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प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की टपकी छत तो वार्ड को कराया खाली
Updated Sat, 08 Sep 2018 01:06 AM IST
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प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की टपकी छत तो वार्ड को कराया खाली
- मरीजों को किया हॉल में शिफ्ट, रिकॉर्ड भी खराब होने का बना भय
- बारिश व पानी की टंकियों के चलते जर्जर होने लगी छत की नहीं ली सुध
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन अनदेखी के चलते जर्जर होने लगा है, यहीं कारण है कि अब अस्पताल की छत भी मरीजों पर टपकने लगी है। बारिश के सीजन व ऊपर रखी पानी की टंकियों के अलावा यहां डाले गए कबाड़ के चलते छत टपकने से जहां वार्ड से मरीजों को बाहर हॉल में शिफ्ट करना पड़ा वहीं अस्पताल की दवाओं का रिकॉर्ड खराब होने का भी भय बना हुआ है।
अस्पताल की पहली मंजिल पर विभिन्न विभागों से संबंधित वार्ड बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि बारिश के सीजन के अलावा यहां रखी पानी की टंकियों के चलते लंबे समय से छत की सुध नहीं ली गई है, जिसके चलते पिछले दो दिनों से अस्पताल की छत टपकने लगी। हालांकि अभी छत अस्पताल के एक वार्ड, कार्यालय व गैलरी में टपकने लगी, तो यहां से बैड ही बाहर हॉल में शिफ्ट कर दिए गए। अस्पताल के साथ ही स्थित श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में ही आयुष विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद हालांकि कॉलेज व अस्पताल के बाहरी रूप को बेहतर बनाते हुए लीपाई-पुताई भी कराई गई, लेकिन छत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब छत टपकने लगी तो विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लगी। हालांकि विश्वविद्यालय बनने के बाद अस्पताल में जहां कॉलेज में चल रहे सभी विभागों की ओपीडी शुरू की जा चुकी है वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों के चलते ही यहां ओपीडी भी करीब डेढ़ गुना बढ़ गई है और हॉल में भी कई बैड इसी वजह से पहले
छत टपकने पर मरीजों को हॉल में लाया गया : मुकेश
अस्पताल में उपचाराधीन मुकेश मेहला का कहना है कि एक वार्ड में छत टपकने लगी। मरीजों पर पानी गिरने लगा तो उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को भी की, जिसके बाद एक वार्ड से बैड हॉल में शिफ्ट कर दिए गए। यहीं नहीं उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीन अगस्त से पानी की समस्ीया बनी हुई है। नीमा कराने के लिए भी उन्हें महिला कक्ष में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में शिकायत भी दी गई।
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चिकित्सक व इलाज बेहतर, लेकिन छत टपकने से मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी : गुलाब
अस्पताल में ही उपचाराधीन गुलाब सिंह ने बताया कि यहां चिकित्सक से लेकर दवा आदि की बेहतर व्यवस्था है, लेकिन छत से लेकर शौचालयों की सुध नहीं ली जा रही है। छत टपकने से मरीजों को उनके साथ ही हॉल में लाया गया तो वहीं शौचालयों में कही पानी नहीं तो कहीं हर समय बहता रहता है, जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
अस्पताल में हर रोज हो रही करीब 400 ओपीडी
आयुर्वेदिक अस्पताल में जहां कई वर्षो तक दवाओं की भी भारी किल्लत बनी रही थी वहीं करीब एक वर्ष से यहां पर्याप्त मात्रा में मरीजों को दवाएं मिल पा रही है। यहीं नहीं वीसी डॉ बलदेव कुमार धीमान के प्रयासों के चलते सभी 14 विभागों की ओपीडी पिछले माह से की जाने लगी है वहीं अब यहां हर रोज करीब 400 ओपीडी हो रही है।
आनन-फानन में पहुंचे वीसी व रजिस्ट्रार, किया मुआयना
अमर उजाला टीम ने जहां टपकती छत मामले की कवरेज के बाद वीसी डॉ बलदेव कुमार धीमान से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। इसके कुछ ही देर बाद वे आनन-फानन में रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटियान के साथ देर सायं अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने संबंधित प्रशासन से भी बातचीत की। वीसी व रजिस्ट्रार ने बाद में बताया कि मरीजों की ओपीडी बढ़ने के बाद जहां पहले से ही हॉल में मरीजों के लिए बैड लगाए हुए है वहीं टपकती छत को ठीक करने के लिए भी आदेश दे दिए है। जल्द ही इसे दुरूस्त करवा दिया जाएगा।
