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एसजीपीसी प्रधान कृपाल सिंह बडूंगर कर रहे हरियाणा की जनता को गुमराह : झींडा ं
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:24 AM IST
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एसजीपीसी प्रधान बडूंगर कर रहे हरियाणा की जनता को गुमराह : झींडा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि एसजीपीसी के पूर्व प्रधानों की तरह वर्तमान प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर भी पिछले एक साल से हरियाणा की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रो.बडूंगर ने पदभार संभालने के बाद दावा किया था कि मीरी-पीरी कॉलेज ऑॅफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च शाहाबाद मारकंडा में वर्ष 2018 में शिक्षा सत्र शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास सामने आना तो दूर, अभी तक इस परियोजना के लिए एनओसी भी नहीं ली गई है। वे डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। झींडा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में तो एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क यह दुखड़ा रोते रहे कि कांग्रेस सरकार मीरी-पीरी संस्थान की एनओसी में रोड़े अटका रही है, जबकि मौजूदा भाजपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज स्वयं अमृतसर जा कर इस संस्थान को एनओसी देने की पेशकश कर चुके हैं। इतना ही नहीं, करीब एक वर्ष पूर्व आदेश मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि मीरी पीरी संस्थान को एनओसी देने के लिए सरकार तैयार है। झींडा ने मांग की कि एसजीपीसी इस पर श्वेत पत्र जारी करके हरियाणा की संगत को स्पष्ट करें कि मीरी पीरी संस्थान को एनओसी अभी तक क्यों नहीं मिली।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि एसजीपीसी के पूर्व प्रधानों की तरह वर्तमान प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर भी पिछले एक साल से हरियाणा की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रो.बडूंगर ने पदभार संभालने के बाद दावा किया था कि मीरी-पीरी कॉलेज ऑॅफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च शाहाबाद मारकंडा में वर्ष 2018 में शिक्षा सत्र शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास सामने आना तो दूर, अभी तक इस परियोजना के लिए एनओसी भी नहीं ली गई है। वे डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। झींडा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में तो एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क यह दुखड़ा रोते रहे कि कांग्रेस सरकार मीरी-पीरी संस्थान की एनओसी में रोड़े अटका रही है, जबकि मौजूदा भाजपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज स्वयं अमृतसर जा कर इस संस्थान को एनओसी देने की पेशकश कर चुके हैं। इतना ही नहीं, करीब एक वर्ष पूर्व आदेश मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि मीरी पीरी संस्थान को एनओसी देने के लिए सरकार तैयार है। झींडा ने मांग की कि एसजीपीसी इस पर श्वेत पत्र जारी करके हरियाणा की संगत को स्पष्ट करें कि मीरी पीरी संस्थान को एनओसी अभी तक क्यों नहीं मिली।