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कंबोडिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया गुरुकुल का दौरा, विभिन्न प्रकल्पों की ली जानकारी
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आधुनिक और प्राचीन शिक्षा का मेल है गुरुकुल
- कंबोडिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा
- विद्यार्थियों की दिनचर्या और शाकाहारी खानपान को सराहा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कंबोडिया से 15 मेहमानों का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को गुरुकुल पहुंचा। यहां पहुंचकर मेहमानों ने प्राचीन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अद्वितीय संयोजन के बारे में जानकर ली। इस दौरान गुरुकुल में विद्यार्थियों की दिनचर्या और खानपान में शाकाहार भी विदेशी मेहमानों को खूब भाया।
इस मौके पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, निदेशक-प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सहप्राचार्य शमशेर सिंह एवं मुख्य लेखा अधिकारी सतपाल सिंह ने सभी का अभिनंदन किया। आईएचएम कुरुक्षेत्र से डेलीगेशन के साथ आए संजीव सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को बारीकी से गुरुकुल का अवलोकन कराया। वहीं प्रधान ने विभिन्न प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। कंबोडिया से आए दाराचिप, कैमॉन, सोफिरत, सोलिडा, सोविलिक एवं अरुण होम इत्यादि ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति की सराहना की। विदेशी मेहमानों ने कहाकि गुरुकुल में मांसाहार वर्जित कर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को संजोया जा रहा है। विद्यार्थियों को शाकाहार के लिए प्रेरित करना बेहतरीन सोच का उदाहरण है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए। डेलीगेशन ने कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल की भी जानकारी ली। इसके साथ ही अत्याधुनिक गौशाला, प्राकृतिक चिकित्सालय, नर्सरी, एनडीए विंग एवं शूटिंग रेंज इत्यादि का भी भ्रमण किया। गुरुकुल की ओर से प्रधान ने आगंतुकों को ‘कम लागत प्राकृतिक खेती’ पुस्तक भी भेंट की।
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- कंबोडिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा
- विद्यार्थियों की दिनचर्या और शाकाहारी खानपान को सराहा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कंबोडिया से 15 मेहमानों का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को गुरुकुल पहुंचा। यहां पहुंचकर मेहमानों ने प्राचीन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अद्वितीय संयोजन के बारे में जानकर ली। इस दौरान गुरुकुल में विद्यार्थियों की दिनचर्या और खानपान में शाकाहार भी विदेशी मेहमानों को खूब भाया।
इस मौके पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, निदेशक-प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सहप्राचार्य शमशेर सिंह एवं मुख्य लेखा अधिकारी सतपाल सिंह ने सभी का अभिनंदन किया। आईएचएम कुरुक्षेत्र से डेलीगेशन के साथ आए संजीव सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को बारीकी से गुरुकुल का अवलोकन कराया। वहीं प्रधान ने विभिन्न प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। कंबोडिया से आए दाराचिप, कैमॉन, सोफिरत, सोलिडा, सोविलिक एवं अरुण होम इत्यादि ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति की सराहना की। विदेशी मेहमानों ने कहाकि गुरुकुल में मांसाहार वर्जित कर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को संजोया जा रहा है। विद्यार्थियों को शाकाहार के लिए प्रेरित करना बेहतरीन सोच का उदाहरण है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए। डेलीगेशन ने कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल की भी जानकारी ली। इसके साथ ही अत्याधुनिक गौशाला, प्राकृतिक चिकित्सालय, नर्सरी, एनडीए विंग एवं शूटिंग रेंज इत्यादि का भी भ्रमण किया। गुरुकुल की ओर से प्रधान ने आगंतुकों को ‘कम लागत प्राकृतिक खेती’ पुस्तक भी भेंट की।
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