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मनमानी रीडिंग, मनमाने बिल से उपभोक्ता परेशान, अधिकारी निजी कंपनी पर फोड़ रहे ठीकरा
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:49 AM IST
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मनमानी रीडिंग, मनमाने बिल से उपभोक्ता परेशान, अधिकारी निजी कंपनी पर फोड़ रहे ठीकरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मनमानी रीडिंग और मनमाने बिल देखकर बिजली उपभोक्ताओं के होश उड़ रहे है। करीब 15 दिनों से बिल से परेशान उपभोक्ता बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां पर अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। अब कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक इस गलती का ठीकरा इस कार्य में लगी निजी कंपनी पर फोड़ रहे हैं। साथ ही भविष्य में व्यवस्था दुरुस्त करने दावे कर रहे हैं।
फरवरी में बिजली के बिल आए तो उन्हें देख उपभोक्ता चकराने लगे। जिन उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग करीब 500 तक रहती थी, उनकी अचानक 1500 तक पहुंच गई थी। एक हजार रुपये तक आने वाला बिल अचानक ही 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गया। यह देख उपभोक्ता बिजली कार्यालय पहुंचने लगे। वहां पर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। बिल से परेशान उपभोक्ता जल्द बिल सही कराने के लिए कार्यालय खुलने से पहले ही पहुंच जाते हैं। इस दौरान कई बार उनकी बहस कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक से हो रही है।
समझ नहीं आ रही, कैसे आ रहे इतने बिल
बिजली उपभोक्ता संपूर्ण सिंह, राजबीर, सुरेंद्र कुमार, हरज्ञान सिंह आदि का कहना है कि उनके बिल कई गुना तक अधिक आए हैं। वह पहले की तरह ही बिजली का उपयोग कर रहे हैं। उनके बिलों में रीडिंग भी गलत दर्शाई गई है। इस संबंध में वह अधिकारियों के पास जाते हैं तो वहां पहले से भीड़ लगी होती है। बिल सही कराने के लिए वह लगातार दो दिन से बिजली कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन उनके बिल ठीक नहीं हो पाए हैं।
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अब सीएमआरआई से ली जाएंगी मीटर रीडिंग
बड़े स्तर पर गलत रीडिंग लिए जाने के बाद लोगों की कार्यालयों पर बढ़ती भीड़ को देख अधिकारियों ने सबक लिया है। मार्च से मीटर रीडिंग लेने वाली फर्म के कर्मी कॉमन मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई ) से ही मीटर रीडिंग लेंगे। इससे मीटर में वायर लगा सीधे निगम के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, ताकि वास्तविक रीडिंग निगम के रिकॉर्ड में पहुंच सके और बिल सही आए।
चार माह पहले ही दिया है फर्म को काम
बता दें कि मीटर रीडिंग लेने और बिल बांटने का कार्य करीब चार माह पहले ही ई-टेंडंरिंग के माध्यम से निजी फर्म को दिया गया था। निगम के अधिकारियों की मानें तो फर्म की ओर से बिना जानकारी वाले लोगों से मीटर रीडिंग करवाई गई है। इस वजह से बिल गलत आए हैं।
फर्म की गलती की भुगत रहे सजा, भेजी रिपोर्ट : एसडीओ
निगम के एसडीओ रणवीर सिंह का कहना है कि फर्म की गलती की वजह से बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं के बिल गलत आए हैं। इसकी सजा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को भुगतनी पड़ रही है। सभी अपने दूसरे काम छोड़ बिल दुरुस्त करने लगे हैं। फर्म की इस स्थिति की पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। इस पर उच्च अधिकारियों ने आदेश दिए है कि अब फर्म के कर्मी सीएमआरआई के माध्यम से ही मीटर रीडिंग लेंगे। इस बारे मेें संबंधित फर्म के किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मनमानी रीडिंग और मनमाने बिल देखकर बिजली उपभोक्ताओं के होश उड़ रहे है। करीब 15 दिनों से बिल से परेशान उपभोक्ता बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां पर अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। अब कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक इस गलती का ठीकरा इस कार्य में लगी निजी कंपनी पर फोड़ रहे हैं। साथ ही भविष्य में व्यवस्था दुरुस्त करने दावे कर रहे हैं।
फरवरी में बिजली के बिल आए तो उन्हें देख उपभोक्ता चकराने लगे। जिन उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग करीब 500 तक रहती थी, उनकी अचानक 1500 तक पहुंच गई थी। एक हजार रुपये तक आने वाला बिल अचानक ही 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गया। यह देख उपभोक्ता बिजली कार्यालय पहुंचने लगे। वहां पर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। बिल से परेशान उपभोक्ता जल्द बिल सही कराने के लिए कार्यालय खुलने से पहले ही पहुंच जाते हैं। इस दौरान कई बार उनकी बहस कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक से हो रही है।
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समझ नहीं आ रही, कैसे आ रहे इतने बिल
बिजली उपभोक्ता संपूर्ण सिंह, राजबीर, सुरेंद्र कुमार, हरज्ञान सिंह आदि का कहना है कि उनके बिल कई गुना तक अधिक आए हैं। वह पहले की तरह ही बिजली का उपयोग कर रहे हैं। उनके बिलों में रीडिंग भी गलत दर्शाई गई है। इस संबंध में वह अधिकारियों के पास जाते हैं तो वहां पहले से भीड़ लगी होती है। बिल सही कराने के लिए वह लगातार दो दिन से बिजली कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन उनके बिल ठीक नहीं हो पाए हैं।
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अब सीएमआरआई से ली जाएंगी मीटर रीडिंग
बड़े स्तर पर गलत रीडिंग लिए जाने के बाद लोगों की कार्यालयों पर बढ़ती भीड़ को देख अधिकारियों ने सबक लिया है। मार्च से मीटर रीडिंग लेने वाली फर्म के कर्मी कॉमन मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (सीएमआरआई ) से ही मीटर रीडिंग लेंगे। इससे मीटर में वायर लगा सीधे निगम के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, ताकि वास्तविक रीडिंग निगम के रिकॉर्ड में पहुंच सके और बिल सही आए।
चार माह पहले ही दिया है फर्म को काम
बता दें कि मीटर रीडिंग लेने और बिल बांटने का कार्य करीब चार माह पहले ही ई-टेंडंरिंग के माध्यम से निजी फर्म को दिया गया था। निगम के अधिकारियों की मानें तो फर्म की ओर से बिना जानकारी वाले लोगों से मीटर रीडिंग करवाई गई है। इस वजह से बिल गलत आए हैं।
फर्म की गलती की भुगत रहे सजा, भेजी रिपोर्ट : एसडीओ
निगम के एसडीओ रणवीर सिंह का कहना है कि फर्म की गलती की वजह से बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं के बिल गलत आए हैं। इसकी सजा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को भुगतनी पड़ रही है। सभी अपने दूसरे काम छोड़ बिल दुरुस्त करने लगे हैं। फर्म की इस स्थिति की पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। इस पर उच्च अधिकारियों ने आदेश दिए है कि अब फर्म के कर्मी सीएमआरआई के माध्यम से ही मीटर रीडिंग लेंगे। इस बारे मेें संबंधित फर्म के किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका।