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अब मनोरोग से लेकर विष पीड़ित मरीजों को भी मिल पाएगा आयुर्वेदिक ईलाज

Mon, 25 Jun 2018 12:16 AM IST
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:16 AM IST
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अब  मनोरोग से लेकर विष पीड़ित मरीजों को भी मिल पाएगा आयुर्वेदिक ईलाज
सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र। मनोराग से लेकर विष पीड़ित मरीजों को भी अब आयुर्वेदिक इलाज कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, उन्हें प्रदेश के एकमात्र श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में ही इलाज मिल पाएगा। इसके लिए न केवल प्रक्रिया शुरू कर दी गई है बल्कि अगले छह माह तक मरीजों को यह सुविधा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। गांव फतुहपुर में प्रस्तावित प्रदेश की पहली आयुष यूनिवर्सिटी के साथ ही अब आयुर्वेद को बढ़ावा देने और इस पद्धति से मरीजों को अधिक से अधिक व बेहतर इलाज देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक कदम ओर आगे बढ़ा दिया है। जिसके चलते आयुर्वेदिक अस्पताल में अब मनोराग व विष विज्ञान सहित कॉलेज में पढ़ाई जा रहे सभी 14 विभागों की ओपीडी शुरू की जाएंगी। इस पर न केवल प्रदेश सरकार ने मुहर लगा दी है बल्कि आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी प्रक्रिया को तेज करते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर अस्पताल भवन को इन ओपीडी अनुसार तैयार किए जाने के लिए अवगत करवा दिया है। जहां अस्पताल के साथ ही स्थित श्री कृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में 14 विभागों के तहत अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है वहीं अस्पताल में अभी तक इनमें से सात विभागों से संबंधित ओपीडी ही चलाई जा रही है, जिसके चलते कई अन्य प्रकार की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को आयुर्वेदिक इलाज नहीं मिल पाता था, लेकिन अब सरकार व विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से बनाई गई योजना सिरे चढ़ी तो इन मरीजों को भी यह इलाज मिल पाएगा।


अस्पताल में अभी यह है ओपीडी

काया चिकित्सा
शल्य चिकित्सा
शालक्य चिकित्सा
कौमार भ्रत्य ( बाल रोग)
प्रसूति तंत्र
स्वास्थ्य वृत
पंचक्रम

अब ये ओपीडी भी होंगी शुरू

मनोविकार विभाग
रसायन और वाजीकरण विभाग
अंगद तंत्र (विष विज्ञान)
योगा

इनके साथ एमडी कोर्स से संबंधित तीन अन्य विभागों की ओपीडी भी शुरू किए जाने की योजना है।



हर रोज होती है करीब 350 ओपीडी, अब बढ़ेंगी

अस्पताल में सात विभागों की ही ओपीडी के चलते सामान्य दिनों में जहां हर रोज करीब 350 से 400 तक ओपीडी होती है तो वहीं अब इतने ही दूसरे विभागों से संबंधित ओपीडी भी शुरू होने के बाद यह संख्या 700 के पार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मरीजों के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी बढे़ंगी

100 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल में अभी सात विभागों की ओपीडी की जा रही है जबकि ओपीडी बढ़ाने के साथ ही अब मरीजों के लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी। संभावना जताई जा रही है बेड क्षमता भी बढ़ाई जाए तो वहीं ओपीडी में मिलने वाली दूसरी सुविधाएं भी मरीजों को दी जाएंगी।
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कॉलेज में छुट्टियों के दौरान भी अस्पताल में तैनात रहेंगे चिकित्सक

आयुर्वेदिक कॉलेज में हर वर्ष मई माह के मध्य से लेकर लगातार दो माह के लिए तो वहीं दिसंबर माह में करीब 15 दिनों के लिए छुट्टियां होती है, जिसके चलते अस्पताल में तैनात अधिकतर चिकित्सक भी छुट्टियों में मशगूल दिखाई देते है, जिससे मरीजों को खामियाजा भुगतना पड़ता है, लेकिन अब इन दिनों में भी हर समय चिकित्सक तैनात रखे जाने की योजना तैयार की जा रही है। विभाग व विश्वविद्यालय के कुलपति इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वर्ष से मरीजों के इलाज पर कॉलेज की छुट्टियों का असर नहीं पड़ेगा।



अगले छह माह तक नई ओपीडी शुरू करने के हैं प्रयास : कुलपति

आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बलदेव धीमान का कहना है कि अस्पताल में ओपीडी बढ़ाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। विभाग व सरकार की ओर से मंजूरी के साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग को भी अस्पताल भवन में व्यवस्था किए जाने को लेकर पत्र लिख दिया गया है। प्रयास है कि अगले छह माह तक ये ओपीडी भी शुुरू कर दी जाएं, ताकि मरीजों को इलाज मिल सके। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है और इसी के चलते ही अस्पताल में ओपीडी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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