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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे ग्रामीण डाक सेवकों ने सांसद आवास पर किया प्रदर्शन
Updated Tue, 29 May 2018 12:33 AM IST
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ग्रामीण डाकसेवकों ने सांसद आवास के बाहर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पीपली। ग्रामीण डाकसेवकों की 14 मई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान उन्होंने न केवल मुख्य डाकघर के समक्ष दिनभर धरना दिया, बल्कि सांसद राजकुमार सैनी के आवास के बाहर भी जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीण डाकसेवक संघ के बैनर तले हड़ताल कर रहे सैकड़ों कर्मचारी सुबह ही मुख्य डाक घर के समक्ष धरना स्थल पर पहुंचे, जहां से वे सांसद आवास पर गए । यहां पर जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के उपरांत वापस धरने पर आ गए। संघ के प्रधान प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में जिलाभर से आए डाक सेवकों ने कहा कि देश में 80 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जहां ग्रामीण डाक कर्मचारी सेवा करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन डाक सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ये डाक सेवक महज पांच से 10 हजार रुपये के मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं, जिससे परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। डाकसेवकों की लंबी मांग के बाद सातवें वेतन आयोग से संबंधित कमलेश चंद्र की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट भी करीब डेढ़ वर्ष पहले पेश कर दी है, लेकिन केंद्र सरकार आज तक भी यह रिपोर्ट लागू नहीं कर पाई है। इसी मांग को लेकर डाक सेवक हड़ताल करने को मजबूर हो रहे है, जिससे एक लाख से अधिक डाकघर प्रभावित हो रहे है। उन्होंने मांग की कि उक्त कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए और डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारी माना जाए। इस दौरान अमर सिंह, कविराज, संजीव कुमार, हरबंस सहित अन्य डाक सेवकों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
पीपली। ग्रामीण डाकसेवकों की 14 मई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान उन्होंने न केवल मुख्य डाकघर के समक्ष दिनभर धरना दिया, बल्कि सांसद राजकुमार सैनी के आवास के बाहर भी जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीण डाकसेवक संघ के बैनर तले हड़ताल कर रहे सैकड़ों कर्मचारी सुबह ही मुख्य डाक घर के समक्ष धरना स्थल पर पहुंचे, जहां से वे सांसद आवास पर गए । यहां पर जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के उपरांत वापस धरने पर आ गए। संघ के प्रधान प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में जिलाभर से आए डाक सेवकों ने कहा कि देश में 80 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जहां ग्रामीण डाक कर्मचारी सेवा करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन डाक सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ये डाक सेवक महज पांच से 10 हजार रुपये के मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं, जिससे परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। डाकसेवकों की लंबी मांग के बाद सातवें वेतन आयोग से संबंधित कमलेश चंद्र की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट भी करीब डेढ़ वर्ष पहले पेश कर दी है, लेकिन केंद्र सरकार आज तक भी यह रिपोर्ट लागू नहीं कर पाई है। इसी मांग को लेकर डाक सेवक हड़ताल करने को मजबूर हो रहे है, जिससे एक लाख से अधिक डाकघर प्रभावित हो रहे है। उन्होंने मांग की कि उक्त कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए और डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारी माना जाए। इस दौरान अमर सिंह, कविराज, संजीव कुमार, हरबंस सहित अन्य डाक सेवकों ने गहरा रोष व्यक्त किया।