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मथाना डंपिंग पॉईंट बंद नहीं किया तो गांव के 50 लोग करेंगे डीसी कार्यालय पर आत्मदाह !
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:40 AM IST
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5 तक डंपिंग प्वाइंट बंद न किया तो 50 लोग करेंगे डीसी ऑफिस पर आत्मदाह
- मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद करने के लिए ग्रामीणों ने डीसी के नाम एसडीएम को सौंपे शपथ पत्र, इच्छामृत्यु की मांगी इजाजत
- डीसी कार्यालय व विधायक सुभाष सुधा आवास पर दिया धरना, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना स्थित डंपिंग प्वाइंट बंद करने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन को पांच सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही चेतावनीदी है कि डंपिंग प्वाइंट जल्द बंद नहीं किया तो गांव के 50 लोग डीसी कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे।
20 दिनों से डंपिंग प्वाइंट के विरोध में आंदोलन चला रहे भाकियू कार्यकर्ता व ग्रामीण सुबह ही डीसी कार्यालय पर पहुंचे। यहां भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश के नेतृत्व में धरना दिया। करीब दो घंटे तक रोष जताने के बाद एसडीएम लाडवा कंवर सिंह को इच्छामृत्यु को लेकर शपथ पत्र सौंपे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पांच सितंबर तक इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो डीसी कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे। इसके बाद वे विधायक सुभाष सुधा के आवास पर पहुंचे और धरना दिया। गांव में भी भूख हड़ताल जारी रखी। वीरवार से वहां से धरना व भूख हड़ताल हटाकर विधायक आवास पर ही शुरू करने की घोषणा कि। प्रदर्शनकारियों को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश, प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना, प्रचार सचिव स्वामी इंद्र, बलविंद्र बाजवा मौजूद रहे।
एसडीएम ने तीन दिन में कचरा बंद करने का दिया भरोसा
भाकियू नेताओं ने बताया कि उन्हें एसडीएम कंवर सिंह ने भरोसा दिया है कि कचरा डालने के लिए दूसरी जगह चिह्नि कर ली गई है। तीन दिन में मथाना डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डालना बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एसडीएम को स्पष्ट कर दिया है कि कचरा डालना बंद होने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
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जीना हुआ दूभर, पशु भी मर रहे
इच्छामृत्यु की इजाजत दिए जाने की मांग करने वाले लोगों ने शपथ पत्रों में आरोप लगाते हुए कहा कि डंपिंग प्वाइंट बनाए जाने के बाद वहां पानी जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारियां फैल रही है। उनका जीना दुभर हो चुका है। लोग बीमार हो रहे है तो कई पशु भी मर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कचरा नगर परिषद थानेसर द्वारा गैर कानूनी तरीके से डाला जा रहा है और सरकार की ओर से जारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है।ं उन्होंने कहा कि आज के बाद उन्हें कोई मानसिक व शारीरिक नुकसान हुआ तो उसके जिम्मेदार प्रदेश सरकार व जिला उपायुक्त होंगे।
इन्होंने दिए डीसी के नाम इच्छामृत्यु की इजाजत दिए जाने के शपथ पत्र
संदीप कुमार, पोरस, मनजीत, रोशन लाल, मुकेश कुमार, महेंद्र सिंह, पवन कुमार, राजेश कुमार, इंद्र, श्रीचंद, गुलशन, गौरव, भीम सिंह, प्रवीण सिंह, कर्म सिंह, मेवा राम, कृष्ण कुमार, रणधीर सिंह, रामपाल, जिया लाल, राजेश कुमार, पवन कुमार, अंकित कुमार, इश्म सिंह, नरेश, सुभाष, बलवंत, गुरमीत, हनी सिंह, जसमेर सिंह, बल सिंह, रवि चौहान, राजकुमार, शेर सिंह, मामलू राम, सुलतान सिंह, दीपक बतान, प्रवीण कुमार, सुरेश कुमार, रमेश, सलिंद्र, रणधीर सिंह, देवेंद्र सिंह, महिंद्र।
नई जगह मिली, अगले दो-तीन दिन में कचरा वहीं डालेंगे : भारती
मामले को लेकर जहां डीसी डॉ. एसएस फुलिया से संपर्क नहीं हो पाया वहीं नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि कचरा डालने के लिए प्रशासन ने दूसरी जगह चिह्नित कर ली है। अगले दो-तीन दिन में यहां कचरा डालना शुरू कर दिया जाएगा। इस मामले के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एक जुलाई से किया जा रहा विरोध, छह दिन से भूख हड़ताल
भाकियू प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना के अनुसार 17 माह से उक्त डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डाला जा रहा है, जिससे हवा-पानी व पूरा वातावरण दूषित हो चुका है। इसका असर पशुओं से लेकर खेतों में फसलों पर भी पड़ने लगा है। इसी के चलते ही गांववासियों द्वारा एक जुलाई से इसे बंद करने की मांग को लेकर विरोध किया जा रहा है , जिसके चलते 10 अगस्त से धरना दिया जा रहा तो छह दिन से भूख हड़ताल की जा रही है।
