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कर्जा मुक्ति के लिए प्रदेश भर से भाकियू निकालेगी किसान कर्जा मुक्ति यात्रा

Tue, 25 Jul 2017 11:55 PM IST
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:55 PM IST
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कर्जा मुक्ति के लिए प्रदेश भर से भाकियू निकालेगी किसान कर्जा मुक्ति यात्रा
फोटो-51
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कर्जा मुक्ति के लिए प्रदेश भर से भाकियू निकालेगी किसान कर्जा मुक्ति यात्रा
- 28 जुलाई फरीदाबाद से शुरू होकर 6 अगस्त सीएम निवास चंडीगढ़ पहुंच सीएम के सामने रखेंगे अपनी बात
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट की बैठक मंगलवार को किसान विश्राम गृह में राष्ट्रीय महासचिव स्वामी इंद्र की अध्यक्षता में हुई। इसमें 28 जुलाई को फरीदाबाद से शुरु होने वाली किसान कर्जा मुक्ति यात्रा को लेकर विचार-विमर्श किया गया। उपाध्यक्ष बलविंद्र बाजवा ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष शमेशर दहिया की अध्यक्षता में होने वाली इस यात्रा को 28 को राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह यात्रा फरीदाबाद से शुरू होकर 6 अगस्त को सीएम निवास चंडीगढ़ पहुंचेगी। जहां किसान अपनी बात को सीएम के सामने रखेंगे। जिन जिलों से निकलेगी वहां तहसील स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर जिलाधीश व एसडीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।
स्वामी इंद्र ने कहा कि सरकार को गेहूं की तरह सब्जियों का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना चाहिए ताकि आलू जैसी फसलें एक रुपये किलो तक न पिट सकें। वहीं सरकार किसानों को दी पाइप लाइन, पशुओं व कृषि उपकरणों के लिए मिलने वाली सब्सिडी को लेकर भी गंभीर नहीं है। सालों से सब्सिडी पाने के लिए किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन सरकार कभी बजट तो कभी नियम, शर्तों व औपचारिकताएं इतनी अधिक लाद कर देती है कि किसान उन्हें पूरा ही नहीं कर पाता। इंद्र ने कहा कि हरित क्रांति के नाम सरकार किसानों को कृषि ऋण, ट्रैक्टर ऋण व महंगे खाद बीज, दवाइयां दी। लेकिन उसके बाद उन्हें पैदावार का उचित मूल्य नहीं दिया। जिससे किसान सरकार के कर्ज तले दब रहे हैं। इसी मानसिक दबाव के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। अब किसानों का मन खेती से भर चुका है। इसलिए किसान खेती छोड़कर दूसरे कामों की ओर भागने को मजबूर है। यदि किसानों ने खेती छोड़ने का फैसला ले लिया तो देश में पैदा होने वाले अनाज का अकाल पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि एक साल में प्रदेश में एक लाख से अधिक किसानों को यूनियन के साथ जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ लगभग 14 प्रदेशों में सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है ताकि यूनियन को मजबूत बनाया जा सके। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुखदेव सिंह, दलबीर बाजवा, अंग्रेज सिंह, गुरजंट सिंह, राजपाल, जोगिंद्र सिंह, जानपाल, जगजीत सिंह, बूटा सिंह, चमनदीप, बलजिंद्र सिंह, संदीप, रविंद्र, जोगा सिंह, गुरलाल सिंह, बलदेव सिंह आदि रहे।
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ये है किसानों की मांग
फसलों पर लागत मूल्य से डेढ़ गुना अधिक मुनाफा किसानों को दिया जाए, किसान का कर्जा माफ करके उसे कर्जा मुक्त किया जाए, दो एकड़ से कम किसानों को बीपीएल श्रेणी में दर्जा दिया जाए और भूमि अधिग्रहण अधिनियम में बदलाव कर किसानों को सेक्शन 24/2 के अंतर्गत अधिग्रहीत की गई भूमि की कीमत दी जाए।
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