाइप लाइन के लिये जो गड्डा किया गया था, उसमें रोड़ी और बजरी डालकर उसे ढंग से पक्का नहीं किया गया, जिसके कारण बारिश में यह जगह नीचे धंस गई और कई बार यहां वाहन धंस चुके हैं।
विज्ञापन
झांसा रोड के दुकानदारों का कामकाज हो रहा है प्रभावित
झांसा रोड के दुकानदार आनंद कुमार का कहना है कि कुरुक्षेत्र के कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पौराणिक प्राचीन स्थलों पर इसी सड़क से आवाजाही होती है। बावजूद इसके पिछले कई महीनों से यह सड़क बदहाली का शिकार है। लोगों का झांसा रोड से आवाजाही करना मुहाल हो गया है, दिन में कई बार जाम के हालात पैदा होते हैं, इन्हीं वजहों से झांसा रोड के दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
क्रेन की मदद से निकाले गये बस, ट्रक और आटो
मोबाइल शाप के दुकानदार संजू ने बताया कि रविवार को हुई तेज बारिश के बाद झांसा रोड की सीवरेज लाइन वाली साइट पर बड़ा हादसा होते-होते टला। यहां जमीन धंसने के कारण दो आटो और एक ट्रक बुरी तरह से धंस गये। इस दुकानदार ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी जगह पर रोडवेज की एक बस भी धंस गई थी, सौभाग्यवश बस खाली थी, वरना यहां बड़ा हादसा भी हो सकता था। उन्होंने बताया कि इन वाहनों को क्रेन की मदद से निकाला गया।
ऐसे बनी है साढ़े नौ करोड़ खर्च से डेढ़ किमी की सड़क
रेलवे रोड एमएमबी गीता स्कूल मार्केट के दुकानदार श्याम गोपाल, देवेंद्र सहाय और रघुबीर सिंह ने साढ़े नौ करोड़ खर्च करके बनाई गई रेलवे रोड में वाटर सप्लाई के लीकेज पर सवाल उठाये। इन दुकानदारों के मुताबिक पिछले करीब सवा साल में कई बार इस सड़क के निर्माण में लेट लतीफी और निर्माण सामग्री पर सवाल उठ चुके हैं। दुकानदारों के कई बार विरोध के बावजूद सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, लेकिन जिस मुद्दे पर विरोध हो रहा था उसके परिणाम वाटर सप्लाई की लीकेज और सड़क पर खड्डों से अब सामने आने लगे हैं।