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आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर आज मनाएंगी काली होली
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:44 AM IST
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आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर आज मनाएंगी काली होली
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की सरकार से वार्ता विफल होने के बाद आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिय है। यूनियन ने वीरवार को जिला मुख्यालय पर काली होली मनाने की घोषणा करते हुए कहा कि अब अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगी। यूनियन की जिला सचिव ने धरने का नेतृत्व करते हुए विभाग की डायरेक्टर अनीता यादव को जमकर निशाने पर लिया। कहा कि यूनियन से बातचीत के दौरान डायरेक्टर ने नई भर्ती करने की धमकी दी थी। आंदोलनरत महिलाओं ने विभाग की डायरेक्टर का पुतला फूंका और डीआरओ को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
धरना स्थल पर पहुंचीं यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष छोटी देवी, सरस्वती, रामरत्ती ने कहा कि पांच मार्च को विधानसभा बजट के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार को महिला विरोधी बताया। उपस्थित महिला कर्मियों का आह्वान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब आंदोलन जारी रखें। सरकार से वार्ता में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला सचिव कलावती ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों को मानने से हाथ खड़े कर दिए हैं। वर्कर को केवल 11,429 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही है। इसे मानने से यूनियन ने इनकार कर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी विभाग की डायरेक्टर अनीता यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी और मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी। सभी ने उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते नहीं थकती, दूसरी ओर महिलाओं का शोषण करने पर तुली है। पिछले लगभग 17 दिनों से प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और मदर ग्रुप की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की सरकार से वार्ता विफल होने के बाद आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिय है। यूनियन ने वीरवार को जिला मुख्यालय पर काली होली मनाने की घोषणा करते हुए कहा कि अब अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगी। यूनियन की जिला सचिव ने धरने का नेतृत्व करते हुए विभाग की डायरेक्टर अनीता यादव को जमकर निशाने पर लिया। कहा कि यूनियन से बातचीत के दौरान डायरेक्टर ने नई भर्ती करने की धमकी दी थी। आंदोलनरत महिलाओं ने विभाग की डायरेक्टर का पुतला फूंका और डीआरओ को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
धरना स्थल पर पहुंचीं यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष छोटी देवी, सरस्वती, रामरत्ती ने कहा कि पांच मार्च को विधानसभा बजट के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार को महिला विरोधी बताया। उपस्थित महिला कर्मियों का आह्वान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब आंदोलन जारी रखें। सरकार से वार्ता में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला सचिव कलावती ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों को मानने से हाथ खड़े कर दिए हैं। वर्कर को केवल 11,429 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही है। इसे मानने से यूनियन ने इनकार कर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी विभाग की डायरेक्टर अनीता यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी और मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी। सभी ने उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते नहीं थकती, दूसरी ओर महिलाओं का शोषण करने पर तुली है। पिछले लगभग 17 दिनों से प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और मदर ग्रुप की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है।
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