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ब्रह्मसरोवर के उतरी तट पर ढेरु गाथा गायन ने बांधा समां
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
ढेरु, गायन गाथा, बाजीगर कला और कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं के कलाकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर समां बांध रहे हैं। महोत्सव में चार प्रदेशों की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष पेश किया जा रहा है। शिल्प मेले के सातवें दिन प्रदेश के विभिन्न गांवों के लोक कलाकारों ने ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन की प्रस्तुति दी। इन लोक कलाकारों ने ढेरु गाथा गायन के जरिए गुरु गोरख नाथ जी की गाथा, जवाहर गोगा पीर की गाथाओं का गुणगान किया। इन लोक कलाकारों का कहना है कि यह लोक कला विलुप्त करने के कगार पर है। गीता महोत्सव से लोक कलाओं को जीवित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
शिल्प और सरस मेले में पर्यटकों ने वीरवार को जमकर खरीददारी की। पर्यटक ब्रह्मसरोवर के तट पर खिली धूप में विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद चख रहे थे तो स्टालों पर खरीददारी भी कर रहे थे। पर्यटकों की सुविधा के लिए अधिकतर शिल्पकारों ने स्वैप मशीनें और पेटीएम की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है।
उपायुक्त ने किया श्रीमद्भगवद गीता सदन का दौरा
गीता महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के श्रीमद्भगवद गीता सदन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम स्थल का उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने वीरवार को दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिन-जिन अधिकारियों की ड्यूटियां कार्यक्रम स्थल पर लगी हैं, वे सभी अधिकारी समय रहते सभी प्रबंध पूरा करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कार्यक्रम स्थल पर बनी मीडिया गैलरी और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस मौके पर यमुनानगर के उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, एमडी शुगर मिल जींद अश्विनी मलिक, सीटीएम कंवर सिंह आदि मौजूद थे।
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बुजुर्ग और दिव्यांगों ने ई-रिक्शा से किया अवलोकन
प्रशासन की तरफ से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए शिल्प और सरस मेले का अवलोकन करने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस पर सवार होकर बुजुर्ग शिल्प मेले का अवलोकन सहजता से कर रहे हैं।
बिछड़ों को मिला रहा सूचना केंद्र
गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के मुख्य द्वार पर जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने सूचना केंद्र स्थापित किया है। यह बिछड़ों को मिला रहा है। डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस सूचना केंद्र से अब तक 450 सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा चुका है।
आठ राज्यों के 100 से ज्यादा कलाकार कल से दिखाएंगे लोक कला
उत्तर प्रदेश का मयूर नृत्य गीता महोत्सव में पर्यटकों को देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में आठ राज्यों के 100 से ज्यादा कलाकार 25 नवंबर से अपने-अपने प्रदेश की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। मुंबई, नागपुर के 10 से ज्यादा कलाकारों ने ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी तट पर रंग बिरेंगे रंगों से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को दिखाने का प्रयास किया है। उपायुक्त ने कहा कि गीता महोत्सव में पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के 100 कलाकार 17 नवंबर से अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्यो की प्रस्तुति दे रहे हैं।
विभिन्न राज्यों के पेंटर आज से बिखेरेंगे रंग
24 नवंबर से हरियाणा महाराष्ट्र, उड़ीसा, एमपी, चंडीगढ़ और गुजरात के 10 पेंटरों का ग्रुप महोत्सव में पहुंच कर विभिन्न रंगों से पेंटिंग बनाएगा। एनजेडसीसी पटियाला की तरफ से उड़ीसा का गोटीपुआ, उतर प्रदेश का मयूर नृत्य आसाम का बरदोई सिकला, गुजरात का डांडिया, त्रिपुरा का होजागिरी, पश्चिम बंगाल का छाऊ, मध्य प्रदेश का गंगौर और बिहार का झिजिया के लोक नृत्य की प्रस्तुति भी 25 नवंबर से शुरू हो जाएगी।