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प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की टपकी छत तो वार्ड को कराया खाली
- मरीजों को किया हॉल में शिफ्ट, रिकॉर्ड भी खराब होने का बना भय
- बारिश व पानी की टंकियों के चलते जर्जर होने लगी छत की नहीं ली सुध
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन अनदेखी के चलते जर्जर होने लगा है, यहीं कारण है कि अब अस्पताल की छत भी मरीजों पर टपकने लगी है। बारिश के सीजन व ऊपर रखी पानी की टंकियों के अलावा यहां डाले गए कबाड़ के चलते छत टपकने से जहां वार्ड से मरीजों को बाहर हॉल में शिफ्ट करना पड़ा वहीं अस्पताल की दवाओं का रिकॉर्ड खराब होने का भी भय बना हुआ है।
अस्पताल की पहली मंजिल पर विभिन्न विभागों से संबंधित वार्ड बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि बारिश के सीजन के अलावा यहां रखी पानी की टंकियों के चलते लंबे समय से छत की सुध नहीं ली गई है, जिसके चलते पिछले दो दिनों से अस्पताल की छत टपकने लगी। हालांकि अभी छत अस्पताल के एक वार्ड, कार्यालय व गैलरी में टपकने लगी, तो यहां से बैड ही बाहर हॉल में शिफ्ट कर दिए गए। अस्पताल के साथ ही स्थित श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में ही आयुष विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद हालांकि कॉलेज व अस्पताल के बाहरी रूप को बेहतर बनाते हुए लीपाई-पुताई भी कराई गई, लेकिन छत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब छत टपकने लगी तो विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लगी। हालांकि विश्वविद्यालय बनने के बाद अस्पताल में जहां कॉलेज में चल रहे सभी विभागों की ओपीडी शुरू की जा चुकी है वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों के चलते ही यहां ओपीडी भी करीब डेढ़ गुना बढ़ गई है और हॉल में भी कई बैड इसी वजह से पहले
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छत टपकने पर मरीजों को हॉल में लाया गया : मुकेश
अस्पताल में उपचाराधीन मुकेश मेहला का कहना है कि एक वार्ड में छत टपकने लगी। मरीजों पर पानी गिरने लगा तो उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को भी की, जिसके बाद एक वार्ड से बैड हॉल में शिफ्ट कर दिए गए। यहीं नहीं उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीन अगस्त से पानी की समस्ीया बनी हुई है। नीमा कराने के लिए भी उन्हें महिला कक्ष में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में शिकायत भी दी गई।
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चिकित्सक व इलाज बेहतर, लेकिन छत टपकने से मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी : गुलाब
अस्पताल में ही उपचाराधीन गुलाब सिंह ने बताया कि यहां चिकित्सक से लेकर दवा आदि की बेहतर व्यवस्था है, लेकिन छत से लेकर शौचालयों की सुध नहीं ली जा रही है। छत टपकने से मरीजों को उनके साथ ही हॉल में लाया गया तो वहीं शौचालयों में कही पानी नहीं तो कहीं हर समय बहता रहता है, जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
अस्पताल में हर रोज हो रही करीब 400 ओपीडी
आयुर्वेदिक अस्पताल में जहां कई वर्षो तक दवाओं की भी भारी किल्लत बनी रही थी वहीं करीब एक वर्ष से यहां पर्याप्त मात्रा में मरीजों को दवाएं मिल पा रही है। यहीं नहीं वीसी डॉ बलदेव कुमार धीमान के प्रयासों के चलते सभी 14 विभागों की ओपीडी पिछले माह से की जाने लगी है वहीं अब यहां हर रोज करीब 400 ओपीडी हो रही है।
आनन-फानन में पहुंचे वीसी व रजिस्ट्रार, किया मुआयना
अमर उजाला टीम ने जहां टपकती छत मामले की कवरेज के बाद वीसी डॉ बलदेव कुमार धीमान से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। इसके कुछ ही देर बाद वे आनन-फानन में रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटियान के साथ देर सायं अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने संबंधित प्रशासन से भी बातचीत की। वीसी व रजिस्ट्रार ने बाद में बताया कि मरीजों की ओपीडी बढ़ने के बाद जहां पहले से ही हॉल में मरीजों के लिए बैड लगाए हुए है वहीं टपकती छत को ठीक करने के लिए भी आदेश दे दिए है। जल्द ही इसे दुरूस्त करवा दिया जाएगा।