फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   डेरा प्रमियों की दहशत पड़ी भारी, बाजारों में दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित

डेरा प्रमियों की दहशत पड़ी भारी, बाजारों में दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित

Sun, 27 Aug 2017 12:50 AM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
डेरा प्रमियों की दहशत पड़ी भारी, बाजारों में दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित
फोटो 31 से 40
विज्ञापन

दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित
- दूसरे दिन बाजार खुले, नहीं मिले ग्राहक, बाट जोहते रहे दुकानदार
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। डेरा प्रमुख के खिलाफ शुक्रवार को फैसला आने के बाद दूसरे दिन भी धर्मनगरी के बाजारों में डेरा प्रेमियों की दहशत दिखाई दी। इससे दो दिनों में करीब 2 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। फैसला आते ही शुक्रवार को जहां दोपहर बाद एकाएक ही दुकानदारों ने शटर गिरा दिए थे वहीं दूसरे दिन शनिवार को बाजार खुले। हालांकि ग्राहक घरों से नहीं निकले और दुकानदार दिन भर बाट जोहते रहे। करीब 70 फीसदी कारोबार ठप सा रहा तो दुकानदारों के मन में भी कुछ भय सा बना रहा।
दुकानदारों की मानें तो 90 फीसदी बाजार खुले रहे लेकिन 30 फीसदी से भी कम ग्राहक मार्केट में पहुंचे जबकि कुछ दुुकानें दुकानदारों ने अपनी मर्जी से दूसरे दिन भी बंद रखी। मॉल, दुकानें बंद रहने से दुकानदारों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। ईजी डे के बंद होने से 60 हजार से ज्यादा का नुकसान माना जा रहा है वहीं मैकडानल्स के बंद होने के कारण तकरीबन 3 लाख का नुकसान बताया जा रहा। वहीं मॉल के बंद रहने के कारण शहर के एकमात्र सिनेमा हॉल भी बंद रहा है, हॉल में रोजाना तरीबन 16 से ज्यादा शो चलते हैं लेकिन शुक्रवार को मॉल बंद रहने के कारण सिनेमा हॉल को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा है। दूसरी तरफ इसका प्रभाव मॉल के दुकानदारों पर भी पड़ा है, क्योंकि मॉल के दुकानदारों का किराया बहुत ज्यादा है। अगर एक दिन भी दुकान बंद रहती है तो वहां के दुकानदारों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। गौरतलब है कि मॉल में 45 के करीब दुकानें हैं। इनका किराया हजारों में है,ऐसे में मॉल के बंद होने से वहां के दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन


बाजार को लगा है करोड़ों का फटका : गांधी
कुरुक्षेत्र व्यापार मंडल के प्रधान फतेहचंद गांधी का कहना है कि दो दिनों में बाजार को करीब 2 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। बाजार में जहां शुक्रवार को सुबह ही कई दुकानें खुल नहीं पाई वहीं दोपहर बाद सभी दुकानें बंद हो गई, लेकिन दूसरे दिन दुकानदार में कुछ भय सा भी रहा तो ग्राहक मार्केट तक नहीं पहुंचे। पूरे शहर के बाजारों के एक जैसे हालात रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई दिन रहेगा बाजार पर असर : हरिश
मुख्य बाजार में कास्मेटिक सामान व गिफ्ट विक्रेता हरीश कुमार का कहना है कि डेेरा मुखी मामले के बाद हुई हिंसा का असर मार्केट पर कई दिनों तक रहने की आशंका है। फैसले के बाद शनिवार को दुकानें खुली तो दोपहर तक कई दुकानों पर एक भी ग्राहक नहीं पहुंचा। इससे दुकानदारों को बड़ा नुकसान हुआ है।

सूने पड़े हैं बाजार : दिनेश
कपड़ा बाजार के प्रधान दिनेश कक्कड़ का कहना है कि बाजार में भले ही दुकानदारों ने दुकानें सुबह से ही खोल ली हो, लेकिन ग्राहक न के बराबर ही है। लोग भय के चलते घरों से नहीं निकल रहे हैं और सजा के ऐलान तक ऐसा ही माहौल रहने की आशंका है।

34 साल बाद बाजार में कर्फ्यू जैसे बने हालात
धर्मनगरी के बाजारों मेें 34 साल के बाद अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दिए। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरागांधी की हत्या के बाद यह दूसरा मौका था जब पूरी मार्केट बिना किसी घोषणा व आदेश के खुद ही बंद हो गई। कपड़ा मार्केट के प्रधान दिनेश कक्कड़, संजय गोयल, राजेश कुमार आदि कई दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 1984 में जब इंदिरा गांधी की हत्या की गई थी उस दिन भी पूरा बाजार एकाएक ही बिना किसी घोषणा व आदेशों के बंद हो गया था और शुक्रवार को डेरा प्रमुख के मामले पर कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसा ही नजारा बना।

बैंक भी बंद : अशोक कुमार
शहरवासी अशोक कुमार का कहना है कि डेरा प्रमुख के मामले के चलते शहर में मौजूद सभी बैंक बंद हो गए। इसके कारण लोगों को पैसे निकालने में समस्या का सामना करना पड़ा। वहीं बैंकों के बंद रहने के कारण शहर के अधिकतर एटीएम से पैसे निकलने बंद हो गए, जिसके कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