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कुरुक्षेत्र।
ढेरु, गायन गाथा, बाजीगर कला और कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं के कलाकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर समां बांध रहे हैं। महोत्सव में चार प्रदेशों की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष पेश किया जा रहा है। शिल्प मेले के सातवें दिन प्रदेश के विभिन्न गांवों के लोक कलाकारों ने ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन की प्रस्तुति दी। इन लोक कलाकारों ने ढेरु गाथा गायन के जरिए गुरु गोरख नाथ जी की गाथा, जवाहर गोगा पीर की गाथाओं का गुणगान किया। इन लोक कलाकारों का कहना है कि यह लोक कला विलुप्त करने के कगार पर है। गीता महोत्सव से लोक कलाओं को जीवित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
शिल्प और सरस मेले में पर्यटकों ने वीरवार को जमकर खरीददारी की। पर्यटक ब्रह्मसरोवर के तट पर खिली धूप में विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद चख रहे थे तो स्टालों पर खरीददारी भी कर रहे थे। पर्यटकों की सुविधा के लिए अधिकतर शिल्पकारों ने स्वैप मशीनें और पेटीएम की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है।
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उपायुक्त ने किया श्रीमद्भगवद गीता सदन का दौरा
गीता महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के श्रीमद्भगवद गीता सदन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम स्थल का उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने वीरवार को दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिन-जिन अधिकारियों की ड्यूटियां कार्यक्रम स्थल पर लगी हैं, वे सभी अधिकारी समय रहते सभी प्रबंध पूरा करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कार्यक्रम स्थल पर बनी मीडिया गैलरी और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस मौके पर यमुनानगर के उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, एमडी शुगर मिल जींद अश्विनी मलिक, सीटीएम कंवर सिंह आदि मौजूद थे।
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बुजुर्ग और दिव्यांगों ने ई-रिक्शा से किया अवलोकन
प्रशासन की तरफ से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए शिल्प और सरस मेले का अवलोकन करने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस पर सवार होकर बुजुर्ग शिल्प मेले का अवलोकन सहजता से कर रहे हैं।
बिछड़ों को मिला रहा सूचना केंद्र
गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के मुख्य द्वार पर जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने सूचना केंद्र स्थापित किया है। यह बिछड़ों को मिला रहा है। डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस सूचना केंद्र से अब तक 450 सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा चुका है।
आठ राज्यों के 100 से ज्यादा कलाकार कल से दिखाएंगे लोक कला
उत्तर प्रदेश का मयूर नृत्य गीता महोत्सव में पर्यटकों को देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में आठ राज्यों के 100 से ज्यादा कलाकार 25 नवंबर से अपने-अपने प्रदेश की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। मुंबई, नागपुर के 10 से ज्यादा कलाकारों ने ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी तट पर रंग बिरेंगे रंगों से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को दिखाने का प्रयास किया है। उपायुक्त ने कहा कि गीता महोत्सव में पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के 100 कलाकार 17 नवंबर से अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्यो की प्रस्तुति दे रहे हैं।
विभिन्न राज्यों के पेंटर आज से बिखेरेंगे रंग
24 नवंबर से हरियाणा महाराष्ट्र, उड़ीसा, एमपी, चंडीगढ़ और गुजरात के 10 पेंटरों का ग्रुप महोत्सव में पहुंच कर विभिन्न रंगों से पेंटिंग बनाएगा। एनजेडसीसी पटियाला की तरफ से उड़ीसा का गोटीपुआ, उतर प्रदेश का मयूर नृत्य आसाम का बरदोई सिकला, गुजरात का डांडिया, त्रिपुरा का होजागिरी, पश्चिम बंगाल का छाऊ, मध्य प्रदेश का गंगौर और बिहार का झिजिया के लोक नृत्य की प्रस्तुति भी 25 नवंबर से शुरू हो जाएगी।