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5 तक डंपिंग प्वाइंट बंद न किया तो 50 लोग करेंगे डीसी ऑफिस पर आत्मदाह
- मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद करने के लिए ग्रामीणों ने डीसी के नाम एसडीएम को सौंपे शपथ पत्र, इच्छामृत्यु की मांगी इजाजत
- डीसी कार्यालय व विधायक सुभाष सुधा आवास पर दिया धरना, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना स्थित डंपिंग प्वाइंट बंद करने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन को पांच सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही चेतावनीदी है कि डंपिंग प्वाइंट जल्द बंद नहीं किया तो गांव के 50 लोग डीसी कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे।
20 दिनों से डंपिंग प्वाइंट के विरोध में आंदोलन चला रहे भाकियू कार्यकर्ता व ग्रामीण सुबह ही डीसी कार्यालय पर पहुंचे। यहां भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश के नेतृत्व में धरना दिया। करीब दो घंटे तक रोष जताने के बाद एसडीएम लाडवा कंवर सिंह को इच्छामृत्यु को लेकर शपथ पत्र सौंपे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पांच सितंबर तक इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो डीसी कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे। इसके बाद वे विधायक सुभाष सुधा के आवास पर पहुंचे और धरना दिया। गांव में भी भूख हड़ताल जारी रखी। वीरवार से वहां से धरना व भूख हड़ताल हटाकर विधायक आवास पर ही शुरू करने की घोषणा कि। प्रदर्शनकारियों को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश, प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना, प्रचार सचिव स्वामी इंद्र, बलविंद्र बाजवा मौजूद रहे।
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एसडीएम ने तीन दिन में कचरा बंद करने का दिया भरोसा
भाकियू नेताओं ने बताया कि उन्हें एसडीएम कंवर सिंह ने भरोसा दिया है कि कचरा डालने के लिए दूसरी जगह चिह्नि कर ली गई है। तीन दिन में मथाना डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डालना बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एसडीएम को स्पष्ट कर दिया है कि कचरा डालना बंद होने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
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जीना हुआ दूभर, पशु भी मर रहे
इच्छामृत्यु की इजाजत दिए जाने की मांग करने वाले लोगों ने शपथ पत्रों में आरोप लगाते हुए कहा कि डंपिंग प्वाइंट बनाए जाने के बाद वहां पानी जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारियां फैल रही है। उनका जीना दुभर हो चुका है। लोग बीमार हो रहे है तो कई पशु भी मर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कचरा नगर परिषद थानेसर द्वारा गैर कानूनी तरीके से डाला जा रहा है और सरकार की ओर से जारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है।ं उन्होंने कहा कि आज के बाद उन्हें कोई मानसिक व शारीरिक नुकसान हुआ तो उसके जिम्मेदार प्रदेश सरकार व जिला उपायुक्त होंगे।
इन्होंने दिए डीसी के नाम इच्छामृत्यु की इजाजत दिए जाने के शपथ पत्र
संदीप कुमार, पोरस, मनजीत, रोशन लाल, मुकेश कुमार, महेंद्र सिंह, पवन कुमार, राजेश कुमार, इंद्र, श्रीचंद, गुलशन, गौरव, भीम सिंह, प्रवीण सिंह, कर्म सिंह, मेवा राम, कृष्ण कुमार, रणधीर सिंह, रामपाल, जिया लाल, राजेश कुमार, पवन कुमार, अंकित कुमार, इश्म सिंह, नरेश, सुभाष, बलवंत, गुरमीत, हनी सिंह, जसमेर सिंह, बल सिंह, रवि चौहान, राजकुमार, शेर सिंह, मामलू राम, सुलतान सिंह, दीपक बतान, प्रवीण कुमार, सुरेश कुमार, रमेश, सलिंद्र, रणधीर सिंह, देवेंद्र सिंह, महिंद्र।
नई जगह मिली, अगले दो-तीन दिन में कचरा वहीं डालेंगे : भारती
मामले को लेकर जहां डीसी डॉ. एसएस फुलिया से संपर्क नहीं हो पाया वहीं नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि कचरा डालने के लिए प्रशासन ने दूसरी जगह चिह्नित कर ली है। अगले दो-तीन दिन में यहां कचरा डालना शुरू कर दिया जाएगा। इस मामले के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एक जुलाई से किया जा रहा विरोध, छह दिन से भूख हड़ताल
भाकियू प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना के अनुसार 17 माह से उक्त डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डाला जा रहा है, जिससे हवा-पानी व पूरा वातावरण दूषित हो चुका है। इसका असर पशुओं से लेकर खेतों में फसलों पर भी पड़ने लगा है। इसी के चलते ही गांववासियों द्वारा एक जुलाई से इसे बंद करने की मांग को लेकर विरोध किया जा रहा है , जिसके चलते 10 अगस्त से धरना दिया जा रहा तो छह दिन से भूख हड़ताल की जा रही है।