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ई-प्रणाली व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरंपचों का धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:32 AM IST
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ई-प्रणाली व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरंपचों का धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। प्रदेश सरकार द्वारा लागू ई-प्रणाली व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरंपचों ने लगातार दूसरे दिन भी बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया। धरने में सरपंचों के साथ ग्राम सचिवों ने भी हिस्सा लिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जगदीश सेठी, सरपंच जितेंद्र बबलू व सरपंच साधू सिंह आदि ने बताया कि ई-प्रणाली से पंचायतों को जोड़ने से सरपंचों को भारी परेशानी आएगी। इस प्रक्रिया में पहले बिल अपलोड़ करके पास होने के लिए जाएगा और उसके पास होने के बाद बैंक खातों में भुगतान आएगा। जिसमें काफी समय बर्बाद होगा। लेकिन पंचायतों को मजदूरों की मजदूरी समय पर देनी होती है। इसके अलावा सरपंचों के पास कंप्यूटर ऑपरेटर की भी कोई व्यवस्था नहीं है तथा कई गांवों में तो ग्राम सचिवालय तक नहीं है। यदि सरपंच ऑपरेटर रखेंगे तो उनका वेतन कहां से देंगे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को रद्द किया जाए। सरकार ने लागू ई-प्रणाली को वापस नहीं लिया और सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं किया तो पूरे हरियाणा में रणनीति तय करके संघर्ष किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर सरपंच मनजीत सिंह, साधू सिंह, सुभाष चंद, कर्मबीर सारसा, दलबीर सिंह, सुरजीत सिंह व सचिव जेपी, राजेश दहिया, महावीर, छबील दास, विक्रम, श्रवण, धर्मपाल, लखविंद्र, संजीव, अंकुश, दयाकिशन सहित कई सरपंच व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। प्रदेश सरकार द्वारा लागू ई-प्रणाली व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरंपचों ने लगातार दूसरे दिन भी बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया। धरने में सरपंचों के साथ ग्राम सचिवों ने भी हिस्सा लिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जगदीश सेठी, सरपंच जितेंद्र बबलू व सरपंच साधू सिंह आदि ने बताया कि ई-प्रणाली से पंचायतों को जोड़ने से सरपंचों को भारी परेशानी आएगी। इस प्रक्रिया में पहले बिल अपलोड़ करके पास होने के लिए जाएगा और उसके पास होने के बाद बैंक खातों में भुगतान आएगा। जिसमें काफी समय बर्बाद होगा। लेकिन पंचायतों को मजदूरों की मजदूरी समय पर देनी होती है। इसके अलावा सरपंचों के पास कंप्यूटर ऑपरेटर की भी कोई व्यवस्था नहीं है तथा कई गांवों में तो ग्राम सचिवालय तक नहीं है। यदि सरपंच ऑपरेटर रखेंगे तो उनका वेतन कहां से देंगे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को रद्द किया जाए। सरकार ने लागू ई-प्रणाली को वापस नहीं लिया और सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं किया तो पूरे हरियाणा में रणनीति तय करके संघर्ष किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर सरपंच मनजीत सिंह, साधू सिंह, सुभाष चंद, कर्मबीर सारसा, दलबीर सिंह, सुरजीत सिंह व सचिव जेपी, राजेश दहिया, महावीर, छबील दास, विक्रम, श्रवण, धर्मपाल, लखविंद्र, संजीव, अंकुश, दयाकिशन सहित कई सरपंच व प्रतिनिधि मौजूद रहे।