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kisan andolan: किसान नेताओं ने दिल्ली-हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर बैठक बुलाई, आंदोलन पर बड़ा फैसला संभव
Tue, 09 Nov 2021 09:12 AM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Tue, 09 Nov 2021 09:12 AM IST
सार
एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) की अहम बैठक कुंडली बॉर्डर पर आज होनी है। किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने से पहले यह बैठक हो रही है। माना जा रहा है कि बैठक में अहम फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले किसानों के तेवर कड़े हो गए हैं। किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
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किसान आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अहम बैठक कुंडली बॉर्डर पर आज दोपहर तीन बजे होनी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि किसानों के आंदोलन को एक साल पूरा होने से पहले होने जा रही बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। मोर्चा के सदस्य मंजीत राय ने कहा कि सरकार को झुकाने के लिए जरूरी है कि कुछ खास निर्णय लिए जाएं। किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने व एमएसपी की गारंटी के लिए 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। 22 जनवरी तक किसानों व सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी थी।
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इसके बाद 26 जनवरी को लाल किले की घटना के बाद से सरकार व किसानों के बीच पैदा हुआ गतिरोध आज तक समाप्त नहीं हुआ है। सरकार की ओर से बातचीत का कोई न्योता नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण किसान अब गुस्से में हैं। उन्होंने जोर दिया कि अब सरकार को झुकाने के लिए किसानों को संघर्ष तेज करना पड़ेगा। ऐसे में वे खुद 9 नवंबर को कुंडली सीमा पर होने वाली बैठक में केजीपी को बंद करने का प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा भी कई कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी मोर्चा को सलाह दे चुके हैं कि अब किसानों को दिल्ली के बॉर्डरों के बजाय दिल्ली के भीतर घुसकर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देना चाहिए। बॉर्डरों को सरकार खोलना चाह रही है तो ऐसे में किसानों के पास भी मौका है कि वे दिल्ली में घुसकर प्रधानमंत्री आवास व संसद का घेराव करें।