{"_id":"5a41442e4f1c1bd1408beed9","slug":"41514226734-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक कॉलेज में गड़बड़झाले की शिकायत जांच करने पहुंचे निदेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक कॉलेज में गड़बड़झाले की शिकायत जांच करने पहुंचे निदेशक
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश के एकमात्र राजकीय श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में गड़बड़झाले की शिकायत को विभाग ने गंभीरता से लिया है। इसके चलते विभाग के निदेशक बलदेव धीमान खुद इसकी जांच कर रहे हैं। वह शनिवार को कॉलेज पहुंचे और उन्होंने 15 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ ही कई शिक्षकों और कॉलेज प्राचार्य से पूछताछ की। करीब तीन घंटे तक वे एक-एक आरोप पर सभी कर्मचारियों के मन की बात खंगालते रहे। हालांकि, मामले की कितनी सच्चाई बाहर आई और विभाग ने इस पर क्या निर्णय लिया, इस बारे में अभी खुलासा नहीं हो सका है।
बता दें कि कॉलेज के एक कर्मचारी ने विभाग के महानिदेशक को एक शिकायत भेजी है। अपने नाम की जगह शुभचिंतक लिखते हुए कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि कॉलेज की कंटीजेंसी ग्रांट सहित परीक्षा हॉल और स्टोर में भ्रष्टाचार हो रहा है। यह भी आरोप लगाए कि आउटसोर्सिंग पर रिश्वत लेकर स्टाफ रखा गया है। उन्होंने परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के समय भी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की जाती है। कॉलेज प्रशासन को भी पूरे मामले की जानकारी है, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इस शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। यह जांच करने के लिए निदेशक ने एक-एक आरोप पर हर स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ की।
निदेशक ने आरोपों को लेकर की जांच : प्रिंसिपल
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. उषा दत्त का कहना है कि विभाग को भेजी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए ही निदेशक कॉलेज आए थे। वे अपने स्तर पर मामले की पूरी छानबीन और जांच करने के बाद चले गए हैं। लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जानकारी उन्हीं के पास है। वह बीच में ही सीएम के एक कार्यक्रम में चली गई थी। उनके बाद भी निदेशक कर्मचारियों से मामले को लेकर बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश के एकमात्र राजकीय श्री कृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज में गड़बड़झाले की शिकायत को विभाग ने गंभीरता से लिया है। इसके चलते विभाग के निदेशक बलदेव धीमान खुद इसकी जांच कर रहे हैं। वह शनिवार को कॉलेज पहुंचे और उन्होंने 15 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ ही कई शिक्षकों और कॉलेज प्राचार्य से पूछताछ की। करीब तीन घंटे तक वे एक-एक आरोप पर सभी कर्मचारियों के मन की बात खंगालते रहे। हालांकि, मामले की कितनी सच्चाई बाहर आई और विभाग ने इस पर क्या निर्णय लिया, इस बारे में अभी खुलासा नहीं हो सका है।
बता दें कि कॉलेज के एक कर्मचारी ने विभाग के महानिदेशक को एक शिकायत भेजी है। अपने नाम की जगह शुभचिंतक लिखते हुए कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि कॉलेज की कंटीजेंसी ग्रांट सहित परीक्षा हॉल और स्टोर में भ्रष्टाचार हो रहा है। यह भी आरोप लगाए कि आउटसोर्सिंग पर रिश्वत लेकर स्टाफ रखा गया है। उन्होंने परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के समय भी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की जाती है। कॉलेज प्रशासन को भी पूरे मामले की जानकारी है, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इस शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। यह जांच करने के लिए निदेशक ने एक-एक आरोप पर हर स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ की।
विज्ञापन
निदेशक ने आरोपों को लेकर की जांच : प्रिंसिपल
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. उषा दत्त का कहना है कि विभाग को भेजी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए ही निदेशक कॉलेज आए थे। वे अपने स्तर पर मामले की पूरी छानबीन और जांच करने के बाद चले गए हैं। लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जानकारी उन्हीं के पास है। वह बीच में ही सीएम के एक कार्यक्रम में चली गई थी। उनके बाद भी निदेशक कर्मचारियों से मामले को लेकर बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन