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भ्रष्टाचार : ज्ञानानंद महाराज और गीता पर केडीबी में ‘महाभारत’

Tue, 06 Feb 2018 12:49 AM IST
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:49 AM IST
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भ्रष्टाचार : ज्ञानानंद महाराज और गीता पर केडीबी में ‘महाभारत’
भ्रष्टाचार : ज्ञानानंद महाराज और गीता पर केडीबी में ‘महाभारत’
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्वामी ज्ञानानंद को केडीबी के प्रतिबंधित क्षेत्र में बेशकीमती जमीन कौड़ियों देने और गीता जयंती आयोजन के प्रबंधों में गोलमाल जैसे सात सवालों का आरटीआई में स्टीक उत्तर नहीं मिलने से भड़के आप कार्यकर्ताओं ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के दफ्तर में जमकर हंगामा किया। करीब दो बजे तक केडीबी कार्यालय में एकदम शांति थी, लेकिन थानेसर के विधायक सुभाष सुधा अपने आश्वासन को पूरा कराने के लिए आप कार्यकर्ताओं को लेकर जैसे ही केडीबी कार्यालय पहुंचे, वहां का माहौल गरमा गया। वहां भ्रष्टाचार पर महाभारत जैसा छिड़ गया। पहले कुछ देर तक नारेबाजी हुई। इसके बाद विधायक के कहने पर केडीबी के कार्यालय सचिव ने आरटीआई का जो जवाब दिया, उससे असंतुष्ट होकर आप कार्यकर्ताओं ने शेम, शेम, शेम और चोर, चोर, चोर कहते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही अपनी छाती पीटना शुरू कर दिया।
आप के प्रदेश प्रवक्ता विशाल खुब्बड़ ने मौके पर मौजूद विधायक सुभाष सुधा से जब आरटीआई में दिए गए जवाबों पर सवाल किया तो विधायक केडीबी कार्यालय से बाहर निकल आए और अपनी गाड़ी में सवार होकर बाहर जाने लगे। यह देख आप नेता सुमीत हिंदुस्तानी उनकी गाड़ी के आगे लेटने के लिए तेजी से बाहर आए, मगर तब तक विधायक की गाड़ी केडीबी कार्यालय से निकल चुकी थी। इसके बाहर बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केडीबी कार्यालय के बाहर काफी देर तक छाती पीट-पीट कर हंगामा किया। इस दौरान हरियाणा सरकार, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, जिला प्रशासन और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता विशाल खुब्बड़, राजकुमार पहल, हरजीत सिंह, राजबीर सिंह, गुरमीत सिंह थानेसर संगठन मंत्री ओम सिंह, पिहोवा संगठन मंत्री सुमित हिन्दुस्तानी, शाहाबाद संगठन मंत्री बीर सिंह बोहली, थानेसर हलका अध्यक्ष विजय सिंह, मेवा सिंह आर्य, कृष्ण मराठा, नसीब सिंह, करनैल सिंह, लाडवा संगठन मंत्री बलराम हरदीप सिंह ढिल्लो, प्रेमनाथ जांगड़ा, दिलशाद, सचिन कुमार, जीतेंद्र मराठा, गोपाल मेहरा, रघुवीर चहल, सुरेंद्र सिंह, मुनीष सारसा, जसमेर सारसा, तिलकराज, रमेश लोटनी, विशाल गोयल, पंडित अमरजीत आदि मौजूद थे ।
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खुला संवाद सरकार से...
आज आम आदमी पार्टी ने गीता महोत्सव और ज्ञानानंद के बारे में पूछे गए सवालों को लेकर सोमवार को सन्निहित सरोवर सूर्य द्वार के निकट आम खुला संवाद सरकार से ..रखा था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक घंटे तक धरना दिया और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया । एक घंटे के बाद विधायक सुभाष सुधा मौके पर पहुंचे। विधायक ने कहा कि जिन्होंने आरटीआई लगाई है, उन्हें ले जाकर केडीबी से आरटीआई का जवाब ले आओ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कहा की आप को भी चलना होगा। इसके बाद विधायक केडीबी दफ्तर पहुंच गए और कार्यकर्ताओं को आरटीआई का जवाब दिलाया। लेकिन, कार्यकर्ता आरटीआई के जवाब से असंतुष्ट होकर नारेबाजी करने लगे।
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सवालों का जबाव दिए बगैर पिछले दरवाजे से निकल गए विधायक : खुब्बड़
यह आरटीआई आप कार्यकर्ता सुमन लता ने 15 जनवरी 2018 को लगाई थी। आरटीआई के जवाब से असंतुष्ट होकर उन्होंने कहा की इस आरटीआई में उन्हें केवल गोली दी गई है। आप के प्रदेश प्रवक्ता विशाल खुब्बड़ ने मीडिया को बताया कि उन्होंने आरटीआई का जवाब मिलने के बाद विधायक से आग्रह किया था कि जब तक आरटीआई में मिले जवाबों को नहीं पढ़ते, आप यही पर रहेंगे। इसके बावजूद विधायक जवाब देने से बचने के लिए वहां से निकल गए। खुब्बड़ के मुताबिक कार्यकर्ताओं ने रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन विधायक हाथ जोड़ कर सवालों के जवाब दिए बिना केडीबी के ऑफिस के पिछले दरवाजे से निकल गए ।

पौने चार लाख रुपये में खरीद थी 10 गीता, किस-किस को दीं नहीं दी जानकारी
आम आदमी पार्टी के कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के संगठन मंत्री सुखवीर चहल ने बताया कि आरटीआई के अधूरे गोलमोल जवाबों से पता चलता है कि कुरुक्षेत्र में हुए गीता महोत्सव में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें पूरी की पूरी सरकार और अधिकारी लिप्त हैं। उनके मुताबिक केडीबी ने माना है कि उन्होने 3,79,500 रुपये में गीता की 10 प्रतियां खरीदी थीं। लेकिन वह 10 गीता किसे दी गईं, इसके जवाब में केडीबी ने सिर्फ गीता की जानकारी दी है। इसमें बताया है कि करीब 40 हजार रुपये वाली गीता की एक प्रति माननीय राष्ट्रपति को दी, जबकि शेष नौ गीता को महोत्सव के दौरान मुख्य अतथियों को स्मृति चिह्न के रूप में दिया गया है। लेकिन, किसे दिया है, यह नहीं बताया गया
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