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सभ्य समाज को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण साधन कानून: प्रो. दिलीप कुमार
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर दिलीप कुमार ने कहा कि कानून का ज्ञान किसी भी सभ्य समाज में हर व्यक्ति के लिए हासिल करना आवश्यक है। दरअसल किसी भी सभ्य समाज को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण साधन कानून ही होता है। वे बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में चल रहे आईसीएसएसआर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के नौंवे दिन प्रात: कालीन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इससे पहले इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष तथा कोर्स निदेशक प्रोफेसर एसके चहल ने बताया कि प्रोफेसर दिलीप कुमार कानून के जाने माने विशेषज्ञ हैं और विशेषकर भारतीय विधि व्यवस्था के पंडित हैं। दोपहर बाद के सत्र में पर्यटन विभाग के प्रो. एसएस बूरा ने शिक्षकों हेतु क्षमता संवर्धन की तकनीकों के विषय में अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एक बेहतर शिक्षक वही व्यक्ति होता है जो निरंतर अपनी शिक्षण और शोध क्षमताओं में वृद्धि करता है। दोनों सत्रों में धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के सह-संयोजन डॉ. राजबीर सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीरज कुमार, ममता, मोना भी मौजूद थे।
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कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर दिलीप कुमार ने कहा कि कानून का ज्ञान किसी भी सभ्य समाज में हर व्यक्ति के लिए हासिल करना आवश्यक है। दरअसल किसी भी सभ्य समाज को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण साधन कानून ही होता है। वे बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में चल रहे आईसीएसएसआर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के नौंवे दिन प्रात: कालीन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इससे पहले इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष तथा कोर्स निदेशक प्रोफेसर एसके चहल ने बताया कि प्रोफेसर दिलीप कुमार कानून के जाने माने विशेषज्ञ हैं और विशेषकर भारतीय विधि व्यवस्था के पंडित हैं। दोपहर बाद के सत्र में पर्यटन विभाग के प्रो. एसएस बूरा ने शिक्षकों हेतु क्षमता संवर्धन की तकनीकों के विषय में अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एक बेहतर शिक्षक वही व्यक्ति होता है जो निरंतर अपनी शिक्षण और शोध क्षमताओं में वृद्धि करता है। दोनों सत्रों में धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के सह-संयोजन डॉ. राजबीर सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीरज कुमार, ममता, मोना भी मौजूद थे।