60 हजार से ज्यादा का हुआ नुकसान
ईजी डे के टीम लीडर विक्रम कुमार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से शहर में राम रहीम के मामले के चलते लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। इसके असर ईजी डे पर भी पड़ा। रोजाना सेल 80 हजार से 1 लाख के लगभग रोजाना रहती है, लेकिन शुक्रवार को फैसले के आने के कारण ईजी डे को बंद करना पड़ा।

फैसले के बाद हुआ माहौल खराब
शहर में स्थित विशाल मेगा मार्ट के स्टोर मैनेजर मनोज कुमार का कहना है कि सुबह तक शहर में सामान्य स्थिति थी, लेकिन जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया, तो कुछ वक्त के बाद ही शहर वीरान हो गया। इस कारण विशाल मेगा मार्ट को बंद करना पड़ा। मार्ट में रोजाना 2 लाख तक ही सेल होती है, लेकिन शुक्रवार को मार्ट के बंद होने से 60-70 प्रतिशत काम में नुकसान हुआ।

रोडवेज को 30 लाख तो रेलवे को लगा 10 लाख का फटका
हरियाणा रोडवेज के कुरुक्षेत्र डिपो को शनिवार देर रात तक करीब 30 लाख का फटका लगा तो वहीं रेलवे को करीब 10 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। कुरुक्षेत्र मेन डिपो व पिहोवा सब डिपो सहित 181 बसों में से करीब 160 बसें हर रोज सड़कों पर दौड़ती है, जिनके पिछले दो दिनों से पहिये थमे हुए हैं जबकि रविवार को भी बसें चलने पर संशय देर रात तक बना रहा। उधर कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली करीब सौ से अधिक गाड़ियों के बंद होने से दो दिन में ही करीब 10 लाख का नुकसान आंका जा रहा है। शनिवार को ट्रेन बंद रहने से स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीडीए प्रताप सिंह व पुलिस अधिकारी ही नजर आए। वहीं कुरुक्षेत्र से कैथल व जींद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रेलवे स्टेशन पर ही दो दिनों से आदेशों के बाट जोह रही है।

150 ने टिकट करवाई रद्द
रेलवे स्टेशन पर शनिवार को केवल टिकट रद्द करने व रिजर्वेशन करने के लिए एक ही काउंटर खोला गया, जहां देर सायं तक करीब 150 लोगों ने पहले लिया हुआ टिकट रद्द करवाया तो वहीं 14 लोगों ने रिजर्वेशन का पंजीकरण करवाया।

बेटा बीमार, कैसे जाएं कैथल : ममता
कुरुक्षेत्र की वशिष्ठ कॉलोनी निवासी ममता ने घंटा भर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की इंतजार की लेकिन ट्रेन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उसका बेटा कैथल में बीमार है और बसें बंद होने के चलते वे ट्रेन से जाने के लिए यहां पहुंची थी, लेकिन ट्रेन भी रद्द है और अब कैसे जाया जाएगा, पता नहीं।

केयू के गेट पर लटका रहा ताला
कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मे 25 अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया गया था वही 26 अगस्त को भी विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी बंद रही। इसकी वजह से पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा । केयू के दूसरे गेट पर ताला लटका रहा तो वहीं अन्य सभी गेटों पर भी कड़ी सुरक्षा रही। छात्र सुनील ने बताया कि लाइब्रेरी बंद होने की वजह से हास्टल छात्रों का हास्टल में ही रहना पड़ा।

बंद रहे स्कूल व बस सेवा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पिहोवा क्षेत्र के सभी स्कूल व कॉलेज बंद ही रहे। शुक्रवार को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद शहर पूर्णतया बंद रहा। लेकिन शनिवार को शहर रोजाना की तरह काजकाज चलता रहा। इसके अलावा रोडवेज का पहिया भी पूर्णता जाम ही रहा। बस अड्डा इंचार्ज जगतार सिंह ने बताया कि 28 अगस्त तक रोडवेज की सेवा बंद ही रहेंगी। इस दौरान यदि उन्हें आदेश मिले तो बसें रूट पर भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रात करीब 9 बजे रोडवेज की 15 बसें चलाई गई थी। जो कि पंचकूला से आए यात्रियों लेने लिए अंबाला से कैथल गई थी।


एसडीएम ने दौरा कर लिया क्षेत्र जायजा
पिहोवा। एसडीएम पूजा चावंरिया ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहरी तथा ग्रामीणों क्षेत्रों का दौरा किया। एसडीएम ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को सामाजिक भाईचारा बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। आमजन की सुरक्षा तथा शांति व्यवस्था के पूरे इंतजाम प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह में न आएं। पूरे पिहोवा क्षेत्र में अमन, चैन व शांति है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीमें गठित की गई हैं, जोकि निरंतर अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। वहीं क्षेत्र के सभी नाम चर्चा घरों के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस मौके तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ प्रेम सिंह, एक्सिएन योगराज, नायब तहसीलदार कृष्ण धनखड़, एसडीओ रामपाल, एसके मट्टू, सेक्रेटरी मार्केट कमेटी दीपक सुहाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed