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ई-पंचायत सिस्टम के विरोध में सरपंचों ने दूसरे दिन भी दिया धरना
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:28 AM IST
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ई-पंचायत सिस्टम के विरोध में सरपंचों ने दूसरे दिन भी दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। ब्लॉक के सरपंचों ने शनिवार को दूसरे दिन भी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर ई-पंचायत प्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई। धरना दे रहे सरपंचों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जसविंद्र ध्यांगला की अगुवाई में दिए गए धरने में दूसरे दिन नाममात्र के ही सरपंच जुटे।
सुबह नौ बजे शुरू किए गए धरने में दोपहर तक लाडवा की 63 पंचायतों में से मात्र नौ गांवों के सरपंच या उनके परिजन पहुंचे। सरपंचों की भीड़ जुटाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार मोबाइल पर संपर्क साधते रहे। दोपहर बाद कुछ अन्य सरपंच और उनके परिजन धरने में शामिल हुए। सरकार के कड़े तेवर के चलते ग्राम सचिवों ने धरने से दूरी बनाए रखी। सरपंच बीडीपीओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जसविंद्र ध्यांगला ने बताया कि सरपंच ई-पंचायत सिस्टम और सरकार के सरपंच विरोधी रवैये के कारण धरना दे रही है। बताया कि ई-पंचायत सिस्टम से ऑनलाइन पेमेंट होने से गांवों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। गांवों के विकास के लिए सरपंचों को ई-पंचायत सिस्टम मंजूर नहीं है। अभी सरपंच गेहूं की फसल की कटाई के काम में उलझे हुए हैं, लेकिन उन्हें धरने में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। सोमवार से पूरी तैयारी के साथ शुरू किया जाएगा। धरना दे रहे सरपंचों में छत्रपाल मेहरा, रामप्रशाद शहजादपुर, रणबीर सिंह बनी, मुकेश गुढा, रघबीर बडौंदा, गुरप्रीत सिंह बुढा तथा होशियार सिंह बराहण आदि शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। ब्लॉक के सरपंचों ने शनिवार को दूसरे दिन भी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर ई-पंचायत प्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई। धरना दे रहे सरपंचों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जसविंद्र ध्यांगला की अगुवाई में दिए गए धरने में दूसरे दिन नाममात्र के ही सरपंच जुटे।
सुबह नौ बजे शुरू किए गए धरने में दोपहर तक लाडवा की 63 पंचायतों में से मात्र नौ गांवों के सरपंच या उनके परिजन पहुंचे। सरपंचों की भीड़ जुटाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार मोबाइल पर संपर्क साधते रहे। दोपहर बाद कुछ अन्य सरपंच और उनके परिजन धरने में शामिल हुए। सरकार के कड़े तेवर के चलते ग्राम सचिवों ने धरने से दूरी बनाए रखी। सरपंच बीडीपीओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जसविंद्र ध्यांगला ने बताया कि सरपंच ई-पंचायत सिस्टम और सरकार के सरपंच विरोधी रवैये के कारण धरना दे रही है। बताया कि ई-पंचायत सिस्टम से ऑनलाइन पेमेंट होने से गांवों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। गांवों के विकास के लिए सरपंचों को ई-पंचायत सिस्टम मंजूर नहीं है। अभी सरपंच गेहूं की फसल की कटाई के काम में उलझे हुए हैं, लेकिन उन्हें धरने में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। सोमवार से पूरी तैयारी के साथ शुरू किया जाएगा। धरना दे रहे सरपंचों में छत्रपाल मेहरा, रामप्रशाद शहजादपुर, रणबीर सिंह बनी, मुकेश गुढा, रघबीर बडौंदा, गुरप्रीत सिंह बुढा तथा होशियार सिंह बराहण आदि शामिल रहे।
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